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J-K के हिस्से पर पाकिस्तान का गैर-कानूनी कब्जा, खाली करो; भारत ने UN में लगाई फटकार

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Source :- LIVE HINDUSTAN

भारतीय डिप्लोमैट ने कहा कि हमारे माइनॉरिटी वोट देते हैं, कानून बनाते हैं, हमारी सबसे बड़ी अदालत में बैठते हैं और हमारे संस्थानों को लीड करते हैं। पाकिस्तान की हिंदू, सिख और ईसाई आबादी आजादी के बाद से बहुत कम हो गई है।

भारतीय डिप्लोमैट क्षितिज त्यागी ने गुरुवार को जिनेवा में UN ह्यूमन राइट्स काउंसिल में कश्मीर और भारत में अल्पसंख्यकों पर पाकिस्तान की जहरीली बातों को लेकर उसे जमकर फटकार लगाई और इस्लामाबाद पर जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों पर गैर-कानूनी कब्जा करने का आरोप लगाया और उसे खाली करने की मांग की। पाकिस्तान की बातों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए त्यागी ने कहा, “चूंकि पाकिस्तान को हर एजेंडा आइटम के तहत याद दिलाने की जरूरत लगती है। जम्मू और कश्मीर भारत का एक जरूरी और अटूट हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा। जम्मू और कश्मीर का सिर्फ वही हिस्सा विदेशी कब्जे में है जिस पर पाकिस्तान का कब्जा है, जिसे हम फिर से खाली करने की मांग करते हैं।”

त्यागी ने कहा, “पाकिस्तान इसी तरह दूसरों की आस्था को देखता है, और उसके अपने माइनॉरिटी इसके नतीजों को झेलते हैं।” उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी में से एक है। उन्होंने कहा, “हमारे माइनॉरिटी वोट देते हैं, कानून बनाते हैं, हमारी सबसे बड़ी अदालत में बैठते हैं और हमारे संस्थानों को लीड करते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान की हिंदू, सिख और ईसाई आबादी आजादी के बाद से बहुत कम हो गई है। उनकी बेटियों को किडनैप किया जाता है, जबरदस्ती उनका धर्म बदल दिया जाता है और उनकी शादी कर दी जाती है। हर माइनॉरिटी घर पर ईशनिंदा कानून लागू होता है। इसके अपने मुस्लिम माइनॉरिटी, शिया, अहमदिया, इस्माइली और हजारा, सिस्टमैटिक ज़ुल्म का सामना करते हैं, और उनके पूजा की जगहों पर हमला किया जाता है और उन्हें बेअदब किया जाता है।”

कश्मीरी पंडितों का किया जिक्र

पाकिस्तान पर हमला तेज करते हुए भारतीय डिप्लोमैट ने कहा कि 1990 में पाकिस्तान के सपोर्ट वाले आतंकवादियों ने कश्मीरी पंडितों को उनके घरों से निकाल दिया था। त्यागी ने कहा, “उन आतंकवादियों ने तब से हर धर्म के कश्मीरियों को मारा है, जिनमें से कई मुस्लिम थे। जिस सरकार ने उन्हें स्पॉन्सर किया था, वह अब इस काउंसिल से जांच के लिए कह रही है। यह विडंबना इस काउंसिल से छिपी नहीं रहेगी।” उन्होंने कहा, “पिछले शुक्रवार को इस काउंसिल को बताया गया कि जून से पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में कई आम नागरिक मारे गए हैं, इस्लामाबाद और रावलपिंडी में छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, और खाना और दवा रोकी गई है। जब ये बातें बताई गईं, तो पाकिस्तान का जवाब एक पॉइंट ऑफ ऑर्डर था। अगर इस कमरे में कोई डेलीगेशन इस काउंसिल की जांच के लिए हर जरूरी क्राइटेरिया को पूरा करता है, तो वह पाकिस्तान है।”

SOURCE : LIVE HINDUSTAN