Source :- LIVE HINDUSTAN
Gold-Silver Price Crash: सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार (14 सितंबर) को जोरदार गिरावट देखने को मिली। कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच शाम के कारोबार में MCX पर दोनों कीमती धातुओं के भाव करीब 2 फीसदी तक टूट गए। MCX गोल्ड अक्टूबर फ्यूचर्स करीब 1.19 फीसदी गिरकर 1,50,973 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि सिल्वर दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट 1.70 फीसदी की गिरावट के साथ करीब 2,31,000 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रहा था। गणेश चतुर्थी के कारण कमोडिटी मार्केट में दिन के पहले हिस्से में कारोबार बंद था। आइए जरा विस्तार से समझते हैं कि सोने पर आखिर किस चीज का इतना ज्यादा दबाव बन रहा है।
कमजोरी के पीछे सबसे बड़ा कारण?
सोने और चांदी में इस कमजोरी के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका में महंगाई के आंकड़ों को बताया जा रहा है। इसके अलावा दूसरा बड़ा कारण फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंता को भी माना जा रहा है। अमेरिकी महंगाई के आंकड़े अनुमान से ज्यादा रहने के बाद बाजार में यह उम्मीद मजबूत हुई है कि फेड महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरों को बढ़ा सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने पर दबाव दिखाई दिया। दिसंबर डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स लगातार दो कारोबारी सत्रों में 2 फीसदी से ज्यादा टूटकर करीब 4,317.95 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस तक पहुंच गए।
महंगाई के ऊंचे स्तर का असर सोने पर
बाजार में इस सप्ताह फेड के फैसले को लेकर काफी हलचल है। CME FedWatch के मुताबिक, कारोबारियों के बीच इस सप्ताह दर बढ़ने की संभावना करीब 89 फीसदी आंकी जा रही है, जो पिछले सप्ताह के महंगाई आंकड़ों से पहले करीब 67 फीसदी थी। अगस्त में अमेरिका का CPI सालाना आधार पर 3.4 फीसदी और महीने-दर-महीने 0.3 फीसदी बढ़ा। महंगाई के ऊंचे स्तर का असर सोने पर इसलिए पड़ता है, क्योंकि ब्याज दरें बढ़ने पर डॉलर और बॉन्ड यील्ड को सपोर्ट मिल सकता है, जिससे बिना ब्याज देने वाली संपत्ति माने जाने वाले सोने की मांग प्रभावित होती है।
तेल की कीमतों ने बढ़ाई बाजार की चिंता
इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई है। ब्रेंट (Brent) क्रूड करीब 4 फीसद चढ़कर 108 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। सऊदी अरब पर नए हमलों और खाड़ी क्षेत्र में जहाजों पर हमलों की खबरों से तेल बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इससे महंगाई के दोबारा बढ़ने का डर पैदा हुआ है। कमोडिटी एक्सपर्ट के मुताबिक, अब सोने की अगली दिशा फेड के फैसले पर काफी हद तक निर्भर करेगी।
और गिर सकती हैं सोने की कीमतें?
SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज की एक्सपर्ट वंदना भारती के अनुसार, हाल की गिरावट के बाद ब्याज दर बढ़ने की संभावना का कुछ असर सोने की कीमत में पहले ही शामिल हो चुका है। अगर फेड 25 बेसिस पॉइंट की दर बढ़ाता है और आगे भी दरें ऊंची रखने का संकेत देता है, तो सोने में एक और 1-2 फीसदी की गिरावट आ सकती है। वहीं, अगर फेड दरों में बदलाव नहीं करता है, तो शॉर्ट कवरिंग और नई खरीदारी से सोने में तेज रिकवरी संभव है।
कहां तक जाएगा MCX गोल्ड?
इन हालातों को देखते हुए MCX गोल्ड 1,56,000-1,58,000 रुपये तक पहुंच सकता है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव काफी ज्यादा रहने की संभावना है। इसलिए निवेशकों को केवल एक दिन की तेजी या गिरावट देखकर फैसला लेने के बजाय फेड के फैसले, डॉलर, बॉन्ड यील्ड और वैश्विक घटनाक्रम पर नजर रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर- यह एक जानकारी मात्र है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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