Source :- LIVE HINDUSTAN
इजरायल में नेतन्याहू प्रशासन ने जाते-जाते ईरान को धमकी दी है। इजरायली रक्षा मंत्री कार्ट्ज ने चेतावनी देते हुए कहा कि तेहरान में इजरायल का मिशन अभी पूरा नहीं हुआ है।
इजरायल इस समय सत्ता परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। राष्ट्रपति हार्जोग ने नेतन्याहू के विरोधी गादी आइजेनकोट को सत्ता की चाबी सौंपते हुए सरकार बनाने का पहला निमंत्रण दिया है। लेकिन इन सब बातों के बीच इजरायल की वर्तमान कार्यवाहक सरकार के रक्षा मंत्री कार्ट्ज ने दुश्मनों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ देश (इजरायल) का अभियान अभी पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि तेहरान परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इजरायल पर नया खतरा आया, तो उसका करारा जवाब दिया जाएगा। केवल ईरान ही नहीं कार्ट्ज ने हिज्बुल्लाह को भी चेतावनी दी है।
एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले काट्ज ने कहा कि अभी तक देश का मिशन ईरान में पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, ” ईरान परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिशें फिर से शुरू कर रहा है। इसके अलावा, वह ऐसी अन्य खतरनाक कोशिशें भी कर रहा है जिनसे इजरायल राज्य के सामने वास्तविक खतरा पैदा हो गया है। अगर ईरान ने ऐसा करना बंद नहीं किया, तो करारा जवाब दिया जाएगा।”
गौरतलब है कि इजरायली रक्षा मंत्री की तरफ से यह बयान ऐसे समय में आया है, जब नेतन्याहू की सत्ता जाना लगभग तय माना जा है। इजरायली राष्ट्रपति हार्जोग ने गादी आइजेनकोट को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है। उनको सरकार बनाने के लिए 6 दिनों के भीतर बहुमत सिद्ध करना होगा। राष्ट्रपति की तरफ से गादी आइजेनकोट को सत्ता की चाबी सौंपे जाने के बाद नेतन्याहू की रवानगी लगभग तय हो गई है।
इस संभावित सत्ता परिवर्तन से पहले काट्ज ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए इजरायल के राजनेताओं को संबोधित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब राष्ट्रीय सुरक्षा दांव पर हो, तो उन्हें अपने मतभेदों को भुला देना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम बहस कर सकते हैं, हमारे विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन जब देश की सुरक्षा दांव पर हो, तो हमें अपने विवादों से ऊपर उठना आना चाहिए।”
ईरान के ऊपर हमला करने वाले थे नेतन्याहू
हाल में आई रिपोर्ट्स में इस बात का खुलासा हुआ था कि नेतन्याहू इजरायल में वोटिंग से ठीक पहले ईरान पर हमला करने वाले थे। रिपोर्ट के मुताबिक नेतन्याहू 27 अक्तूबर के पहले खुफिया एजेंसी मोसाद के साथ मिलकर हमला करने की तैयारी कर चुके थे। हालांकि, उसी वक्त मिडटर्म चुनाव की तैयारी कर रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी भी तरह का हमला नहीं चाहते थे। इसलिए जैसे ही हमले की जानकारी उन तक पहुंची उन्होंने इस पर वीटो कर दिया।
बता दें, नेतन्याहू ने 7 अक्तूबर 2023 को हुए हमले के बाद गाजा में एक व्यापक अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान में उन्होंने अभी कुछ समय पहले तक जमकर बम बरसाए। धीरे-धीरे करके यह युद्ध लेबनान में हिज्बुल्लाह और यमन में हूतियों के खिलाफ भी शुरू हो गया। इसके बाद रही-सही कसर नेतन्याहू ने ईरान पर हमला करके पूरी कर दी।
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