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देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजों से निवेशकों और पॉलिसीधारकों दोनों को खुश कर दिया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) सालाना आधार पर 23% बढ़कर ₹13,492 करोड़ पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹10,986 करोड़ था। सिर्फ मुनाफा ही नहीं, बल्कि नए बिजनेस, प्रीमियम कलेक्शन और वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस (VNB) जैसे अहम आंकड़ों में भी शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली। इन मजबूत नतीजों के बाद यह साफ हो गया है कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद LIC अभी भी भारतीय जीवन बीमा बाजार की सबसे बड़ी और सबसे मजबूत कंपनी बनी हुई है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
तिमाही के दौरान LIC ने फर्स्ट ईयर प्रीमियम (First Year Premium Income) के आधार पर 60.1% बाजार हिस्सेदारी बनाए रखी। व्यक्तिगत (Individual) बीमा कारोबार में कंपनी की हिस्सेदारी 38.89% रही, जबकि ग्रुप इंश्योरेंस सेगमेंट में यह 70.9% तक पहुंच गई। यह दिखाता है कि देशभर में करोड़ों लोग अब भी LIC पर भरोसा जता रहे हैं।
अगर प्रीमियम कलेक्शन की बात करें तो कंपनी का इंडिविजुअल बिजनेस प्रीमियम 6% बढ़कर ₹75,416 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹71,474 करोड़ था। वहीं ग्रुप बिजनेस प्रीमियम 9% बढ़कर ₹51,834 करोड़ पहुंच गया। यानी कंपनियों और संस्थानों से जुड़े बीमा कारोबार में भी LIC ने अच्छी बढ़त हासिल की है। इस दौरान कंपनी ने 31.02 लाख नई व्यक्तिगत पॉलिसियां बेचीं, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 2% अधिक हैं।
LIC के लिए सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रही VNB (Value of New Business) में जबरदस्त उछाल। कंपनी का VNB 61% बढ़कर ₹3,136 करोड़ हो गया, जबकि एक साल पहले यह ₹1,944 करोड़ था। इसके साथ ही VNB मार्जिन भी 15.4% से बढ़कर 22.9% पहुंच गई। इसका मतलब है कि LIC अब ऐसे बीमा उत्पादों पर ज्यादा फोकस कर रही है, जिनसे कंपनी को बेहतर मुनाफा मिलता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव आने वाले वर्षों में कंपनी की कमाई को और मजबूत बना सकता है।
कंपनी के AUM (Assets Under Management) भी बढ़कर ₹59.39 लाख करोड़ हो गए, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹57.05 लाख करोड़ थे। यानी लोगों का निवेश लगातार LIC की ओर बढ़ रहा है। इसके अलावा कंपनी का सॉल्वेंसी रेशियो (Solvency Ratio) भी 2.17 से बढ़कर 2.42 हो गया है। यह किसी भी बीमा कंपनी की वित्तीय मजबूती का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है और बताता है कि LIC भविष्य में अपने दायित्वों को पूरा करने की मजबूत स्थिति में है।
हालांकि, कुछ मोर्चों पर हल्की कमजोरी भी देखने को मिली। निरंतरता अनुपात (Persistency Ratio) यानी पुराने ग्राहकों द्वारा पॉलिसी जारी रखने का अनुपात कुछ अवधियों में थोड़ा कम हुआ है। वहीं, निवेश पर मिलने वाला यील्ड (Yield) भी 8.45% से घटकर 8.28% रह गया। हालांकि, इन आंकड़ों का कंपनी की कुल वित्तीय स्थिति पर ज्यादा असर नहीं दिखा।
LIC के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक आर. दोराईस्वामी ने कहा कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद कंपनी ने व्यक्तिगत और ग्रुप दोनों कारोबार में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी है। उन्होंने कहा कि उत्पादों में विविधता (Product Diversification) और बेहतर वितरण रणनीति (Distribution Strategy) की वजह से कंपनी की VNB और VNB मार्जिन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
जून तिमाही के नतीजे बताते हैं कि LIC सिर्फ बाजार हिस्सेदारी बचाने पर ही नहीं, बल्कि ज्यादा लाभदायक कारोबार पर भी तेजी से काम कर रही है। मजबूत मुनाफा, बढ़ता प्रीमियम कलेक्शन, रिकॉर्ड VNB और बेहतर वित्तीय स्थिति यह संकेत देते हैं कि कंपनी भविष्य में भी भारतीय बीमा बाजार में अपनी बादशाहत कायम रखने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रही है। निवेशकों के लिए भी यह तिमाही सकारात्मक संकेत लेकर आई है, क्योंकि बेहतर प्रदर्शन से आने वाले समय में कंपनी के शेयरों पर भी सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।
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