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इससे पहले IRGC ने धमकी दी थी कि अगर अमेरिका ने हमले नहीं रोकें तो युद्ध खत्म करने के लिए जारी वार्ता पूरी तरह रोक दी जाएगी। इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को धमकी दी थी।
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के स्थायी समाधान को लेकर जारी बातचीत एक बार फिर पटरी पर लौट सकती है। दोनों देशों ने हमले रोकने और बातचीत दोबारा शुरू करने पर सहमति जताई है। इससे पहले बीते दिनों अमेरिका और ईरान दोनों ने एक बार फिर हमले शुरू कर दिए थे जिससे क्षेत्र में एक बात फिर तनाव बढ़ रहा था। हालांकि अब राहत की खबर सामने आई है।
एक्सियोस ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि दोनों देश मंगलवार को कतर में मिलकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर जारी विवाद का समाधान तलाशेंगे। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्षों ने दोहा में शांति वार्ता आगे बढ़ने तक सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनाई है। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया, “हमने सभी सैन्य गतिविधियों को रोकने का फैसला किया है।”
भीषण युद्ध के बाद हुआ था समझौता
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी को भीषण युद्ध शुरू हो गया था। अमेरिकी और इजरायली हमलों में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई मारे गए। आगबबूला ईरान ने इसके बाद ना सिर्फ खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया बल्कि दुनिया के सबसे प्रमुख जलमार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को भी बंद कर दिया और यहां से जहाजों को आवाजाही ठप पड़ गई।
करीब 4 महीने तक चले संघर्ष के बाद बीते 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर और टेम्परेरी शांति स्थापित करने को लेकर एक समझौता हुआ। इसके तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को भी खोला जाना था। वहीं दोनों देश 60 दिनों तक बातचीत के जरिए दूसरे मुद्दों का हल निकालने को सहमत हुई। हालांकि इजरायल की तरफ से लेबनान पर जारी लगातार हमलों की वजह से यह बातचीत पहले ही नाजुक स्थिति में थी। बीते सप्ताह तनाव एक बार फिर बढ़ गया जब ईरान और अमेरिका के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को शर्तों को लेकर पेंच फंस गया। ईरान ने यहां एक कार्गो जहाज को निशाना बनाया जिससे अमेरिका भड़क गया। इसके बाद अमेरिका ने ईरान और अमेरिका दोनों ने नए हमले किए।
बातचीत पर सहमति
अब रॉयटर्स ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से ये बताया कि 17 जून को हुए 14 सूत्रीय सहमति ज्ञापन के तहत दोनों देशों के बीच तकनीकी स्तर की बातचीत जारी रहेगी। कतर की राजधानी दोहा में होने वाली इस बैठक का मुख्य एजेंडा होर्मुज ही होगा। अधिकारी ने कहा, “सहमति ज्ञापन के सभी बिंदुओं पर तकनीकी वार्ता जारी रहेगी। फिलहाल दोनों पक्ष सैन्य कार्रवाई से पीछे हटेंगे और जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी रहेगी।”
ईरान होर्मुज को लेकर अड़ा
भले ही बातचीत को एक बार फिर ग्रीन सिग्नल मिला हो, लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान अड़ा हुआ है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि होर्मुज को दोबारा खोलने की जिम्मेदारी पूरी तरह ईरान की है। उन्होंने सभी पक्षों से आग्रह किया कि अमेरिका के साथ हुए समझौता ज्ञापन के तहत इस जलमार्ग के प्रबंधन में ईरान की व्यवस्था में कोई हस्तक्षेप न करें। अराघची ने बगदाद में इराक के विदेश मंत्री फुआद हुसैन के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, “समझौता ज्ञापन के अनुसार ईरान के प्रबंधन में होर्मुज 30 दिनों के अंदर युद्ध-पूर्व क्षमता के साथ फिर से संचालित होगा।” अराघची ने यह भी कहा कि समझौता ज्ञापन की पहली धारा के अनुसार लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त होना चाहिए।
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