Source :- LIVE HINDUSTAN
अधूरी मोहब्बत का दर्द शब्दों में महसूस करना चाहते हैं? पढ़ें अधूरे इश्क पर 15 दिल छू लेने वाली शायरियां, जो आपके जज्बातों को खूबसूरती से बयां करेंगी। साथ ही दिल टूटने के गम को भी कम करने में मदद करेंगी।
शायरी ऐसे अल्फाजों का संगम है, जो दिल के हर एहसास को बयां कर देती है। गम हो, खुशी, अधूरा इश्क, टूटा दिल या प्यार में डूबा आशिक, हर जज्बात को शब्द देने का सबसे खूबसूरत तरीका शायरी मानी जाती है। अक्सर लोग शायरी तभी पढ़ते हैं, जब प्यार नया-नया होता है या फिर दिल बुरी तरह से टूट गया होता है। टूटे दिल, अधूरे इश्क के दर्द में डूबे हुए इंसान के गम को कम करने में शायरी मदद करती है। इश्क जब मुकम्मल नहीं हो पाता, तो उसकी कसक लंबे समय तक दिल में रह जाती है। ऐसे में शायरी उन अनकहे जज्बातों को अल्फाज देने का काम करती है, जिन्हें कहना आसान नहीं होता। अगर आप भी अधूरी रह गई प्रेम कहानी और महबूब की याद में तड़प रहे हैं, तो हम आपके लिए कुछ खूबसूरत शायरियां लेकर आए हैं, जो आपके दिल पर मरहम लगाने जैसा काम करेंगी।
1- कर रहा था गम-ए-जहां का हिसाब,
आज तुम याद बे-हिसाब आए।
2- नहीं आती तो याद उन की महीनों तक नहीं आती,
मगर जब याद आते हैं तो अक्सर याद आते हैं।
3- तुम ने किया न याद कभी भूल कर हमें,
हम ने तुम्हारी याद में सब कुछ भुला दिया।
4- तुम्हारी याद के जब ज़ख़्म भरने लगते हैं,
किसी बहाने तुम्हें याद करने लगते हैं।
5- रातों की चुप्पी में तेरी यादें बोलती हैं,
दर्द की इबादत ये आंखें तोलती हैं।
6- वो खुद एक सवाल बन के रह गया,
जो मेरी पूरी जिंदगी का जवाब था!
7- वहम से भी खत्म हो जाते हैं अक्सर रिश्ते,
कसूर हर बार गलतियों का नहीं होता!
8- मुझे ऐसा लगा कि अब मैं गुमनाम हो जाऊं,
इस दुख दर्द देने वाली दुनिया से दूर हो जाऊं!
9- खामोशियां कभी बेवजह नही होती,
कुछ दर्द आवाज छीन लिया करते हैं!
10- जख्म तो भर गए पर निशान छोड़ गए तुम,
जैसे बारिश के बाद कीचड़ में पैरों के निशान!
11- शहर जालिमों का है साहब, जरा संभल कर चलना,
यहां सीने से लगाकर लोग दिल निकाल लेते है!
12- तुम पर भी यकीन है और मौत पर भी ऐतबार है,
देखते हैं पहले कौन मिलता है हमें दोनों का ही इंतजार है!
13- ये किस मोड़ पर तुम्हें बिछड़ने की सूझी
मुद्दतों के बाद तो संवरने लगे थे हम।
14- मोहब्बत में छोड़ने का हुनर हर किसी को नहीं आता
किसी को छोड़ना हो तो मुलाकातें बड़ा करना।
15- सब कहते हैं कि वक्त हर जख्म भर देता है,
पर सच तो ये है कि हम दर्द के साथ जीना सीख जाते हैं।
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