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चीनी छोड़ने के बाद भी कम नहीं हो रहा शुगर लेवल? डायबिटीज रिवर्सल कोच ने बताए 8 कारण

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Source :- LIVE HINDUSTAN

डायबिटीज पेशेंट की शिकायत रहती है कि दवा लेने और चीनी छोड़ने के बाद भी उनका शुगर लेवल कम नहीं हो रहा है। ऐसे में डायबिटीज रिवर्सल कोच ने इसके पीछे छिपे 8 कारणों के बारे में बताया है जो हर किसी को जरूर जानने चाहिए।

डायबिटीज को आम भाषा में शुगर की बीमारी कहते हैं, ये एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर में खून का ग्लूकोज यानी ब्लड शुगर) कॉमन से ज्यादा हो जाता है। दरअसल हमारे शरीर में पैनक्रियाज नामक अंग होता है जो इंसुलिन हार्मोन बनाता है। इंसुलिन खून में मौजूद शुगर को शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाने में मदद करता है। ऐसे में जब शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बनाता या इंसुलिन ठीक से काम नहीं करता, तो डायबिटीज हो सकती है। ये एक लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्या है, जिसका सामना आजकल बच्चों तक को करना पड़ रहा है। डायबिटीज के दो टाइप होते हैं इन दोनों टाइप के पेशेंट के लिए सही खान-पान जरूरी होता है। बहुत से डायबिटीज पेशेंट ये शिकायत करते हैं कि दवाई लेने और चीनी ना खाने के बाद भी उनका शुगर लेवल बढ़ा हुआ है। ऐसे में डायबिटीज रिवर्सल कोच अनूप गुप्ता ने 8 कारण बताए हैं जिनकी वजह से डायबिटीज कम नहीं होती है।

1) डायट में एसिडिक फूड

डायबिटीज पेशेंट अगर अपने दिन की शुरुआत चाय और कॉफी से करते है तो शुगर लेवल पर असर पड़ता है। जब आप बहुत ज्यादा जंक या प्रोसेस्ड फूड खाते हैं तो शरीर में एसिडिक एंवायरमेंट बढ़ता है और इसकी वजह से इंफ्लामेशन बढ़ता है।

2) डायट में मिनरल्स और विटामिन्स की कमी

डायट में मिनरल्स और विटामिन्स की कमी होने से शरीर पर कई तरह के प्रभाव पड़ सकते हैं। इसका असर डायबिटीज के मरीजों पर भी पड़ सकता है। जैसे विटामिन B12 कमी से कमजोरी, थकान और हाथ-पैरों में झुनझुनी हो सकती है। विटामिन D की कमी से हड्डियों में दर्द और मांसपेशियों में कमजोरी हो सकती है। आयरन कमी से खून की कमी, थकान और चक्कर आ सकते हैं। मैग्नीशियम की कमी से मांसपेशियों में ऐंठन और कमजोरी हो सकती है। इसलिए डायट में सभी मिनरल्स और विटामिन पर ध्यान देना चाहिए।

3) डेयरी प्रोडक्ट

डायट में डेयरी प्रोडक्ट शामिल होने से आईजीएफ बढ़ता है, जो इंसुलिन रसिस्टेंट को बढ़ाते हैं।

4) बहुत ज्यादा ब्लड शुगर

खून में एक्सट्रा ब्लड शुगर होने से शरीर को ज्यादा इंसुलिन बनाने की जरूरत होती है और ये ज्यादा इंसुलिन विसरल फैट में बदलता है, जो इंसुलिन फैट को बढ़ाता है।

5) खराब ब्लड सर्कुलेशन

लिम्फेटिक ब्लड सर्कुलेशन जो होता है वह अर्टरी और नसों के बीच में होता है।

6) कमजोर मसल्स

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे शरीर की मसल्स कमजोर होने लगती हैं। जिसे सार्कोपीनिया कहा जाता है। मसल्स आपके शरीर से सबसे ज्यादा मात्रा में ग्लूकोज अपटेक करती हैं।

7) स्ट्रेस

लोग शुगर लेवल को कम करने के लिए सब कुछ ट्राई करते हैं लेकिन स्ट्रेस को कंट्रोल नहीं करते। स्ट्रेस ब्लड शुगर बढ़ने का एक मुख्य कारण है। जब आप स्ट्रेस में होते हैं तो कोर्टिसोल लेवल बढ़ जाता है। कोर्टिसोल बढ़ने पर लिवर, मसल्स में स्टोर ग्लूकोज रिलीज होने लगता है और ब्लड में मिलता है।

8) स्लीप क्वालिटी

खराब स्लीप क्वालिटी का असर सीधे तौर पर शुगर लेवल पर भी हो सकती है। डायबिटीज को कंट्रोल में रखने के लिए नींद पर ध्यान दें।

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी के उद्देश्य के लिए लिखा गया है। ये किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का ऑप्शन नहीं है। किसी भी हेल्थ प्रॉब्लम से जुड़े सवालों के लिए हमेशा डॉक्टर की सलाह लें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN