Source :- LIVE HINDUSTAN
अच्छी पर्सनैलिटी का मतलब ये नहीं है कि आप महंगे कपड़े पहनें या किसी खास भाषा में बात करें। आपका व्यवहार ही तय करता है कि लोग आपको पसंद करेंगे या नहीं। ऐसे में ये 5 आदतें आपको अपने अंदर जरूर लानी चाहिए।
अच्छी पर्सनैलिटी सिर्फ हमारे बोलचाल या कपड़ों से नहीं बनती, बल्कि इस बात से भी पता चलती है कि हम दूसरे लोगों के साथ किस तरह पेश आते हैं। रोज की जिंदगी में हमारे आसपास कई ऐसे छोटे-छोटे पल आते हैं, जहां हमारा बिहेवियर बिना कुछ कहे ही हमारी पर्सनालिटी के बारे में बहुत कुछ कह देता है। अगर आप चाहते हैं कि आपकी पर्सनेलिटी इंप्रेसिव हो और कभी आपकी वजह से किसी को अनकंफर्टेबल महसूस ना हो तो इसके लिए कुछ बातें है जिन्हें समझना बहुत जरूरी है। इन बातों को समझकर आप कई लोगों से बेहतर बन सकते हैं।
किसी के घर पर ज्यादा देर तक ना बैठें
अगर आप किसी के घर गए हैं और वह व्यक्ति बार-बार कह रहा है कि वह थक गया है, तो इस बात को समझने की कोशिश करें। हो सकता है वह सीधे यह ना कह पा रहा हो कि अब उसे आराम करना है। ऐसे समय पर बातचीत को लंबा खींचने के बजाए वहां से चले जाना बेहतर होता है। इससे आप सामने वाले बोझ नहीं बनते और उसे यह भी महसूस होता है कि आप उसकी बात और स्थिति को समझते हैं।
किसी के फोन में फोटो देखते समय सावधानी रखें
जब कोई इंसान आपको अपने फोन में फोटो दिखा रहा हो, तो सिर्फ वही फोटो देखें जो उसने आपको दिखाई है। बिना उसकी अनुमति के फोन की स्क्रीन को लेफ्ट या राइट स्वाइप ना करें। हो सकता है उसके फोन में ऐसी दूसरी तस्वीरें हों जिन्हें वह आपको दिखाना ही ना चाहता हो। इसलिए फोटो देखते समय वहीं रुकना और बिना पूछे आगे ना बढ़ना एक समझदारी वाली आदत है। छोटी सी सावधानी सामने वाले की प्राइवेसी का सम्मान करती है।
बिल आपने नहीं दिया है तो आखिरी पीस छोड़ दें
जब आप किसी के साथ खाना खा रहे हों और उस खाने का बिल आपने नहीं दिया है, तो प्लेट में बचे आखिरी पीस को उठाने से पहले थोड़ा रुकें। खासकर तब, जब वह आखिरी पीस किसी ऐसी चीज का हो जिसे सब खाना चाहते हों। ऐसी स्थिति में सामने वाले को पहले मौका देना अच्छा बिहेवियर माना जाता है। यह बहुत छोटी बात है, लेकिन इससे पता चलता है कि आप सिर्फ अपनी पसंद के बारे में नहीं सोच रहे हैं, बल्कि साथ बैठे लोगों का भी ध्यान रख रहे हैं।
बार-बार घड़ी देखना एक संकेत हो सकता है
अगर आप किसी व्यक्ति से बात कर रहे हैं और वह बार-बार समय देख रहा है, तो बातचीत को थोड़ा छोटा करने के बारे में सोचें। हो सकता है उसे कहीं जाना हो या वह किसी दूसरे काम के लिए समय देख रहा हो। ऐसे में अपनी बात को बार-बार खींचते रहने के बजाए जल्दी खत्म करना बेहतर रहता है। सामने वाले के इस संकेत को समझने से आप उसे असहज होने से बचा सकते हैं और बातचीत भी अच्छे तरीके से खत्म हो सकती है।
किसी शर्मीले व्यक्ति का मजाक ना बनाएं
अगर आप किसी ग्रुप में बैठे हैं और कोई व्यक्ति कहता है कि वह बहुत शर्मीला या अनकंफर्टेबल फील कर रहा है, तो उसकी बात को मजाक में ना लें। ऐसे समय पर उसका मजाक बनाने के बजाए उसे बातचीत में शामिल करने की कोशिश करें। आप खुद उससे कोई आसान बात शुरू कर सकते हैं, ताकि उसे ग्रुप में घुलने-मिलने में आसानी हो। जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति बड़ी आसानी से सबके सामने बात कर पाए। इसलिए किसी की झिझक को समझना और उसका मजाक न बनाना एक अच्छी आदत है।
ग्रुप में फोन आए तो लंबी बातचीत ना करें
अगर आप किसी ग्रुप में बैठे हैं और उसी समय आपके पास फोन आ जाता है, तो कोशिश करें कि फोन पर बहुत लंबी बात न करें। खासकर तब, जब कॉल ऐसी हो जिसे थोड़ी देर बाद भी किया जा सकता है। अगर बात जरूरी है तो कॉल जरूर लें, लेकिन काम की बात पूरी करके बातचीत खत्म कर दें। इससे आपके साथ बैठे लोगों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और आप ग्रुप में चल रही बातचीत पर भी ध्यान दे पाएंगे।
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