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RBI के सख्त नियम से बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व के शेयरों में भारी गिरावट

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Source :- LIVE HINDUSTAN

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के एक फैसले से बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व के शेयर आज सेंसेक्स टॉप लूजर की लिस्ट में टॉप पर हैं। बीएसई पर शुक्रवार को बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। बजाज फाइनेंस का शेयर 4.65% टूटकर 1,096.50 रुपये प्रति शेयर पर आ गया, जबकि बजाज फिनसर्व का शेयर 4% गिरकर 2,004.30 रुपये पर पहुंच गया।

इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का एक नया प्रस्ताव है। RBI ने कहा है कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFC) अब से केवल ‘टर्म लोन’ ही दे सकेंगी। इस नियम के लागू होने के बाद ये कंपनियां ‘रिवॉल्विंग क्रेडिट’ जैसी सुविधाएं मुहैया नहीं करा सकेंगी।

हालांकि, RBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह पाबंदी उन NBFCs पर लागू नहीं होगी, जिन्हें पहले से ही क्रेडिट कार्ड जारी करने की आधिकारिक मंजूरी मिली है। यह संशोधन अंतिम गाइड लाइन जारी होने के तुरंत बाद प्रभावी हो जाएगा।

रिवॉल्विंग क्रेडिट बनाम टर्म लोन को ऐसे समझें

रिवॉल्विंग क्रेडिट : यह एक ऐसी लोन सुविधा है, जिसमें ग्राहक को एक तय लिमिट दी जाती है। वह इस सीमा के अंदर बार-बार पैसे निकाल सकता है, चुका सकता है और दोबारा निकाल सकता है। इसके आम उदाहरण हैं जैसे, बैंक का ओवरड्राफ्ट खाता, वर्किंग कैपिटल लाइन और क्रेडिट कार्ड।

टर्म लोन : यह एक निश्चित अमाउंट का लोन होता है, जो एक बार या कई किस्तों में दिया जाता है। इसकी अदायगी तय किस्तों या एक निश्चित तारीख पर एकमुश्त राशि के रूप में करनी होती है। सबसे अहम बात यह है कि इसके मूलधन को चुकाने के बाद उस सीमा को दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

RBI ऐसे नियम क्यों ला रहा है?

RBI वित्तीय व्यवस्था में नए-नए इनोवेशन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सुरक्षा उपायों को भी प्राथमिकता देता है। ऐसे में यह कदम वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए एक सावधानी के तौर पर उठाया गया है, ताकि किसी भी तरह के जोखिम से बचा जा सके।

क्रेडिट कार्ड जारी करने के नियम

स्टैंडअलोन NBFC को क्रेडिट कार्ड जारी करने के लिए RBI से पहले से स्पष्ट अनुमति लेनी होती है और उसके पास कम से कम 100 करोड़ रुपये का नेट-ओन्ड फंड होना चाहिए। हालांकि, कुछ NBFCs बैंकों के साथ पार्टनरशिप करके को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड भी जारी करती हैं, जो इस नए नियम के दायरे से बाहर हैं बशर्ते उनके पास उचित अधिकार हो।

(डिस्‍क्‍लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN