Home BUSINESS NEWS HINDI Voda-आइडिया के शेयर पर सोमवार को रहेगी नजर, आपका है दांव?

Voda-आइडिया के शेयर पर सोमवार को रहेगी नजर, आपका है दांव?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अगले सप्ताह के पहले दिन यानी सोमवार को निवेशकों की नजर वोडाफोन आइडिया के शेयर पर होगी। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि दूरसंचार विभाग ने वोडाफोन आइडिया को 26.83 करोड़ रुपये का ‘लिक्विडेटेड डैमेज’ (अनुबंध के उल्लंघन पर हर्जाना) भरने का नोटिस भेजा है। बता दें कि अभी वोडाफोन आइडिया के शेयर की कीमत 13 रुपये पर है। जून 2026 में यह शेयर 15.35 रुपये पर था। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई है। अगस्त 2025 में शेयर 6.12 रुपये पर था। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो है।

क्या है नया मामला?

दूरसंचार विभाग का कहना है कि वोडाफोन आइडिया साल 2022 की नीलामी में मिले स्पेक्ट्रम के लिए तय न्यूनतम नेटवर्क विस्तार की शर्तों को पूरा करने में नाकाम रही है। दूरसंचार कंपनी ने शनिवार को यह जानकारी दी। कंपनी ने कहा कि वह नोटिस की समीक्षा कर रही है और आगे के कदमों पर विचार कर रही है।

दूरसंचार विभाग के नोटिस की जानकारी देते हुए, वोडाफोन आइडिया ने शेयर बाजार को बताया कि यह वर्ष 2022 में हुई स्पेक्ट्रम नीलामी में मिले स्पेक्ट्रम के लिए न्यूनतम नेटवर्क विस्तार की शर्तों को पूरा न करने के आरोप में 26.83 करोड़ रुपये का लिक्विडेटेड डैमेज (जुर्माना) भरने के लिए है। हालांकि, कंपनी ने कहा कि इससे उससे कामकाज पर कोई आर्थिक या अन्य असर नहीं पड़ेगा। कंपनी ने आगे कहा कि वह नोटिस की समीक्षा कर रही है और इस मामले में आगे के कदमों पर विचार किया जा रहा है।

कंपनी ने 1182 करोड़ रुपये जुटाए

हाल ही में कर्ज से जूझ रही वोडाफोन आइडिया ने प्रवर्तक आदित्य बिड़ला समूह से वारंट जारी कर 1182 करोड़ रुपये जुटाए हैं। बीते दिनों कंपनी ने कहा कि निदेशक मंडल ने 11 रुपये प्रति वारंट के भाव पर 430 करोड़ वारंट आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी सूर्याजा इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित करने को मंजूरी दी। इस प्रस्ताव के तहत कंपनी को इश्यू प्राइस का 25 प्रतिशत यानी 2.75 रुपये प्रति वारंट के भाव से 1,182.50 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। प्रत्येक वारंट को 18 महीने के भीतर एक पूर्ण चुकता इक्विटी शेयर में बदला जा सकेगा, जिसके लिए बाकी 75 प्रतिशत राशि का भुगतान करना होगा।

वोडाफोन आइडिया को अगले तीन वर्षों में लगभग एक लाख करोड़ रुपये कैश की जरूरत है, जिसके लिए वह कैश फ्लो बढ़ाने, नए कर्ज, कर रिफंड और प्रवर्तक के निवेश पर निर्भर है। कंपनी का लक्ष्य कैश फ्लो को तीन गुना करना है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN