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RBI का नया नियम: बैंकों को रोजाना 99% CRR रखना होगा, 16 अक्टूबर से नया नियम

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों के कैश रिजर्व रेशियो (CRR) को बनाए रखने से जुड़े नियम में बदलाव किया है
  • नए नियम के मुताबिक, 16 अक्टूबर से बैंकों को अपने तय CRR का रोजाना कम से कम 99% बनाए रखना होगा
  • इस बदलाव का असर बैंकों के पास उपलब्ध नकदी और उनके फंड मैनेजमेंट पर पड़ सकता है

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों के कैश रिजर्व रेशियो (CRR) को बनाए रखने से जुड़े नियम में बदलाव किया है। नए नियम के मुताबिक, 16 अक्टूबर से बैंकों को अपने तय CRR का रोजाना कम से कम 99% बनाए रखना होगा। इस बदलाव का असर बैंकों के पास उपलब्ध नकदी और उनके फंड मैनेजमेंट पर पड़ सकता है। बता दें कि CRR यानी कैश रिजर्व रेशियो वह रकम है, जिसे बैंकों को अपनी कुल जमा राशि के एक निश्चित हिस्से के रूप में RBI के पास नकद रिजर्व में रखना होता है। इस रकम का इस्तेमाल बैंक आमतौर पर कर्ज देने या दूसरे कामों के लिए नहीं कर सकते।

क्या है नोटिफिकेशन

9 अक्टूबर को जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब बैंकों को हर दिन अपने तय CRR का कम से कम 99 फीसदी हिस्सा बनाए रखना होगा। अभी यह सीमा 90 फीसदी है। नया नियम 16 अक्टूबर से शुरू होने वाले पखवाड़े से लागू होगा। मौजूदा नियम के तहत बैंकों को 15 दिन के पखवाड़े के दौरान रोजाना अपने तय CRR का कम से कम 90 फीसदी रखना होता है। हालांकि, पूरे पखवाड़े का औसत बैलेंस तय CRR के बराबर होना जरूरी है। हालांकि, RBI ने CRR की कुल दर में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। उसने सिर्फ रोजाना रिजर्व बनाए रखने के नियम को सख्त किया है।

क्या कहते हैं इकोनॉमिस्ट

IDFC फर्स्ट बैंक की मुख्य इकोनॉमिस्ट गौरा सेनगुप्ता के मुताबिक, इस कदम से बैंकिंग सिस्टम में रोजाना उपलब्ध नकदी को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी। लेकिन इससे बैंकिंग सिस्टम से बड़ी मात्रा में नकदी निकलने की आशंका नहीं है। अलग-अलग बैंकों पर इसका असर उनकी मौजूदा नकदी की स्थिति पर निर्भर करेगा। RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 7 अक्टूबर को मॉनेटरी पॉलिसी की समीक्षा के दौरान कहा था कि चालू वित्त वर्ष के बाकी महीनों में बैंकिंग सिस्टम में अतिरिक्त नकदी धीरे-धीरे कम हो सकती है। अगस्त और सितंबर में विदेशी पूंजी आने और FCNR-B जमा योजना के तहत रकम जुटने से बैंकों के पास अतिरिक्त नकदी बढ़ गई थी। बाद में RBI ने रिवर्स रेपो नीलामी और सरकारी बॉन्ड की बिक्री जैसे कदमों के जरिए इस अतिरिक्त नकदी को कम किया।

क्या कहते हैं RBI के आंकड़े

RBI के आंकड़ों के मुताबिक, बैंकिंग सिस्टम में इस समय करीब 3.92 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी मौजूद है। वहीं, अगस्त में हुई पिछली मॉनेटरी पॉलिसी बैठक के बाद से अब तक रोजाना औसतन 5.9 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त नकदी सरप्लस रहा है। RBI गवर्नर ने कहा है कि केंद्रीय बैंक नकदी की स्थिति पर नजर रखेगा और जरूरत पड़ने पर VRRR नीलामी, डॉलर-रुपये स्वैप और सरकारी बॉन्ड की खरीद-बिक्री जैसे उपाय करेगा।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN