Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को जुलाई 2026 के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी का इंतजार है
- 21 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक में DA Hike के ऐलान की उम्मीद जताई जा रही है
- फिलहाल, DA 60% है और इसमें 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने पर यह 63% हो सकता है
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को जुलाई 2026 के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी का इंतजार है। अब सबकी नजरें 21 अक्टूबर को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि सरकार दशहरा के बाद इस बैठक में DA हाइक पर फैसला ले सकती है। हालांकि, सरकार ने अभी तक बढ़ोतरी की तारीख या इसके प्रतिशत को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
फिलहाल, केंद्रीय कर्मचारियों को 60% की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। अगर सरकार जुलाई 2026 के लिए इसमें 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी करती है, तो DA बढ़कर 63% हो सकता है। इससे कर्मचारियों की सैलरी और पेंशनर्स की महंगाई राहत में बदलाव आएगा। हालांकि, 3% बढ़ोतरी का अनुमान है और अंतिम फैसला सरकार की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
21 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक पर क्यों टिकीं निगाहें?
केंद्रीय कर्मचारियों को उम्मीद थी कि 14 अक्टूबर को हुई कैबिनेट बैठक में DA हाइक का ऐलान हो जाएगा। लेकिन, इस बैठक में महंगाई भत्ते को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई। सरकार ने रेलवे कर्मचारियों के लिए प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) को मंजूरी दी, लेकिन जुलाई 2026 के DA संशोधन का इंतजार खत्म नहीं हुआ।
अब कर्मचारी संगठनों की नजर 21 अक्टूबर की अगली कैबिनेट बैठक पर है। ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) के सचिव सी. श्रीकुमार को उम्मीद है कि सरकार इस बैठक में महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
60% से बढ़कर 63% हो सकता है DA
केंद्र सरकार ने पिछली बार अप्रैल 2026 में महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद DA की दर 58% से बढ़कर 60% हो गई थी। इसी अनुपात में पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR) भी बढ़ाई गई थी। अब जुलाई 2026 के संशोधन में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। अगर ऐसा होता है, तो महंगाई भत्ता 60% से बढ़कर 63% हो जाएगा। इससे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी के आधार पर मिलने वाली DA की रकम बढ़ जाएगी।
उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 30,000 रुपये है, तो 60% DA के हिसाब से उसे हर महीने 18,000 रुपये मिलते हैं। DA बढ़कर 63% होने पर यह रकम 18,900 रुपये हो जाएगी, यानी हर महीने 900 रुपये और सालाना 10,800 रुपये का अंतर पड़ेगा। यह गणना केवल DA की रकम पर आधारित है; वास्तविक वेतन में बदलाव अन्य लागू नियमों पर निर्भर कर सकता है।
किस आधार पर तय होता है महंगाई भत्ता?
केंद्र सरकार साल में दो बार महंगाई भत्ते में संशोधन करती है। आमतौर पर ये बदलाव जनवरी और जुलाई से प्रभावी होते हैं। DA की गणना के लिए औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी All-India Consumer Price Index for Industrial Workers (AICPI-IW) के 12 महीने के औसत को आधार बनाया जाता है।
जुलाई 2026 के संशोधन के लिए जुलाई 2025 से जून 2026 तक के आंकड़े प्रासंगिक हैं। महंगाई के आंकड़ों के आधार पर बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा सकता है, लेकिन अंतिम प्रतिशत सरकार ही तय करती है। यह भी जरूरी नहीं है कि DA बढ़ोतरी का ऐलान केवल बुधवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में ही किया जाए। पिछली बढ़ोतरी की घोषणा 18 अप्रैल 2026, शनिवार को हुई थी। इसलिए सिर्फ बैठक के दिन के आधार पर घोषणा की तारीख तय नहीं मानी जा सकती।
कर्मचारी संगठनों ने जल्द घोषणा की मांग की
महंगाई भत्ते में संशोधन का इंतजार कर रहे कर्मचारी संगठनों ने सरकार से जल्द फैसला लेने की अपील की है। AIDEF ने 10 अक्टूबर को लिखे पत्र में कहा था कि जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के कारण केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। संगठन ने जुलाई 2026 के DA संशोधन की जल्द घोषणा करने का अनुरोध किया है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार जल्द फैसला लेकर उन्हें राहत देगी।
फिलहाल, केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा। 21 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक से उम्मीदें जरूर जुड़ी हैं, लेकिन DA 63% होगा या नहीं और बढ़ोतरी कब लागू होगी, इसकी पुष्टि सरकार के फैसले के बाद ही होगी।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN




