Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- Samsung ने जुलाई-सितंबर 2026 की तीसरी तिमाही में करीब 80 अरब डॉलर के ऑपरेटिंग प्रॉफिट का शुरुआती अनुमान जताया है
- वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने Samsung की कारोबारी सफलता से सीख लेने की सलाह दी है
- आइए समझते हैं कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों कहा?
वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने दक्षिण कोरिया की दिग्गज कंपनी सैमसंग (Samsung) की ग्रोथ स्टोरी साझा करते हुए कारोबारियों को एक खास संदेश दिया है। उन्होंने कंपनियों को लगातार आगे बढ़ने, नए क्षेत्रों में अवसर तलाशने और इनोवेशन पर ध्यान देने की सलाह दी है। अग्रवाल ने सैमसंग (Samsung) की सफलता का उदाहरण देते हुए कहा कि कारोबार में आगे बढ़ने की भूख हमेशा बनी रहनी चाहिए। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी चिप्स की बढ़ती मांग के कारण सैमसंग (Samsung) के मुनाफे में रिकॉर्ड उछाल का अनुमान लगाया जा रहा है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
सैमसंग का मुनाफा
अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सैमसंग (Samsung) की ग्रोथ से जुड़ी एक रिपोर्ट साझा की। उन्होंने लिखा कि सैमसंग (Samsung) ने तिमाही में करीब 80 बिलियन डॉलर के ऑपरेटिंग प्रॉफिट का अनुमान पेश किया है। उनके मुताबिक, कंपनी का सालाना मुनाफा भारत की सभी लिस्टेड कंपनियों के संयुक्त मुनाफे से भी अधिक हो सकता है। हालांकि, यह अग्रवाल की ओर से किया गया अनुमान है, जिसकी पुष्टि के लिए तुलनीय वार्षिक वित्तीय आंकड़ों को देखना जरूरी होगा।
सैमसंग (Samsung) की कमाई में इस संभावित उछाल के पीछे AI चिप्स की मांग को अहम वजह माना जा रहा है। AI मॉडल चलाने और बड़े डेटा सेंटर संचालित करने के लिए बड़ी मात्रा में मेमोरी चिप्स की जरूरत होती है। मांग बढ़ने से इन चिप्स की सप्लाई पर दबाव पड़ा है और कीमतों में भी तेजी आई है। इससे चिप बनाने वाली कंपनियों को फायदा मिल रहा है।
ट्रेडिंग कंपनी से टेक्नोलॉजी दिग्गज बनने तक का सफर
अनिल अग्रवाल ने सैमसंग (Samsung) की कारोबारी यात्रा को खास बताते हुए कहा कि कंपनी की शुरुआत एक ट्रेडिंग बिजनेस के रूप में हुई थी। इसके बाद उसने टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में कदम रखा। फिर कंपनी ने एयर कंडीशनर और मोबाइल फोन जैसे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों से कारोबार बढ़ाया और आगे चलकर एडवांस्ड मेमोरी चिप्स के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई। अग्रवाल के मुताबिक, सैमसंग (Samsung) की कहानी बताती है कि कंपनियां समय के साथ अपने बिजनेस मॉडल को बदलकर नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सैमसंग (Samsung) जैसी बड़ी कंपनियां दक्षिण कोरिया के साथ-साथ भारत सहित दूसरे देशों में भी लाखों लोगों को रोजगार देने में योगदान करती हैं। इस वर्कफोर्स में महिलाओं की भी बड़ी भूमिका है।
लगातार नए अवसर तलाशने पर जोर
वेदांता चेयरमैन ने सैमसंग (Samsung) को एक ऐसी कंपनी के रूप में पेश किया, जिसने सफलता हासिल करने के बाद भी विस्तार और बदलाव की राह नहीं छोड़ी। उनका संदेश है कि किसी एक बिजनेस में सफल होने के बाद रुकना नहीं चाहिए। कंपनियों को बदलती तकनीक, ग्राहकों की जरूरतों और बाजार के नए अवसरों के मुताबिक खुद को तैयार करना चाहिए।
सैमसंग की कमाई में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की उम्मीद
सैमसंग (Samsung) के शुरुआती वित्तीय अनुमान के मुताबिक, जुलाई-सितंबर 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनी की कंसोलिडेटेड बिक्री करीब 195 ट्रिलियन कोरियाई वॉन रहने का अनुमान है। वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट 107.4 ट्रिलियन वॉन रहने की संभावना जताई गई है। यह आंकड़ा पिछले साल की समान तिमाही के अनुमानित मुनाफे से करीब 9 गुना अधिक बताया गया है।
इससे पहले 2026 की दूसरी तिमाही में सैमसंग (Samsung) ने 171.5 ट्रिलियन वॉन का रिकॉर्ड कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया था, जो पिछली तिमाही से 28% अधिक था। इस दौरान ऑपरेटिंग प्रॉफिट 89.5 ट्रिलियन वॉन तक पहुंच गया था। कंपनी ने शुरुआती अनुमान में 100 ट्रिलियन वॉन से ज्यादा तिमाही ऑपरेटिंग प्रॉफिट का संकेत देने वाली पहली टेक्नोलॉजी कंपनी होने की बात भी कही है।
AI से जुड़ी चिप्स की मांग बढ़ने का असर सैमसंग (Samsung) के शेयरों पर भी दिखाई दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल कंपनी के शेयर दोगुने से अधिक हो चुके हैं और इसका मार्केट वैल्यूएशन करीब 1.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। अब निवेशकों की नजर कंपनी के विस्तृत तिमाही नतीजों पर है, जिन्हें 29 अक्टूबर 2026 को जारी किया जाना निर्धारित है। इन नतीजों से पता चलेगा कि AI चिप्स की बढ़ती मांग का कंपनी की वास्तविक कमाई पर कितना असर पड़ा है।
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