Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- ITR भरने की डेडलाइन 31 अक्टूबर 2026 से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी गई है जबकि टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की डेडलाइन 30 सितंबर से बढ़ाकर 21 अक्टूबर की गई है
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) ने असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 के लिए टैक्सपेयर्स की एक खास कैटेगरी यानी कंपनियों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की डेडलाइन बढ़ा दी है। ITR भरने की डेडलाइन 31 अक्टूबर 2026 से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी गई है जबकि टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की डेडलाइन 30 सितंबर से बढ़ाकर 21 अक्टूबर की गई है। इस तरह, पात्र टैक्सपेयर्स को दोनों कामों के लिए 21 दिन का अतिरिक्त समय मिला है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर यह जानकारी दी। इस फैसले से कंपनियों को बड़ी राहत मिलने वाली है। आइए इसके बारे में डिटेल जान लेते हैं।
कर विशेषज्ञ कंपनियों की वैधानिक ऑडिट रिपोर्ट और इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाने की लंबे समय से मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि बिना ऑडिट रिपोर्ट वाले मामलों में इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की 31 अगस्त की समयसीमा के बाद ऑडिट पूरा करने के लिए समय काफी कम रह गया था।
किन लोगों को मिलेगी राहत?
यह एक्सटेंशन इनकम टैक्स एक्ट की धारा 139(1) के एक्सप्लेशन 2 में दी गई सूची के क्रम संख्या 2 में आने वाले टैक्सपेयर्स पर लागू होगा, बशर्ते उन पर सेक्शन 92E लागू न होता हो। इसमें मुख्य रूप से कंपनियां, ऐसे व्यक्ति या संस्थाएं जिनके खातों का इनकम टैक्स एक्ट या किसी अन्य कानून के तहत ऑडिट जरूरी है और ऐसे फर्मों के पार्टनर शामिल हैं, जिनके खातों का ऑडिट कराना जरूरी है। टैक्सपेयर की स्थिति और आय के स्रोत के आधार पर अलग-अलग ITR फॉर्म लागू होंगे।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
नांगिया एंड कंपनी एलएलपी के वरिष्ठ साझेदार अमित अग्रवाल ने कहा कि समयसीमा बढ़ाना यह बताता है कि सीबीडीटी ने मौजूदा अनुपालन अवधि में टैक्सपेयर्स और टैक्स प्रोफेशनल्स के सामने आ रही वास्तविक दिक्कतों को ध्यान में रखा है। अग्रवाल ने कहा, ”अतिरिक्त 21 दिन कारोबारियों को टैक्स ऑडिट पूरा करने, जरूरी मिलान करने और यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त समय देंगे कि इनकम टैक्स रिटर्न में दी गई जानकारी सही हो और दस्तावेज के रूप में उसके उचित प्रमाण उपलब्ध हों।” बता दें कि सैलरीड टैक्सपेयर्स के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई थी। वहीं, कारोबार या पेशे से आय वाले ऐसे टैक्सपेयर्स के लिए अंतिम तारीख 31 अगस्त थी, जिनके खातों का लेखा-परीक्षण कराना जरूरी नहीं है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इससे पहले कहा था कि आकलन वर्ष 2026-27 के लिए 31 अगस्त तक रिकॉर्ड 7.8 करोड़ से अधिक टैक्स रिटर्न दाखिल किए जा चुके थे।
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