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SBI की एक और कंपनी शेयर बाजार में होगी लिस्ट, IPO के लिए सेबी की हरी झंडी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

SBI Funds Management IPO: भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी SBI फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ पर बड़ा अपडेट आया है। दरअसल, कंपनी के आईपीओ को सेबी से हरी झंडी मिल गई है। सेबी की वेबसाइट के मुताबिक इसे मंजूरी पिछले हफ्ते 12 जून 2026 को मिली थी। बता दें कि SBI फंड्स मैनेजमेंट ने 19 मार्च 2026 को सेबी के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया था।

मनीकंट्रोल की एक खबर में सूत्र के हवाले से बताया गया कि अब SBI फंड्स मैनेजमेंट जुलाई के पहले हफ्ते में अपना रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) फाइल कर सकती है। इसके साथ ही प्राइस बैंड का भी ऐलान जल्द ही होने की संभावना है। इस IPO में पूरी तरह से 20.37 करोड़ इक्विटी शेयरों (यानी 10 प्रतिशत हिस्सेदारी) की ऑफर-फॉर-सेल शामिल होगी। इसमें नए शेयर जारी करने का कोई हिस्सा नहीं होगा।

एसबीआई की कितनी हिस्सेदारी?

SBI फंड्स मैनेजमेंट साल 1992 में वजूद में आया। यह मार्च 2021 से 15.4 प्रतिशत के म्यूचुअल फंड मार्केट शेयर के साथ सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है। 2004 में सोसिएट जेनरेल एसेट मैनेजमेंट SA द्वारा 37 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के बाद यह एक जॉइंट वेंचर बन गई। बाद में 2011 में Amundi एसेट मैनेजमेंट ने अपनी सब्सिडियरी Amundi इंडिया होल्डिंग के जरिए यह हिस्सेदारी खरीद ली। देश के सबसे बड़े लेंडर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की SBI फंड्स मैनेजमेंट में 61.76 प्रतिशत हिस्सेदारी है जबकि 36.26 प्रतिशत हिस्सेदारी Amundi इंडिया होल्डिंग के पास है।

अगर लिस्टिंग की योजनाएं सफल होती हैं तो यह SBI की तीसरी सब्सिडियरी होगी जो स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होगी। इसी के साथ यह ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी, HDFC एसेट मैनेजमेंट कंपनी, निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट, आदित्य बिड़ला सन लाइफ एसेट मैनेजमेंट और UTI एसेट मैनेजमेंट कंपनी के बाद ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध छठी एसेट मैनेजमेंट कंपनी बन जाएगी।

कैसे रहे नतीजे

दिसंबर 2025 को खत्म हुए नौ महीनों में SBI फंड्स मैनेजमेंट का मुनाफा पिछले फाइनेंशियल ईयर की इसी अवधि के 1933 करोड़ रुपये से 25.9 प्रतिशत बढ़कर 2433 करोड़ रुपये हो गया। इसी अवधि में रेवेन्यू 23 प्रतिशत बढ़कर 2642 करोड़ रुपये से 3250 करोड़ रुपये हो गया।

फाइनेंशियल ईयर 2025 में मुनाफा 2,540.2 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के 2,072.8 करोड़ रुपये से 22.5 प्रतिशत ज़्यादा है। इसी फाइनेंशियल ईयर में रेवेन्यू 33.7 प्रतिशत बढ़कर 2,690.6 करोड़ रुपये से 3,597.8 करोड़ रुपये हो गया।

NSE आईपीओ से एसबीआई को मुनाफा

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आईपीओ से भी एसबीआई को बड़ा मुनाफा होने वाला है। एसबीआई की 2.47 करोड़ शेयरों की बिक्री करने की योजना बना रहा है, जिससे गैर-सूचीबद्ध बाजार की मौजूदा कीमतों के आधार पर उसे करीब 4,950 करोड़ रुपये मिल सकते हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN