Source :- LIVE HINDUSTAN
Signels of extreme heat in body: शरीर में गर्मी की वजह से कई बार लोगों में पित्त बढ़ जाता है। जिसके लक्षण बिल्कुल गर्मी जैसे होते हैे इसलिए पित्त को समझकर उसके उपाय को जरूर अपनाएं। आयुर्वेद से जानें….
गर्मियों के मौसम में शरीर में काफी सारे लोगों के पित्त की समस्या बढ़ने के संकेत मिलते हैं। अक्सर लोगों को पेट में दिक्कत होती है, फोड़े-फुंसी निकलने लगते हैं। इस तरह की समस्याएं ही संकेत देती हैं कि शरीर में पित्त की अधिकता हो गई है। दरअसल, आयुर्वेद में 3 तरह के दोष बताए गए हैं। जिनके इंबैलेंस होने पर ही इंसान को अलग-अलग बीमारियों घेरती है। जिसमे से पित्त का रिलेशन गर्मी से होता है। अगर शरीर में ये लक्षण दिख रहे हैं तो समझ जाए कि बॉडी को पित्त बैलेंस करने की जरूरत है।
पित्त बढ़ने के संकेत
आयुर्वेद के अनुसार पित्त बढ़ने पर शरीर में ये शुरुआती लक्षण दिखते हैं।
- सीने में जलन
- खट्टी डकार
- पर लाल रंग के रैशेज
- फुंसी, चकत्ते
- आंखों में लालिमा और जलन
- मुंह का स्वाद कड़वा या कई बार खट्टा
- सिर में तेज दर्द
ये सारे लक्षण गर्मी की वजह से होते हैं लेकिन आयुर्वेद में देखा जाए तो इसका कारण बॉडी के अंदर की पित्त होती है। जब शरीर में ये लक्षण दिखें तो अपने खानपान की आदतों में सुधार के साथ इन चीजों को भी आदत में लाएं।
पित्त बढ़ने पर क्या खाएं क्या नहीं
शरीर में पित्त की मात्रा अधिक होने पर खानपान में सुधार सबसे ज्यादा जरूरी है। अपने रोजाना की डाइट में इन चीजों को जरूर शामिल करें।
- मीठे रस वाले फल
- कड़वे रस वाले सब्जी जैसे करेला
- कोकोनट वाटर,मिश्री, गुलकंद
- खीरा, लौकी, तुरई, परवल
- दूध, घी
- मीठे फल
- पका केला, अनार,अंगूर
कौन से फूड ना खाएं
पित्त होने पर गर्मी में तीखे, खट्टे और बहुत ज्यादा नमक वाली चीजें नहीं खाना चाहिए। नमक शरीर के पानी को सोखता है जिससे डिहाइड्रेशन होने लगता है। तले हुए फूड्स और रात को दही खासतौर पर नहीं खाना चाहिए।
स्किन के लिए क्या करें
पित्त बढ़ने पर स्किन में रैशेज, चकत्ते और लाल धब्बे हो रहे और शरीर में पित्त बढ़ा हुआ है तो उसे ठंडे तेल की मालिश करनी चाहिए। आयुर्वेद में इसे अभ्यंग बोला गया है। नारियल का तेल या चंदन मिले हुए तेल को शरीर के कुछ हिस्सों पर लगाना चाहिए। पैर, नाभि और सिर में हल्के हाथ से तेल लगाने से शरीर रिलैक्स होता है। गहरी नींद आती है और स्किन भी सॉफ्ट होती है।
शीतली प्राणायाम
बॉडी को अंदर से शांत और ठंडा करने के लिए शीतली प्राणायाम करें। इसे करने के लिए बहुत सरल स्टेप फॉलो करें।
- जीभ को मुंह के अंदर नली जैसा बनाएं
- फिर मुख से लंबी गहरी सांस लें। कुछ सेकेंड रुकें फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ें
- रोजाना दस बार इस प्राणायाम की प्रैक्टिस करें।
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