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अमेरिका को पछाड़ UAE बना भारत का सबसे बड़ा सप्लायर, बदला LPG सप्लाई का पूरा गणित

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • सितंबर 2026 में UAE अमेरिका को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर बन गया
  • Kpler के आंकड़ों के अनुसार, UAE से LPG आयात 182% बढ़कर 5.47 लाख टन पहुंच गया, जबकि अमेरिका से आयात 58% घटकर 3.23 लाख टन रह गया
  • भारत के कुल LPG आयात में UAE की हिस्सेदारी 39% और अमेरिका की 23% रही

भारत के LPG आयात में सितंबर 2026 के दौरान बड़ा बदलाव देखने को मिला। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए भारत के लिए Liquefied Petroleum Gas (LPG) का सबसे बड़ा सप्लायर बनने का स्थान हासिल कर लिया। समुद्री कारोबार पर नजर रखने वाली कंपनी Kpler के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में भारत के कुल LPG आयात में UAE की हिस्सेदारी बढ़कर 39% हो गई, जबकि अगस्त में यह केवल 13% थी। दूसरी ओर, अमेरिका की हिस्सेदारी 53% से घटकर 23% रह गई। यह बदलाव बताता है कि खाड़ी देशों से सप्लाई धीरे-धीरे फिर मजबूत हो रही है।

UAE से LPG सप्लाई में 182% की बढ़ोतरी

सितंबर में UAE ने भारत को करीब 5.47 लाख टन LPG की सप्लाई की। अगस्त में यह मात्रा लगभग 1.93 लाख टन थी। यानी एक महीने में UAE से आयात में करीब 182% की बढ़ोतरी हुई। इसके साथ ही UAE ने पिछले छह महीनों से भारत के सबसे बड़े LPG सप्लायर रहे अमेरिका को पीछे छोड़ दिया। अमेरिका से सितंबर में लगभग 3.23 लाख टन LPG आई, जो अगस्त के मुकाबले 58% कम थी। इस गिरावट की वजह से भारत के LPG आयात में अमेरिकी हिस्सेदारी काफी घट गई।

होर्मुज संकट के बाद अमेरिका पर बढ़ी थी निर्भरता

फरवरी 2026 के आखिर में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के कारण Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। यह समुद्री मार्ग भारत के लिए अहम है, क्योंकि पहले भारत के LPG आयात का लगभग 90% खाड़ी देशों से इसी रास्ते आता था। सप्लाई में बाधा आने के बाद भारत ने अमेरिका से आयात बढ़ाया था। अब खाड़ी क्षेत्र से LPG की उपलब्धता सुधरने के साथ आयात का रुख दोबारा पश्चिम एशिया की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।

कुवैत और कतर से भी बढ़ा आयात

सितंबर में भारत को LPG सप्लाई करने वाले देशों में कुवैत तीसरे स्थान पर रहा। वहां से करीब 1.33 लाख टन LPG आई, जो अगस्त से 15.6% अधिक थी। कतर से आयात 76% बढ़कर लगभग 1.15 लाख टन पहुंच गया। हालांकि, सितंबर में सऊदी अरब से भारत ने LPG का कोई आयात नहीं किया। अन्य सप्लायर देशों में ईरान से करीब 89 हजार टन, अल्जीरिया से 24 हजार टन, ओमान और रिपब्लिक ऑफ कांगो से लगभग 23-23 हजार टन तथा ब्रुनेई से करीब 4 हजार टन LPG आई।

कुल LPG आयात में 4% की गिरावट

UAE और कुछ अन्य खाड़ी देशों से सप्लाई बढ़ने के बावजूद भारत का कुल LPG आयात सितंबर में घटा। महीने के दौरान भारत ने लगभग 13.9 लाख टन LPG आयात की, जो अगस्त के मुकाबले करीब 4% कम थी। भारत अपनी LPG जरूरतों का लगभग 60% आयात से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय सप्लाई, समुद्री मार्गों की स्थिति और माल ढुलाई की लागत देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। LPG का इस्तेमाल घरेलू रसोई गैस के साथ-साथ कई व्यावसायिक गतिविधियों में भी होता है।

आगे भी जारी रह सकती है सप्लायर देशों में विविधता

एक्सपर्ट का मानना है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बाद भी भारत अपनी LPG खरीद के स्रोतों में विविधता बनाए रख सकता है। खाड़ी देश भारत के लिए महत्वपूर्ण सप्लायर बने रहेंगे, लेकिन अमेरिका और अन्य देशों से आयात के विकल्प भी उपयोगी साबित हो सकते हैं। Kpler के फ्रेट विश्लेषक मैट राइट के मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र से तेल की आवाजाही में सुधार हुआ है, लेकिन Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों को लेकर जोखिम बने रहने के कारण माल ढुलाई की लागत ऊंची है। यानी सप्लाई बहाल होने के बावजूद भारत को ऊर्जा आयात की लागत और समुद्री जोखिमों पर नजर रखनी होगी।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN