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https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/06/01/1200x900/Blue_Spring_1780296694204_1780296703023_aa0bca5b-2d3b-4a2b-b77e-41194fa0883b.jpgBlue Spring Movie Shot: आज जानिए एक ऐसी फिल्म के बारे में, जिसका एक सीन शूट करने के लिए एक्टर 12 घंटे तक बिना हिले खड़ा रहा था। इस सीन में बीच में कहीं कोई कट नहीं था और डायरेक्टर ने इसी सीन को करने की शर्त पर एक्टर को अपनी फिल्म में कास्ट किया था।
क्या आपको टाइम लैप्स सीन के बारे में पता है? उस तरह के सीन, जिनमें बहुत लंबे वक्त को कुछ ही पलों में गुजरते हुए दिखाया जाता है। शायद आपने कभी किसी फिल्म या डॉक्यूमेंट्री में नोटिस किया हो, कि दिन ढलने के बाद अगली सुबह का होना, या फिर किसी जगह पर अगले कई घंटों में वक्त और चीजों का बदलना कुछ ही पलों में इस तरह के सीन्स की मदद से दिखाया जाता है। इस तरह के सीन फिल्माते वक्त डायरेक्टर कैमरा को एक ही जगह किसी तय फ्रेम पर पर लगा देते हैं और फिर अगले कई घंटों की रिकॉर्डिंग करके उसे बहुत तेजी से फास्ट फॉरवर्ड किया जाता है।
मेकर्स के सामने यह थी बड़ी चुनौती
इस तरह के सीन की दिक्कत यह होती है कि कई घंटों की रिकॉर्डिंग होने के चलते इनमें सब्जेक्ट (हीरो/किरदार) को स्थिर नहीं रखा जा सकता। लेकिन एक फिल्म ऐसी है, जिसमें डायरेक्टर ने यह कमाल कर दिखाया था। इस फिल्म का नाम है ‘ब्लू स्प्रिंग’। यह फिल्म साल 2001 में आई थी और इसमें दिन ढलता है और फिर रात होती है, बैकग्राउंड सब सब कुछ बदलता जाता है, लेकिन एक्टर अपनी जगह पर जैसा का तैसा एक बालकनी की रेलिंग के सहारे खड़ा रहता है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर मेकर्स ने यह कमाल किया कैसे?
इसी शर्त पर हुई एक्टर की कास्टिंग
क्योंकि बाकी सब कुछ मोमेंटम में रहे और एक्टर स्थिर रहे, इस तरह का सीन टाइम लैप्स में रिकॉर्ड करने के लिए एक्टर को बहुत देर तक अपनी ही जगह पर खड़ा रहना पड़ेगा। जी हां, इस एक्टर ने ऐसा ही किया था। सुनने में भले ही यह नामुमकिन लगे, लेकिन ‘ब्लू स्प्रिंग’ मूवी के इस एक्टर को इसी शर्त पर फिल्म में कास्ट किया गया था कि वह यह सीन करेगा। इस सीन के लिए डायरेक्टर तोशियाकी चाहते थे कि उनका किरदार स्थिर रहे और बाकी सब कुछ बदलता रहे, ताकि दिखाया जा सके कि कैसे उस किरदार वो किरदार ठहर गया है, लेकिन वक्त गुजरता जा रहा है।
12 घंटे बिना हिले खड़ा रहा एक्टर
इस सीन को परफेक्शन के साथ करने के लिए मेकर्स ने कैमरा एक घर की छत पर माउंट कर दिया था और एक्टर को बालकनी के किनारे खड़ा कर दिया। एक्टर को यह सीन करने के लिए 12 घंटे तक लगातार एक ही पॉश्चर में खडे़ रहना था। इस सीन में किसी तरह की गलती न हो, इसलिए डायरेक्टर ने एक्टर के हाथ बालकनी की रेलिंग से बांध दिए थे। ताकि उसे एक तरह का सहारा मिले और वह चाहकर भी अपने हाथ न छुड़ा पाए। इस फिल्म के टाइम लैप्स सीन को आज भी अलग-अलग इंडस्ट्रीज में टाइम लैप्स के लिए लैंडमार्क माना जाता है।
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