Home - क्या आपकी लोकेशन देख सकती हैं फोन कंपनियां? ये रही Samsung और...

क्या आपकी लोकेशन देख सकती हैं फोन कंपनियां? ये रही Samsung और Apple जैसे ब्रैंड्स की पॉलिसी

5
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

क्या फोन कंपनियां आपकी लोकेशन देख सकती हैं और आपको लगातार ट्रैक कर सकती हैं? आइए बताएं इसे लेकर Samsung और Apple की पॉलिसी क्या कहती है। 

क्या आपका स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी आपकी लोकेशन देख सकती है? इस सवाल का जवाब सिर्फ हां या ना में देना आसान नहीं होगा। Apple और Samsung जैसी कंपनियों की आधिकारिक प्राइवेसी पॉलिसी के मुताबिक, उनकी कुछ सर्विसेज लोकेशन से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकती हैं। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि फोन में लोकेशन या GPS ऑन करते ही कंपनी लगातार आपकी लाइव लोकेशन ट्रैक करना शुरू कर देती है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कौन-सी सर्विस इस्तेमाल कर रहे हैं और आपने कौन-सी सेटिंग्स या परमिशन दी हैं।

क्या कहती है Apple की पॉलिसी?

Apple के मुताबिक, iPhone की लोकेशन सर्विसेज GPS, ब्लूटूथ, WiFi एक्सेस प्वाइंट्स और सेलुलर टावर्स जैसी जानकारी का इस्तेमाल करके डिवाइस की लोकेशन तय करती हैं। कुछ सर्विसेज में लोकेशन से जुड़ी जानकारी कंपनी को भेजी जा सकती है। उदाहरण के लिए, रूटिंग और ट्रैफिक को बेहतर बनाने के लिए iPhone से GPS डेटा, गाड़ी की स्पीड और दिशा जैसी जानकारी एन्क्रिप्टेड तरीके से भेजी जा सकती है। Apple यह भी कहता है कि सजेशंस और सर्च जैसी कुछ सुविधाओं के लिए iPhone की लोकेशन उसको भेजी जा सकती है।

हालांकि, प्राइवेसी पॉलिसी में कुछ महत्वपूर्ण सीमाएं भी हैं। उदाहरण के लिए, सिग्निफिकेंट लोकेशंस और रूट्स की जानकारी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के साथ सिंक होती है और पॉलिसी के मुताबिक, उसे Apple पढ़ नहीं सकता। फाइंड माई नेटवर्क में भी Apple का कहना है कि एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन की वजह से वह ऑफलाइन डिवाइस या लोकेशन रिपोर्ट करने वाले डिवाइस की लोकेशन नहीं देख सकता।

क्या कहती है Samsung की पॉलिसी?

Samsung की प्राइवेसी पॉलिसी में भी लोकेशन की जानकारी का जिक्र है। सैमसंग के मुताबिक, उसकी कुछ सर्विसेज इस्तेमाल करने पर आसपास के WiFi एक्सेस प्वाइंट्स और सेल टावर्स की जानकारी कंपनी को भेजी जा सकती है। कुछ सर्विसेज के मामले में, अलग से सहमति देने पर डिवाइस का GPS सिग्नल भी सैमसंग को भेजा जा सकता है। कुछ सर्विसेज में IP एड्रेस से अनुमानित लोकेशन भी इस्तेमाल की जा सकती है।

ऐसे में क्या कहना सही होगा?

ऐसे में यह कहना सही नहीं होगा कि सैमसंग, Apple या बाकी ब्रैंड्स आपकी हर समय की पूरी GPS लोकेशन हिस्ट्री अपने पास रखते हैं। सही बात यह है कि उनकी कुछ खास सर्विसेज को काम करने या उन्हें बेहतर बनाने के लिए लोकेशन से जुड़ी जानकारी कंपनी तक पहुंच सकती है। यानी लोकेशन ऑन होना और कंपनी की ओर से आपकी लगातार लाइव ट्रैकिंग किया जाना दो अलग-अलग बातें हैं।

एक और जरूरी बात यह है कि फोन की लोकेशन सर्विसेज बंद करने के बाद हर तरह की लोकेशन जानकारी खत्म हो जाती है, ऐसा मानना भी सही नहीं है। उदाहरण के लिए, Apple के मुताबिक, लोकेशन सर्विसेज बंद होने पर भी कोई सर्विस IP एड्रेस के जरिए आपकी अनुमानित लोकेशन पता लगाने की कोशिश कर सकती है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN