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करी पत्ते से भर जाएगा पूरा गमला, हरे-भरे पत्तों के लिए डालें बस 1 घोल, माली ने बताया सीक्रेट

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Source :- LIVE HINDUSTAN

करी पत्ते को मीठा नीम कहते हैं, जिसका इस्तेमाल खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ स्वास्थ्य के लिए भी किया जाता है। लोग इसे अपने घर में लगाने लगे हैं, लेकिन कई बार इसकी पत्तियां सूखकर पीली पड़ जाती हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो माली की बताई एक ट्रिक अपनाकर देख लें।

करी पत्ता जिसे मीठा नाम भी कहा जाता है, वह सब्जी में भी डाला जाता है। साथ ही बालों और त्वचा के लिए भी लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। यही कारण है कि आजकल हर कोई करी पत्ते का पौधा घर पर लगाने लगा है लेकिन करी पत्ते के पौधे की सही देखभाल न होने पर ये सूख जाता है। इसकी पत्तियां छोटी निकलती है या फिर जल्दी पीली पड़ जाती है। अगर आपने भी करी पत्ते का पौधा गमले में लगाया है और उसमें पत्तियां नहीं निकल रही हैं, तो माली की बताई एक ट्रिक अपनाकर देख लीजिए। माली का कहना है कि करी पत्ते को लगाने के लिए सिर्फ जड़ ही अच्छी नहीं चाहिए बल्कि मिट्टी और बाकि चीजों का भी खास ध्यान देना पड़ता है। उन्होंने एक पाउडर के बारे में बताया, जिसे मिट्टी में डालने से गमले में पौधा हरा-भरा बना रहेगा।

गमले को धूप में रखें या नहीं

माली का कहना है कि करी पत्ते के पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए उसे ऐसी जगह रखना चाहिए, जहां दिनभर सबसे ज्यादा और सीधी धूप आती हो। यह पौधा धूप पसंद करता है, इसलिए इसे लंबे समय तक छांव या बंद जगह में रखने से इसकी बढ़त प्रभावित हो सकती है। हालांकि, तेज धूप में रखने के साथ एक बात का ध्यान रखना जरूरी है कि पौधे को रोजाना और पर्याप्त मात्रा में पानी मिलता रहे, ताकि मिट्टी सूखने न पाए।

गमला-मिट्टी कैसा होना चाहिए

माली के मुताबिक आप गमला चुन रहे हैं, तो थोड़ा बड़ा चुनें। घर की पुरानी प्लास्टिक की बाल्टी में इसे लगा सकते हैं लेकिन बाल्टी में नीचे की ओर कुछ छोटे छेद कर दीजिए। इससे पौधे को सांस आती रहेगी। पौधे को लगाने से पहले दीया के कुछ टुकड़े लें और छेद के ऊपर रख दें। इससे छेद बंद भी नहीं होंगे लेकिन मिट्टी भी नीचे नहीं गिरेगी। आपको करी पत्ता लगाने के लिए चाहिए होगी खेत वाली रेतीली मिट्टी। उसमें ये पौधा जल्दी और अच्छे से लगता है।

खाद्य कैसे बनाएं

सरसों की तेल को पेरते समय उसमें खली निकलती है। उस खली को रातभर 1 गिलास में पानी में डालकर रख दें। सुबह खली पूरी तरह से गल जाएगी। इस पानी को खली के साथ ही गमले वाली मिट्टी में डाल दीजिए। बस इस घोल को आपको हर 15 दिन में एक बार करी पौधे के गमले में डाल देना है। आपका पौधा बरगद की तरह बढ़ने लगेगा और पत्तियां हरी-भरी रहेंगी।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN