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ChatGPT में आया नया Privacy Center, अब एक जगह मिलेंगी सारी प्राइवेसी सेटिंग्स

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Source :- LIVE HINDUSTAN

ChatGPT में नया Privacy Center रोलआउट हो रहा है, जहां Memory, Temporary Chat, डेटा इस्तेमाल, Ads और Connected Apps से जुड़ी जानकारी एक जगह मिलेगी। आइए आपको इस बारे में बताते हैं। 

लोकप्रिय AI कंपनी OpenAI ने ChatGPT यूजर्स के लिए नया Privacy Center फीचर रोलआउट करना शुरू कर दिया है। इसका मकसद यूजर्स को ChatGPT में मौजूद अलग-अलग प्राइवेसी फीचर्स और डेटा कंट्रोल को आसानी से समझने और मैनेज करने में मदद करना है। नए Privacy Center में Memory, चैट प्राइवेसी, डेटा इस्तेमाल, Connected Apps और पर्सनलाइजेशन जैसे विकल्पों से जुड़ी जानकारी एक ही जगह उपलब्ध होगी।

नया Privacy Center ChatGPT की अलग-अलग Privacy Settings को एक जगह पर व्यवस्थित करता है। इसमें यूजर्स को यह जानकारी मिल सकती है कि उनकी चैट और दूसरी जानकारी का इस्तेमाल किस तरह किया जाता है और किन फीचर्स से जुड़ी सेटिंग्स को बदला जा सकता है। हालांकि, Privacy Center खोलने से मौजूदा Privacy Settings अपने आप नहीं बदलेंगी।

पर्सनलाइज्ड चैट्स और ऐड्स का विकल्प

Privacy Center में Personalised chats and ads से जुड़ा एक सेक्शन भी दिया गया है। इसमें Memory और पर्सनलाइजेशन जैसे फीचर्स के बारे में जानकारी मिलेगी। Memory की मदद से ChatGPT पिछली बातचीत से कुछ जानकारी का इस्तेमाल भविष्य के जवाबों को ज्यादा पर्सनलाइज्ड बनाने के लिए कर सकता है। यूजर इससे जुड़ी सेटिंग्स को अपनी जरूरत के अनुसार मैनेज कर सकता है।

इस अपडेट में Chat privacy को भी अलग से जगह दी गई है। यहां Temporary Chat जैसे विकल्पों के बारे में जानकारी मिलेगी। Temporary Chat का इस्तेमाल ऐसी बातचीत के लिए किया जा सकता है जिसे सामान्य चैट हिस्ट्री और पर्सनलाइजेशन से अलग रखा जाए। Privacy Center यूजर को इस फीचर से जुड़ी जानकारी और संबंधित सेटिंग तक पहुंचने का आसान तरीका देता है।

अपनी जानकारी पर मिलेगा कंट्रोल

इसके अलावा Data use and access सेक्शन में डेटा के इस्तेमाल से जुड़े कई विकल्प शामिल हैं। यहां Connected Apps, Multi-Factor Authentication यानी MFA, Model Improvement और डेटा Export या Delete करने जैसे विकल्पों की जानकारी मिल सकती है। कुछ अकाउंट्स में यूजर यह भी नियंत्रित कर सकता है कि उसकी बातचीत का इस्तेमाल OpenAI के मॉडल को बेहतर बनाने के लिए किया जाए या नहीं।

Privacy Center का एक खास पहलू यह है कि यह खुद कोई बदलाव लागू नहीं करता। यानी केवल Privacy Center खोलने से आपकी Memory बंद नहीं होगी, चैट डिलीट नहीं होगी या डेटा इस्तेमाल से जुड़ी सेटिंग नहीं बदलेगी। किसी सेटिंग में बदलाव करने के लिए यूजर को संबंधित विकल्प में जाकर उसे अलग से बदलना होगा।

कई फेज में रोलआउट होगा फीचर

OpenAI के मुताबिक यह फीचर अलग-अलग यूजर्स के अकाउंट, प्लान, रीजन और Workspace Settings के आधार पर अलग समय पर उपलब्ध हो सकता है। वेब पर Privacy Center तक पहुंचने के लिए Account Menu में Help और फिर Privacy Center का विकल्प देखा जा सकता है। मोबाइल ऐप में यह विकल्प Settings के अंदर दिखाई दे सकता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN