Home LIFESTYLE NEWS HINDI जंतर-मंतर पर CJP की कमान संभालने वाले अंजिक्य शिंदे कौन हैं? जानें...

जंतर-मंतर पर CJP की कमान संभालने वाले अंजिक्य शिंदे कौन हैं? जानें पढ़ाई और करियर

4
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

सीजेपी के प्रदर्शन से चर्चा में आए अंजिक्य शिंदे कौन हैं? जानें महाराष्ट्र के लातूर से आने वाले इस नेता की पढ़ाई, आईटी करियर और आम आदमी पार्टी से सीजेपी तक पहुंचने की पूरी कहानी।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर अक्टूबर 2026 में हुए सीजेपी के प्रदर्शन के बाद अंजिक्य शिंदे का नाम चर्चा में आया। पार्टी के बड़े नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद प्रदर्शन की कमान शिंदे ने संभाली। लेकिन राजनीति में आने से पहले वह एक आईटी प्रोफेशनल थे। महाराष्ट्र के लातूर से आने वाले शिंदे ने कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया और कुछ समय तक कॉर्पोरेट सेक्टर में काम भी किया। इसके बाद उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर काम करना शुरू किया। आम आदमी पार्टी के साथ करीब एक दशक तक जुड़े रहने के बाद वह कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के संगठन की जिम्मेदारी संभालने लगे। आइए जानते हैं उनकी पढ़ाई, करियर और राजनीतिक सफर के बारे में।

महाराष्ट्र के लातूर से आते हैं अंजिक्य शिंदे

अंजिक्य शिंदे महाराष्ट्र के लातूर के रहने वाले हैं। अक्टूबर 2026 में सीजेपी के प्रदर्शन की कमान संभालने के बाद वह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने पहले से रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो के जरिए शिंदे को प्रदर्शन का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। उस समय दिपके और पार्टी के कुछ दूसरे बड़े नेता हिरासत में थे।

कहां तक पढ़े हैं अंजिक्य शिंदे?

शिंदे ने डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल की है। यह यूनिवर्सिटी महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के लोणेरे में है। उनकी पढ़ाई टेक्निकल फील्ड में हुई और राजनीति में आने से पहले वह आईटी सेक्टर में काम कर चुके हैं।

आईटी की नौकरी छोड़कर राजनीति में आए

अंजिक्य शिंदे का करियर शुरुआत में राजनीति से जुड़ा नहीं था। उन्होंने कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया। लेकिन बाद में उन्होंने नौकरी छोड़कर पूरी तरह राजनीति और सामाजिक कामों पर ध्यान देना शुरू कर दिया। आम आदमी पार्टी से जुड़ने के बाद उन्होंने संगठन और चुनावी कैंपेन में काम किया। गोवा में पार्टी के चुनावी काम में भी उनकी भूमिका रही। इसके बाद वह महाराष्ट्र में पार्टी की सोशल मीडिया टीम से जुड़े और संगठन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालने लगे।

आम आदमी पार्टी में क्या जिम्मेदारी संभाली?

अंजिक्य शिंदे करीब दस साल तक आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालीं। इनमें पिंपरी-चिंचवड़ यूनिट के संयोजक और महाराष्ट्र की सोशल मीडिया टीम के कोऑर्डिनेटर जैसी भूमिकाएं शामिल थीं। गोवा चुनाव के दौरान भी उन्होंने पार्टी के लिए काम किया। इस अनुभव के दौरान शिंदे का काम सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने संगठन को मजबूत करने, लोगों को जोड़ने और चुनावी कैंपेन से जुड़े कामों में भी हिस्सा लिया। यही अनुभव आगे चलकर सीजेपी में उनकी भूमिका के काम आया।

सीजेपी में कैसे मिली बड़ी जिम्मेदारी?

आम आदमी पार्टी से अलग होने के बाद शिंदे कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े। छह अगस्त 2026 को उन्हें पार्टी का नेशनल ऑर्गनाइजेशन इंचार्ज बनाया गया। इस भूमिका में उनका काम संगठन से जुड़े मामलों और पार्टी के कैंपेन को संभालना है। सीजेपी के साथ रहते हुए शिंदे ने ‘स्कूल ठीक करो’ कैंपेन में भी अहम भूमिका निभाई। इस कैंपेन का मकसद सरकारी स्कूलों की हालत से जुड़े मुद्दों को उठाना था। इसके अलावा, उन्होंने मुंबई में पार्टी के आंदोलन को आयोजित करने में भी काम किया।

जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान क्यों आए चर्चा में?

अक्टूबर 2026 में सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान किया था। दस अक्टूबर को पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके, प्रवक्ता सौरव दास और सह-संयोजक आशुतोष रांका को दिल्ली पहुंचने पर हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद दिपके के पहले से रिकॉर्ड किए गए वीडियो के जरिए शिंदे को प्रदर्शन की कमान सौंपी गई। शिंदे ने समर्थकों से प्रदर्शन जारी रखने की अपील की। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की मांग दोहराई और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। इस घटनाक्रम ने उन्हें सीजेपी के प्रमुख चेहरों में शामिल कर दिया।

राजनीति में आने से पहले इंजीनियर थे शिंदे

अंजिक्य शिंदे का सफर टेक्निकल पढ़ाई और आईटी की नौकरी से शुरू हुआ, लेकिन बाद में उन्होंने राजनीतिक संगठन और सामाजिक मुद्दों पर काम करने का रास्ता चुना। आम आदमी पार्टी में बिताए सालों के बाद अब वह सीजेपी में संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान मिली भूमिका ने उन्हें चर्चा में ला दिया है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN