Source :- LIVE HINDUSTAN
https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/10/09/1200x900/tds_1791553921942_yRk7_1791553943295_kZOz_f9c7afd5-0254-463b-8edb-e58855cb07e3_MWN2.jpgआज हम आपको उस सीरीज के बारे में बताने वाले हैं जो कि एक हॉरर सीरीज है, लेकिन इसमें थ्रिलर और सस्पेंस भी कूट-कूटकर भरा है। इसकी आईएमडीबी रेटिंग भी काफी अच्छी है।
ओटीटी पर कई तरह की सीरीज अवेलेबल हैं जैसे कॉमेडी, हॉरर, थ्रिलर, साइकोलॉजिकल, क्राइम और सस्पेंस वाली। अब अगर आपको हॉरर सीरीज पसंद है तो हम आपको ऐसी ही एक हॉरर सीरीज के बारे में बताने वाले हैं जिसे देखने से पहले आप अपने दिल को मजबूत जरूर रखें। इतना ही नहीं ये सीरीज ऐसी डरावनी थी कि इसके राइटर्स को थेरेपिस्ट तक हायर करना पड़ा था।
कौनसी है वो सीरीज और क्या है स्टोरी
जिस सीरीज की हम बात कर रहे हैं वो है दहन-राकन का रहस्य। इसइसकी स्टोरी राजस्थान के एक गांव पर बनी है जो कि शापित है। इसमें अवनी रौत(टिस्का चोपड़ा) एक आईएस ऑफिसर हैं जो अपने पति की मौत का ट्रॉमा और करप्शन के आरोप से जूझ रही हैं। इसके बाद उनकी पोस्टिंग शिलासपुर नाम के गांव में होती है।
अवनी मैंगोन कॉर्पोरेशन के लिए एक अहम रेयर-अर्थ मिनरल माइनिंग प्रोजेक्ट की अगुवाई करने के लिए पहुंचती है। हालांकि, गांव के मुखिया स्वरूप (सौरभ शुक्ला), खुदाई का जोरदार विरोध करते हैं। वह चेतावनी देते हैं कि जमीन को छेड़ने से रिधियाकन जाग जाएगा जो एक राक्षस है और उसके जागने से तबाही मच जाएगी।
कैसी है सीरीज
अब गांव में जब रहस्यमयी घटनाएं होती हैं जैसे मरे हुए पक्षी और अजीबोगरीब हत्या तो कहानी में डरावना एंगल आता है। लेकिन अवनी एक डॉक्टर के साथ इसके पीछे वैज्ञानिक जांच को खोजती है।
कहां देख सकते हैं सीरीज
अगर आपमें इस हॉरर थ्रिलर और सस्पेंस से भरी सीरीज को देखना चाहते हैं तो इसे आप डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर देख सकते हैं।
कितनी है रेटिंग
सीरीज की आईएमडीबी रेटिंग की बात करें तो दहन-राकन का रहस्य की रेटिंग 7.1 है।
सीरीज की कास्ट और डायरेक्टर
सीरीज को विक्रांत पंवार और जय शर्मा ने डायरेक्ट किया था। इसमें टिस्का चोपड़ा के साथ सौरभ शुक्ला, राजेश तैलंग, मुकेश तिवारी, रोहन जोशी, लहर खान, अंकुर नय्यर, पंकज शर्मा, भूमिका दुबे, जैमिनी पाठक भी हैं। वहीं सीरीज को निसर्ग मेहता, शिवा बाजपयी और निखिल नय्यर ने लिखा है।
राइट्स को हायर करना पड़ा था थेरेपिस्ट
तीनों राइटर्स से जब पूछा गया था कि क्या तीनों के बीच लड़ाई होती थी राइटिंग के दौरान तो निसर्ग ने इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा था, ‘हां बहुत होता था। लेकिन मुझे लगता है ये लड़ाई ही आपकी क्वालिटी को और बेहतर करती है। कभी तो ऐसा होता था कि 2 लोग लड़ रहे होते थे और तीसरा बीच में आता। कभी 2 साथ में मिलकर तीसरे के खिलाफ होते। लेकिन इसमें मजा आता था। अगर डिसअग्रीमेंट्स नहीं होते तो ये काफी प्लेन होता।’
वहीं शिवा ने कहा था, ‘बहुत रोना-धोना हुआ। हम एक-दूसरे पर पेन्सिल फेंक देते थे। एक पॉइंट पर तो हमें थेरेपिस्ट को भी हायर करना पड़ा था। अच्छी बात ये है कि हमारे डायरेक्टर ने हमें ब्लैंक कैनवास दिया था ताकि हम वो सब लिख सकें जो हम चाहते हैं।’
SOURCE : LIVE HINDUSTAN




