Source :- LIVE HINDUSTAN

Petrol Diesel Price Today: आज रविवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई भी इजाफा नहीं किया गया है। जिसकी वजह से पेट्रोल और डीजल का रेट पुराने स्तर पर ही बरकरार है। इससे पहले मई के महीने में तेल की कीमतों में 4 बार बढ़ोतरी हुई थी। मई के महीने में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया था। हालांकि, जून के महीने में अभी तक एक बार भी तेल की कीमतों को नहीं बढ़ाया गया है।

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आखिरी बार 25 मई को इजाफा नहीं किया गया था।

पेट्रोल का क्या है लेटेस्ट रेट? (Petrol Price Today)

नई दिल्ली – 102.12 रुपे

कोलकाता – 113.51 रुपये

मुंबई – 111.21 रुपये

चेन्नई – 107.87 रुपये

गुरुग्राम – 102.62 रुपये

नोएडा – 101.96 रुपये

बेंगलुरू – 110.89 रुपये

भुवनेश्वर – 108.97 रुपये

चंडीगढ़ – 101.51 रुपये

हैदराबाद – 115.69 रुपये

जयपुर – 112.66 रुपये

लखनऊ – 101.89 रुपये

पटना – 114.24 रुपये

तिरुअनंतपुरम् – 115.49 रुपये

डीजल का अलग-अलग शहरों में क्या है रेट? (Diesel Price Today)

नई दिल्ली – 95.20 रुपये

कोलकाता – 99.82 रुपये

मुंबई – 97.83 रुपये

चेन्नई – 99.65 रुपये

गुरुग्राम – 95.30 रुपये

नोएडा – 95.44 रुपये

बेंगलुरू – 98.80 रुपये

भुवनेश्वर – 100.68 रुपये

चंडीगढ़ – 89.47 रुपये

हैदराबाद – 103.82 रुपये

जयपुर – 97.78 रुपये

लखनऊ – 95.36 रुपये

पटना – 100.20 रुपये

तिरुअनंतपुरम् – 104.40 रुपये

तेल कंपनियों को हो रहा था हर दिन 1000 करोड़ रुपये का घाटा

युद्ध शुरू होने के बाद से 76 दिन तक घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई भी बढ़ोतरी नहीं की गई थी। जिसकी वजह से तेल कंपनियों को हर दिन 1000 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा था। 4 बार कीमतों को बढ़ाए जाने के बाद तेल कंपनियों का घाटा हर 500 करोड़ रुपये के स्तर तक आ गया है। अगर इंटरनेशनल मार्केट में स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ तो आने वाले समय में घरेलू स्तर पर फिर से कीमतों को बढ़ते हुए देखा जा सकता है।

कच्चे तेल ने निकाला दम (Crude Oil Price)

अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने से पहले कच्चे तेल का रेट 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब था। जोकि अब 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। जिसकी वजह से कीमतों को घरेलू स्तर पर बढ़ाना पड़ा है। भारत जैसे देश जो क्रूड ऑयल के इंपोर्ट पर निर्भर करते हैं उनके लिए कीमतों का बढ़ जाना अच्छी खबर नहीं है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN