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REC-PFC मर्जर: 100 शेयर पर मिलेंगे 88 शेयर, जानिए कब और कैसे बदलेगी पूरी तस्वीर

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Source :- LIVE HINDUSTAN

सार्वजनिक क्षेत्र की दो दिग्गज कंपनियों आरईसी लिमिटेड और पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) के बोर्ड ने रविवार, 28 जून 2026 को एक ऐतिहासिक मर्जर स्कीम को हरी झंडी दे दी। दोनों कंपनियों ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी में बताया कि यह मर्जर कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 230 से 232 और अन्य लागू प्रावधानों के तहत किया जाएगा।

मंजूरी मिलते ही इन दोनों के जुड़ने से जो वेंचर बनेगा, उसकी कुल लोन बुक 11 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो जाएगी। हालांकि, अभी इस योजना पर शेयरधारकों, लेनदारों और सभी जरूरी नियामकीय एवं सरकारी प्राधिकरणों की मुहर लगना बाकी है। मर्जर के बाद बनने वाली कंपनी में भी सरकार बहुमत वोटिंग अधिकार और नियंत्रण बनाए रखेगी, यानी नई इकाई भी एक सरकारी कंपनी के रूप में ही काम करती रहेगी।

किसकी किसमें कितनी हिस्सेदारी

मार्च तिमाही के अंत में बीएसई पर उपलब्ध शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, सरकार की आरईसी में 52.63 प्रतिशत और पीएफसी में 55.99 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इसी तरह, मार्च तिमाही के अंत में म्यूचुअल फंडों के पास आरईसी में 9.02 प्रतिशत हिस्सेदारी रही, जिसमें निप्पॉन इंडिया एएमसी के पास 1.28 प्रतिशत, ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड के पास 2.01 प्रतिशत और अन्य फंडों की भागीदारी शामिल थी।

भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी की भी आरईसी में 2.84 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की गई। खुदरा निवेशकों की बात करें तो 11.68 लाख से अधिक छोटे शेयरधारक, जिनकी अधिकृत शेयर कैपिटल 2 लाख रुपये तक है, मार्च के अंत तक आरईसी में 10.21 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते थे।

आरईसी के शेयरधारकों को मर्जर में क्या मिलेगा

मर्जर का सबसे अहम सवाल यह है कि आरईसी के निवेशकों को इसके बदले क्या मिलेगा। तय योजना के मुताबिक, रिकॉर्ड डेट (जिसकी तारीख अभी घोषित नहीं हुई) पर आरईसी के जितने शेयर होंगे, उनके बदले शेयरहोल्डर्स को पीएफसी के शेयर जारी किए जाएंगे।

सीएनबीसी टीवी-18 की खबर के मुताबिक स्वैप रेशियो ऐसा रखा गया है कि हर 100 आरईसी शेयरों के बदले निवेशकों को पीएफसी के 88 शेयर मिलेंगे। यह शेयर अदला-बदली रिकॉर्ड डेट के हिसाब से होगी, जिसका ऐलान बाद में किया जाएगा।

आरईसी-पीएफसी मर्जर के क्या फायदे होंगे

पीएफसी की ओर से एक्सचेंजों को भेजे गए बयान में बताया गया है कि इस मर्जर से अनेक लाभ होंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि नई संयुक्त इकाई पावर सेक्टर के सुधारों और सरकार की प्रमुख योजनाओं को लागू करने वाली प्रमुख संस्था के रूप में उभरेगी। मर्जर से बैलेंस शीट की मजबूती बढ़ेगी, परिचालन क्षमता में सुधार होगा और पूंजी का आधार ज्यादा मजबूत बनेगा। इसके साथ ही यह ज्वाइंट वेंचर पावर सेक्टर की पूरी वैल्यू चेन में बड़े स्तर पर फाइनेंस करने में सक्षम होगी।

दोनों शेयरों का हालिया प्रदर्शन

शेयर बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो आरईसी के शेयर गुरुवार को 364.4 रुपये पर मामूली बदलाव के साथ बंद हुए थे। इस साल यह स्टॉक लगभग सपाट रहा है, लेकिन अपने 654 रुपये के रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे है। वहीं पीएफसी के शेयर गुरुवार को 0.8 प्रतिशत की गिरावट के साथ 433.4 रुपये पर बंद हुए। पीएफसी का स्टॉक इस साल अब तक करीब 20 प्रतिशत चढ़ा है, लेकिन यह भी अपने 580 रुपये के हाई से अभी काफी नीचे बना हुआ है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN