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इंट्रा-डे में 32% टूटा पॉलिसीबाजार का शेयर, एक प्रपोजल से बिगड़ा निवेशकों का मूड

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Source :- LIVE HINDUSTAN

इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने एक ऐसा प्रपोजल ला दिया है जिससे गुरुवार को बीमा कंपनियों के शेयर में हड़कंप मच गया। इस प्रपोजल की वजह से पॉलिसीबाजार की पैरेंट कंपनी पीबी फिनटेक के शेयर में भी भूचाल आ गया। सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन निवेशकों के बीच डर इतना ज्यादा था कि यह शेयर 32 फीसदी क्रैश होकर 52 हफ्ते के लो को टच कर लिया।

शेयर का परफॉर्मेंस

पीबी फिनटेक के शेयर 1,890 रुपये की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले गुरुवार को 1,285.20 रुपये के लो पर आ गया। यह शेयर के करीब डेढ़ साल का निचला स्तर भी है। इस तरह, एक दिन पहले के मुकाबले शेयर 600 रुपये से ज्यादा गिर गया। शेयर के 52 हफ्ते के हाई की बात करें तो 1,963 रुपये है। शेयर का यह भाव पिछले साल दिसंबर महीने में था।

क्या है इस भूचाल की वजह?

पीबी फिनटेक के शेयर में इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह IRDAI का इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर प्रस्तावित बदलाव हैं। IRDAI ने एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया है, जिसमें इंश्योरेंस कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स के खर्च, कमीशन स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है। प्रस्ताव में अलग-अलग इंश्योरेंस प्रोडक्ट और डिस्ट्रीब्यूशन चैनल के हिसाब से कमीशन की सीमा तय करने की बात कही गई है।

पॉलिसीबाजार के बिजनेस मॉडल पर असर?

पॉलिसीबाजार प्लेटफॉर्म अलग-अलग इंश्योरेंस कंपनियों की पॉलिसियों को ग्राहकों तक पहुंचाने में डिस्ट्रीब्यूशन की भूमिका निभाता है। ऐसे में कमीशन की सीमा घटने पर कंपनी को हर पॉलिसी से मिलने वाली कमाई यानी टेक-रेट पर दबाव पड़ सकता है। ब्रोकरेज Bernstein के मुताबिक प्रस्तावित कमीशन कटौती उम्मीद से ज्यादा बड़ी है और पीबी फिनटेक पर इसका असर काफी ज्यादा हो सकता है।

इरडा के प्रपोजल

इरडा ने इंश्योरेंस वेबसाइट पर ‘डार्क पैटर्न’ यानी भ्रामक डिजाइन वाले तौर-तरीके पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा है। इसमें ऐसी व्यवस्था भी शामिल है, जिसमें उत्पाद की विशेषताओं और कीमत की जानकारी देखने के लिए ग्राहकों से व्यक्तिगत जानकारी मांगी जाती है।

डार्क पैटर्न से मतलब वेबसाइट या ऐप के ऐसे भ्रामक डिजाइन और तौर-तरीकों से है, जिनके जरिये उपयोगकर्ताओं को उनकी इच्छा के विरुद्ध बीमा खरीदने, अधिक प्रीमियम का भुगतान करने या अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने के लिए उकसाया जाता है।

इंश्योरेंस की गलत बिक्री रोकने के उपायों का प्रपोजल

इरडा ने इंश्योरेंस की गलत बिक्री रोकने के लिए कड़े उपायों का भी प्रपोजल किया है। इसके तहत ग्राहकों की जरूरत और उनके लिए इंश्योरेंस के सही विकल्प होने की जानकारी दर्ज करना और बिक्री से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखना जरूरी होगा।

बीमा नियामक ने कहा कि इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य ग्राहक-केंद्रित, प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी बीमा वितरण व्यवस्था तैयार करना है, जिससे पॉलिसीधारकों, बीमा कंपनियों और वितरणकर्ताओं के लिए बेहतर परिणाम सुनिश्चित हो सकें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN