Source :- LIVE HINDUSTAN
GST collections data: वैश्विक अनिश्चितता और आर्थिक चुनौतियों के बीच जीएसटी के मोर्चे पर अच्छी खबर आई है। दरअसल, माल एवं सेवा कर (GST) का कुल कलेक्शन जून में 14 प्रतिशत बढ़कर करीब 1.95 लाख करोड़ रुपये हो गया। आंकड़ों के अनुसार, घरेलू ट्रांजैक्शन से ग्रॉस कलेक्शन 6.5 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.35 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसमें केंद्रीय जीएसटी (CGST), राज्य जीएसटी (SGST) और एकीकृत जीएसटी (IGST) क्रमशः 37,376 करोड़ रुपये, 45,116 करोड़ रुपये और 52,282 करोड़ रुपये शामिल हैं। आयात से प्राप्त जीएसटी राजस्व जून में 34.6 प्रतिशत बढ़कर 60,038 करोड़ रुपये हो गया।
रिफंड में भी आया उछाल
आंकड़ों के अनुसार, कुल रिफंड जून में 29.1 प्रतिशत बढ़कर 32,436 करोड़ रुपये रहा। रिफंड को समायोजित करने के बाद नेट जीएसटी कलेक्शन जून में 11.2 प्रतिशत बढ़कर 1.62 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा GST कलेक्शन रहा। इस राज्य में कलेक्शन ₹30,714 करोड़ और कर्नाटक का GST कलेक्शन ₹12,937 करोड़ था जबकि गुजरात में यह ₹11,743 करोड़ रहा। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में ग्रॉस कलेक्शन 8.4 प्रतिशत बढ़कर लगभग 6.32 लाख करोड़ रुपये रहा। इसमें घरेलू लेन-देन से 2.8 प्रतिशत और आयात से 26.2 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
प्रोफेशनल सर्विसेज कंपनी डेलॉयट इंडिया के साझेदार एम.एस. मणि ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण पैदा हुई आर्थिक चुनौतियों के बावजूद जीएसटी कलेक्शन का दो लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंचना देश की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है। वहीं, ईवाई इंडिया के कर साझेदार सौरभ अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी रिफंड में वृद्धि सरकार की वर्किंग कैपिटल को मुक्त करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
एकेएम ग्लोबल में अप्रत्यक्ष कर विभाग के प्रमुख इकेश नागपाल ने बताया कि मई 2026 की तुलना में GST कलेक्शन लगभग स्थिर रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि जीएसटी राजस्व अब एक बार के उछाल के बजाय लगातार उच्च स्तर पर स्थिर हो रहा है। उन्होंने कहा, ” सबसे अहम बात यह है कि आयात से राजस्व में 34.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो घरेलू कलेक्शन की 6.5 प्रतिशत वृद्धि से काफी अधिक है। यह वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद आयात गतिविधियों के जारी रहने को दर्शाता है।”
बता दें कि जीएसटी एक जुलाई, 2017 को लागू हुआ था। इसके जरिये 17 केंद्रीय और राज्य करों के अलावा 13 उपकरों को समाप्त कर दिया गया। इस महीने जीएसटी को लागू हुए नौ वर्ष पूरे हो गए।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN




