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OTT: साउथ की 8.1 रेटिंग वाली इस फिल्म को आज मिलेंगे 3 नेशनल अवॉर्ड्स, आपने देख ली?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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मेजर मुकुंद वरदराजन की शहादत पर बनी एक इमोशनल बायोपिक को आज तीन नेशनल अवॉर्ड मिलने वाले हैं। इस फिल्म में शिवकार्तिकेयन और साई पल्लवी का शानदार अभिनय देखने को मिलेगा।

अगर आपको ऐसी फिल्में पसंद हैं, जिनकी कहानी खत्म होने के बाद भी लंबे समय तक दिल और दिमाग में बनी रहती है, तो यह फिल्म आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए। खास बात यह है कि आज 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की सेरेमनी में इस फिल्म को तीन अवॉर्ड मिलने वाले हैं। फिल्म को दर्शकों ने भी खूब पसंद किया है और IMDb पर इसे 8.1 की शानदार रेटिंग मिली है।

फिल्म का नाम

इस तमिल फिल्म का नाम ‘अमरन’ (Amaran) है। यह फिल्म भारतीय सेना के शहीद मेजर मुकुंद वरदराजन की जिंदगी, वीरता और शहादत की सच्ची कहानी पर आधारित है। फिल्म में शिवकार्तिकेयन ने मेजर मुकुंद का किरदार निभाया है, जबकि साईं पल्लवी उनकी पत्नी इंदु रेबेका वर्गीज के रोल में नजर आई हैं। दोनों कलाकारों ने अपनी दमदार अदाकारी से कहानी को बेहद भावुक बना दिया है।

कहानी में क्या खास है?

‘अमरन’ को सिर्फ युद्ध या देशभक्ति वाली फिल्म कहना ठीक नहीं होगा। फिल्म में एक सैनिक की ड्यूटी के साथ उसकी निजी जिंदगी, प्यार, शादी और परिवार की भावनाओं को भी दिखाया गया है। निर्देशक राजकुमार पेरियासामी ने मेजर मुकुंद के कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों के साथ-साथ उनके परिवार की जिंदगी को भी कहानी में जगह दी है। फिल्म की खास बात यही है कि इसमें सिर्फ एक जवान की बहादुरी की कहानी नहीं है, बल्कि उसके पीछे खड़े परिवार के दर्द, संघर्ष और त्याग को भी उतनी ही अहमियत दी गई है।

साई पल्लवी ने जीता दिल

इंदु के किरदार में साई पल्लवी फिल्म की सबसे मजबूत कड़ियों में से एक हैं। खासकर मेजर मुकुंद की शहादत के बाद इंदु के अंदर का दर्द उन्होंने बेहद सहज तरीके से दिखाया है। उनके चेहरे और अभिनय में खुशी, प्यार, चिंता और दुख जैसे हर भाव साफ नजर आते हैं। यही वजह है कि उनका किरदार कहानी से जुड़ा हुआ और काफी असरदार लगता है।

शिवकार्तिकेयन का जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन

शिवकार्तिकेयन ने मेजर मुकुंद के किरदार के लिए अपने लुक और बॉडी लैंग्वेज पर काफी काम किया है। उनकी चाल-ढाल से लेकर एक्शन सीन्स तक, वह किरदार में पूरी तरह ढले हुए नजर आते हैं। फिल्म उनके करियर की उन फिल्मों में शामिल है, जिसमें उन्होंने अपने अभिनय का एक अलग पक्ष दिखाया है।

एक्शन में नहीं है बेवजह का शोर

‘अमरन’ में कश्मीर के आतंकवाद विरोधी अभियानों और सेना के ऑपरेशंस को दिखाने की कोशिश की गई है। फिल्म सिर्फ बड़े-बड़े डायलॉग और देशभक्ति के नारों पर निर्भर नहीं रहती, बल्कि एक सैनिक के मिशन और उसके सामने आने वाली परिस्थितियों को कहानी का हिस्सा बनाती है।

प्यार और फर्ज की कहानी

फिल्म का एक बड़ा हिस्सा मेजर मुकुंद और इंदु की प्रेम कहानी पर भी केंद्रित है। दोनों का रिश्ता धीरे-धीरे आगे बढ़ता है और फिर शादी के बाद सैनिक की जिंदगी में आने वाली मुश्किलों को दिखाया जाता है। यही हिस्सा फिल्म को सिर्फ एक वॉर ड्रामा बनने से रोकता है और कहानी में भावनात्मक जुड़ाव पैदा करता है।

म्यूजिक भी कहानी को मजबूत करता है

जी.वी. प्रकाश कुमार का संगीत और बैकग्राउंड स्कोर फिल्म के भावनात्मक और एक्शन सीन्स को और असरदार बनाता है। खासकर युद्ध से जुड़े दृश्यों में बैकग्राउंड स्कोर माहौल को काफी प्रभावी बना देता है।

फिल्म में क्या कमी है?

फिल्म की लंबाई करीब 2 घंटे 49 मिनट है और कुछ जगहों पर इसकी गति धीमी महसूस हो सकती है। खासकर दूसरे हाफ में कहानी थोड़ी खिंची हुई लगती है।

इसके अलावा, मेजर मुकुंद की असली जिंदगी की कहानी पर आधारित होने के कारण फिल्म में बड़े ट्विस्ट की गुंजाइश कम है। अगर दर्शक पहले से उनकी कहानी जानते हैं, तो कई घटनाएं उन्हें पहले से पता होंगी।

फिल्म के विरोधी किरदारों को भी बहुत ज्यादा विस्तार नहीं दिया गया है। आतंकवादियों और दूसरे प्रतिद्वंद्वी किरदारों की भूमिका मुख्य कहानी के मुकाबले काफी सीमित रखी गई है।

फिर भी क्यों देखें?

‘अमरन’ की ताकत सिर्फ इसके युद्ध वाले दृश्य नहीं, बल्कि मेजर मुकुंद और इंदु की कहानी है। फिल्म यह दिखाती है कि देश की रक्षा करने वाला एक जवान अकेले बलिदान नहीं देता, बल्कि उसके परिवार को भी उसकी ड्यूटी की कीमत चुकानी पड़ती है। शिवकार्तिकेयन और साई पल्लवी का अभिनय, भावनात्मक कहानी और मजबूत संगीत इसे एक ऐसी फिल्म बनाते हैं, जिसे ओटीटी पर जरूर देखा जा सकता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN