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https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/05/30/1200x900/manoj_bajpayee_30_05_1780152837642_1780152841936_27032b8c-7643-4c03-b05e-fa59e9d9295b.pngमनोज बाजपेयी की अपकमिंग वेब सीरीज घूसखोर पंडत के नाम को लेकर हुए विवाद पर अब एक्टर ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने बताया कि उस दौरान उन्हें धमकियां मिल रही थीं, लेकिन वो बिना डर के घूम रहे थे।
नेटफ्लिक्स ने जब साल 2026 की अपनी अपकमिंग वेब सीरीज की लिस्ट का ऐलान किया था, उसमें मनोज बाजपेयी की सीरीज घूसखोर पंडत का नाम भी शामिल था। नेटफ्लिक्स के ऐलान के बाद ही मनोज बाजपेयी की सीरीज के नाम पर बवाल मच गया। कहा गया कि सीरीज के टाइटल से ब्राहम्ण समाज की भावनें आहत हुई हैं। सीरीज के टाइटल पर मचे बवाल के बाद मेकर्स ने माफी मांगी। इसी के साथ उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में कहा कि वो अपनी सीरीज का नाम बदल लेंगे। इस पूरे विवाद पर अब सीरीज के एक्टर मनोज बाजपेयी ने बात की है।
घूसखोर पंडत पर हुए बवाल पर क्या बोले मनोज बाजपेयी?
न्यूज एजेंसी पीटीआई से खास बातचीत में मनोज बाजपेयी ने बताया कि जब सीरीज के नाम पर विवाद हुआ तब उन्हें धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने बताया कि वो उन धमकियों के बीच बेफिक्र होकर घूम रहे थे। मनोज बाजपेयी ने कहा कि सीरीज का टाइटल बदलना इतनी बड़ी बात नहीं है। हम लोग क्रिएटिव लोग हैं, हम 10 नए टाइटल्स बना सकते हैं।
मनोज बोल- हम क्रिएटिव लोग हैं, 10 नए टाइटल बना देंगे
मनोज बाजपेयी बोले, ‘हमने ये उम्मीद नहीं की थी। लेकिन जब ये हुआ, हमने दो दिन के अंदर माफी मांगी। अगर कोई बात किसी को इस हद तक बुरी लग रही है, तो हम क्रिएटिव लोग हैं हम अपने तरीकों को सही करने के लिए तैयार हैं। मुझे लगता है कि सीरीज का टाइटल बदलना इतनी बड़ी बात नहीं है, हम क्रिएटिव लोग हैं, हम 10 नए टाइटल्स बना सकते हैं, और वो उतने ही उत्साहित करने वाले होंगे।’
मनोज बाजपेयी को मिल रहीं थी धमकियां
मनोज बाजपेयी ने फिर बताया कि उन्हें उस दौरान धमकियां भी मिल रही थीं। उन्होंने कहा, ‘मैं आपको बता दूं, जब मुझे धमकियां मिल रही थीं, मैं बिना डर के उस वक्त लगातार यात्रा कर रहा था। जब लोग आपको ट्रोल करते हैं, गाली देते हैं और आपके परिवार को विवाद में खींच कर लाते हैं, मुझे उन लोगों के लिए बुरा लगता है। फिल्म किसी और बारे में है। लेकिन मुझे लगता है कि सोशल मीडिया पर लोग पर लोगों में धैर्य नहीं बचा है, वो लोग बिना पूरी बात जाने अपनी राय रखने के लिए आतुर रहते हैं। मैं उन लोगों में से हूं जो सीखने की जिज्ञासा रखते हैं। मैं एक पढ़ा-लिखा इंसान हूं, और न मेरा इरादा है और न मैं ऐसे लोगों से, जिनमें धैर्य नहीं, बहस करने में अपनी एनर्जी या समय बर्बाद करना चाहता हूं। उन लोगों के साथ कीचड़ में मत उतरो जिन्हें कीचड़ में लोटना पसंद है।’
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