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https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/10/27/1200x900/drrffrxdddsrddfdds_1793123978997_SgzS_1793123984687_GkH0_8af44454-f51c-4d4f-a44b-93afd167cdad_bNrl.jpgबॉलीवुड एक्टर गोविंदा अपनी मां निर्मला देवी के बहुत करीब रहे हैं। एक्टर ने कई मौकों पर बताया कि कैसे उनकी मां की तपस्या और त्याग से वो एक सफल और बड़े एक्टर बन पाए। गोविंदा ने बताया था कि कैसे वो अपनी मां की देवी की तरह पूजा करते थे, उनके पैर धोते थे। मां के गुजर जाने के बाद वो दुख में रहे। अब एक्टर ने बताया कि कैसे उनकी मां ने एक आम औरत जा जीवन त्याग कर खुद को साध्वी बना लिया था। उन्होंने अपना सिर और आइब्रो मुंडवा लिए थे।
गोविंदा की मां ने इसलिए मुंडवा लिया था सिर
गोविंदा ने हाल में दिए एक इंटरव्यू में बताया कि उनकी मां निर्मला देवी के हीरोइन बनने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि उनके बंगले का सारा सामान उठा लिया गया था। उनके पिता ने उनकी मां से कहा कि जब तुम दूसरों से काम मांगने बाहर जाओगी तो तुम्हें सब घूरेंगे। गोविंदा ने बताया कि इसलिए उनकी बेचारी मां ने अपने सिर के बाल और आइब्रो मुंडवा ली। एक्टर ने अपनी मां को करियर को छोड़कर एक साध्वी की तरह जीवन जीते हुए देखा। इसका उनपर बहुत गहरा असर हुआ।
गोविंदा की मां ने बतौर हीरोइन इन फिल्मों में किया काम
गोविंदा की मां ने 1942 में आई वीसी देसाई की फिल्म ‘सवेरा’ से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्हें एसयू की ‘गीत’, राजा चौधरी की 1944 में आई फिल्म ‘गाली’, 1946 में आई नाना भट्ट की फिल्म’ ‘चालीस करोड़’ एम सादिका की अनमोल रत्न में काम किया था। वहीं गोविंदा के पिता अरुण आहूजा भी उस दौर की फिल्मों में खूब एक्टिव थे। उन्होंने 1939 में आई फिल्म ‘एक ही रास्ता’ में काम किया था, इस फिल्म को महबूब खान ने डायरेक्ट किया था। इस फिल्म के बाद उन्होंने ‘औरत’, ‘बेटी’, ‘बंबई की सैर’, ‘अंधेरा’, ‘कारवां’, ‘आम्रपाली’ में काम किया। ये सभी फिल्में 40 के दशक में रिलीज हुई थीं। इन फिल्मों के साथ अरुण आहूजा इंडस्ट्री के स्टार बन गए थे। कई फिल्में सफल हुई।
गोविंदा के मां और पिता की शादी
गोविंदा की मां निर्मला देवी और अरुण आहूजा की मुलाकात 1942 की फिल्म ‘सवेरा’ के सेट पर हुई। इसी फिल्म के दौरान इनकी लव स्टोरी शुरू हुई और दोनों ने शादी कर ली। शादी से 5 बच्चों के पिता बने। अरुण आहूजा ने अपना प्रोडक्शन हाउस शुरू किया। फिल्म प्रोड्यूस की। इस फिल्म का नाम था ‘सेहरा’। फिल्म फ्लॉप हुई और आहूजा परिवार बंगले से चौल में आ गए। बाद में जब गोविंदा का करियर चमका तो आर्थिक स्थिति पहले से ठीक हुई।
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