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Iran America Relation: ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने गुरुवार को आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल इस्लामी गणराज्य को अस्थिर करने तथा उसे घुटनों पर लाने की साजिश रच रहे हैं।

ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने गुरुवार को आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल इस्लामी गणराज्य को अस्थिर करने तथा उसे घुटनों पर लाने की साजिश रच रहे हैं। राज्य टेलीविजन पर प्रसारित एक लिखित संदेश में खामेनेई ने कहा कि युद्ध, आर्थिक दबाव और राजनीतिक-प्रचारात्मक घेराबंदी के बावजूद दुश्मन अब आंतरिक विभाजन और विघटन पैदा कर सैन्य पराजय की भरपाई करना चाहता है।

यह संदेश ईरान की राष्ट्रीय विधायिका (मजलिस) की स्थापना की वर्षगांठ के अवसर पर जारी किया गया। मार्च में पद संभालने के बाद 56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई का यह पहला प्रमुख सार्वजनिक संदेश है। उन्होंने ईरानी जनता से एकजुट रहने और सामंजस्य बनाए रखने की अपील की। बता दें कि मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता और पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का स्थान लिया है। अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के हमलों में हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया और युद्ध की आग भड़क उठी।

अमेरिका ने फिर की सैन्य कार्रवाई

ईरान की आक्रामक गतिविधियों के जवाब में अमेरिका ने बुधवार को तेहरान के खिलाफ एक बार फिर रक्षात्मक सैन्य कार्रवाई की। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी बलों ने ईरान के चार ड्रोन नष्ट कर दिए और उस ठिकाने पर भी हमला किया जहां पांचवां ड्रोन लॉन्च करने की तैयारी चल रही थी। इन ड्रोनों से होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन को गंभीर खतरा पैदा हो रहा था। यह इस सप्ताह अमेरिका की दूसरी ऐसी कार्रवाई है।

क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरान अब अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के बावजूद वह किसी भी तरह की जल्दबाजी में समझौता नहीं करेंगे। ट्रंप ने कैबिनेट बैठक की शुरुआत में कहा कि हम समझौते के काफी करीब हैं, लेकिन दोनों पक्षों के बीच बातचीत अभी भी अधर में लटकी हुई है।

सोमवार से स्थिति हुई है खराब

सोमवार को स्थिति और बिगड़ गई जब अमेरिकी बलों ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल प्रक्षेपण स्थलों और बारूदी सुरंगें बिछाने वाली नौकाओं पर हमले किए। ईरान ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की और इसे ‘बुरी नीयत तथा अविश्वसनीयता’ का प्रमाण बताया। अमेरिका का दावा है कि तीन महीने पहले शुरू हुए इस संघर्ष में वह ‘संयम’ बरतते हुए आवश्यक कदम उठा रहा है।

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