Source :- LIVE HINDUSTAN
भारत के शेयर बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय से मार्केट कैप के आधार पर देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस (Reliance Industries) अब NIFTY 50 इंडेक्स में वेटेज के मामले में तीसरे स्थान पर खिसक गई है। उसकी जगह ICICI बैंक ने दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। यह बदलाव निवेशकों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि निफ्टी-50 में किसी शेयर का वेटेज यह तय करता है कि इंडेक्स की चाल पर उसका कितना प्रभाव पड़ेगा, यानी जिस कंपनी का वेटेज ज्यादा होगा, उसके शेयर में उतार-चढ़ाव का असर निफ्टी पर भी ज्यादा दिखाई देगा।
दिलचस्प बात यह है कि कुल मार्केट कैप के मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज अभी भी देश की सबसे बड़ी कंपनी बनी हुई है। कंपनी का कुल मार्केट कैप करीब 17.14 लाख करोड़ रुपये है, जबकि आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप लगभग 9.09 लाख करोड़ रुपये है। इसके बावजूद आईसीआईसीआई बैंक निफ्टी में रिलायंस से आगे निकल गया है। इसकी वजह ‘फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन’ है। निफ्टी-50 इंडेक्स का वेटेज कुल मार्केट कैप के आधार पर नहीं बल्कि फ्री-फ्लोट मार्केट कैप के आधार पर तय किया जाता है।
फ्री-फ्लोट मार्केट कैप का मतलब उन शेयरों की कुल कीमत से है, जो बाजार में निवेशकों के लिए खरीद-बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। इसमें प्रमोटर, सरकार या रणनीतिक निवेशकों के पास मौजूद हिस्सेदारी शामिल नहीं होती। रिलायंस इंडस्ट्रीज का फ्री-फ्लोट मार्केट कैप लगभग 8.52 लाख करोड़ रुपये है, जबकि आईसीआईसीआई बैंक का फ्री-फ्लोट मार्केट कैप करीब 9.05 लाख करोड़ रुपये है। यही कारण है कि निफ्टी 50 में आईसीआईसीआई बैंक का वेटेज 8.78% हो गया है, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज का वेटेज 8.27% रह गया है।
निफ्टी-50 में अन्य कंपनियां
निफ्टी-50 में सबसे अधिक वेटेज अभी भी HDFC बैंक (HDFC Bank) के पास है। बैंक का वेटेज 10.56% है, जो उसे इंडेक्स का सबसे प्रभावशाली स्टॉक बनाता है। इसके बाद आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल (Bharti Airtel), लार्सेन एंड टर्बो (Larsen & Toubro), इंफोसिस (Infosys), SBI (State Bank of India), एक्सिस बैंक (Axis Bank), कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) और ITC जैसी कंपनियां टॉप वेटेज वाली कंपनियों में शामिल हैं।
एक्सपर्ट का मानना है कि आईसीआईसीआई बैंक का बढ़ता वेटेज यह संकेत देता है कि बैंकिंग सेक्टर भारतीय शेयर बाजार में लगातार मजबूत स्थिति बना रहा है। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज अभी भी मार्केट वैल्यू के मामले में नंबर-1 है, लेकिन इंडेक्स पर उसका प्रभाव पहले की तुलना में थोड़ा कम हुआ है। ऐसे में निफ्टी की दिशा तय करने में अब बैंकिंग शेयरों, खासकर एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक की भूमिका और भी अहम हो गई है। निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि सिर्फ कंपनी का कुल मार्केट कैप ही नहीं, बल्कि उसका फ्री-फ्लोट भी बाजार में उसकी वास्तविक ताकत को दर्शाता है।
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