Source :- LIVE HINDUSTAN

बीते एक जून को ही कॉमर्शियल एलपीजी के अलावा पांच किलो वाले छोटे सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी की गई। पांच किलोग्राम वाले छोटे गैस सिलेंडर की कीमत 11 रुपये बढ़कर 821.50 रुपये हो गई है।

अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग का असर एलपीजी सप्लाई पर पड़ा है। इससे भारत समेत दुनियाभर में परेशानी हो रही है। भारत में सरकार ने पेट्रोलियम कंपनियों से एलपीजी सिलेंडर के भंडार को रखने के लिए कहा है तो गैस की कीमतों में इजाफा भी किया जा रहा है। इसी कड़ी में कॉमर्शियल और 5 किलोग्राम वाले छोटे सिलेंडर के दाम एक बार फिर से बढ़ाए गए हैं। 5 किलोग्राम सिलेंडर को लेकर कई ऐसी बातें हैं जो बहुत कम लोगों को मालूम है। उदाहरण के लिए इस सिलेंडर की होम डिलीवरी के लिए अतिरिक्त पैसे देने पड़ते हैं।

कितना है डिलीवरी चार्ज?

इंडियन ऑयल की वेबसाइट के मुताबिक ग्राहक पॉइंट ऑफ सेल्स के माध्यम से छोटू गैस सिलेंडर रिफिल की होम डिलीवरी का लाभ उठा सकते हैं। हालांकि, इसके लिए उन्हें प्रति रिफिल 25 रुपये का अतिरिक्त डिलीवरी शुल्क देना होगा। ग्राहक छोटू सिलेंडर को किसी भी अधिकृत इंडेन गैस डिस्ट्रीब्यूटर, इंडियन ऑयल रिटेल आउटलेट, चुनिंदा किराना स्टोर या सुपरमार्केट से खरीद सकते हैं। सिलेंडर की रीफिलिंग भी देशभर में किसी भी अधिकृत पॉइंट ऑफ सेल या डिस्ट्रीब्यूटर से कराई जा सकती है।

इसकी बड़ी खासियत यह है कि इसे लेने के लिए एड्रेस प्रूफ की जरूरत नहीं होती, केवल पहचान पत्र के आधार पर कनेक्शन लिया जा सकता है। बता दें कि यदि ग्राहक पॉइंट ऑफ सेल से सिलेंडर खरीदते हैं और बाद में उसे वापस करना चाहते हैं, तो कंपनी उन्हें प्रति सिलेंडर 500 रुपये की निश्चित राशि वापस देती है, चाहे सिलेंडर कितने समय तक इस्तेमाल किया गया हो।

11 रुपये बढ़े हैं दाम

बीते एक जून को ही कॉमर्शियल एलपीजी के अलावा पांच किलो वाले छोटे सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी की गई। पांच किलोग्राम वाले छोटे गैस सिलेंडर की कीमत 11 रुपये बढ़कर 821.50 रुपये हो गई है। इसके अलावा, 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 42 रुपये बढ़कर दिल्ली में 3,113.50 रुपये हो गई जबकि पहले इसकी कीमत 3,071.50 रुपये थी। इससे पहले एक मई को कॉगैस सिलेंडर के दाम में 993 रुपये की भारी बढ़ोतरी की गई थी। हालांकि, घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देते हुए 14.2 किलोग्राम वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 913 रुपये पर स्थिर रखी गई है। इसमें आखिरी बार मार्च की शुरुआत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी।

बता दें कि पेट्रोलियम कंपनियां हर महीने कीमतों की समीक्षा करती हैं और अलग-अलग राज्यों में मूल्य-वर्धित कर (वैट) जैसे स्थानीय करों के कारण दरें अलग-अलग हो सकती हैं।

कंपनी का क्या कहना है?

इंडियन ऑयल के मुताबिक छोटू सिलेंडर को शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले उन लोगों को ध्यान में रखकर पेश किया गया है, जो अक्सर किराए के मकानों में रहते हैं या जिनके पास स्थानीय पते का प्रमाण नहीं होता।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN