Home rss world hindi जब 7 घंटे मीटिंग कर सकते हैं तो सामने क्यों नहीं आते...

जब 7 घंटे मीटिंग कर सकते हैं तो सामने क्यों नहीं आते मोजतबा? ईरानी राजनयिक ने बता दी अंदर की बात

6
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

मोजतबा के अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल न होने के दावों को खारिज करते हुए, ईरानी राजनयिक ने कहा कि ऐसा नहीं है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कारणों से वे मीडिया के सामने नहीं आए हैं और किसी ने उन्हें नहीं देखा है।

ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने जब से सत्ता की बागडोर संभाली है, तब से एक बार भी वह सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आए हैं। इस वजह से कई तरह की अटकलें लंबे समय से लगाई जा रही हैं लेकिन ईरानी राजनयिक ने साफ कर दिया है कि मोजतबा खामेनेई स्वस्थ हैं और हर जरूरी कामकाज निपटा रहे हैं। NDTV से बातचीत में ईरान के वरिष्ठ राजनयिक अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि पिछले ही हफ्ते खामेनेई ने देश के राष्ट्रपति के साथ 7 घंटे की लंबी मैराथन बैठक की थी। इस दावे के साथ ही उन्होंने सर्वोच्च नेता की सेहत को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है।

दरअसल, जब जुलाई में उनके पिता और ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमेनेई का अंतिम संस्कार हो रहा था, तब भी ऐसी खबरें आईं थीं कि मोजतबा उसमें शामिल नहीं हुए। तब उनकी सेहत को लेकर सवाल उठे थे और उनकी हत्या की आशंका भी जताई गई थी। हालांकि, ईरानी राजनयिक ने इन अटकलों और अफवाहों को खारिज कर दिया है और कहा है कि उनकी सेहत बहुत अच्छी है और वे अपना काम बहुत अच्छे से कर रहे हैं। इलाही ने कहा, “हमारे राष्ट्रपति ने भी बताया कि पिछले हफ्ते उनकी मोजतबा के साथ 7 घंटे की बैठक हुई थी। इसके अलावा, हमारी संसद के स्पीकर भी परसों यहां आ रहे हैं। उन्होंने भी कल बताया था कि उनकी मोजतबा के साथ कई घंटों तक मुलाकात हुई थी। मेरे कुछ दोस्त भी उनसे मिले हैं और उन्होंने मुझे बताया है कि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपना काम बहुत अच्छे से संभाल रहे हैं।”

पिता के अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे मोजतबा

मोजतबा के अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल न होने के दावों को खारिज करते हुए, ईरानी राजनयिक ने कहा कि ऐसा नहीं है। उन्होंने बताया, “सुरक्षा कारणों से वे मीडिया के सामने नहीं आए हैं और किसी ने उन्हें नहीं देखा है लेकिन, वे अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए थे। उस समय मैं ईरान में ही था। मैं उनके दो भाइयों से मिला था तब मोजतबा खमेनेई भी वहां मौजूद थे।” उन्होंने जोर देकर कहा, “वे कभी-कभी रात में सड़कों पर भी आते हैं। वे ईरान में लोगों के प्रदर्शनों में भी शामिल हुए हैं और सब कुछ बहुत अच्छे से चल रहा है।”

सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे

बता दें कि आठ महीने पहले जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हवाई हमले किए थे, तब युद्ध के पहले दिन, 28 फरवरी को हुए हवाई हमले में अली पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे। अपने पिता की मौत के कुछ समय बाद ही मोजतबा खामेनेई को सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया था, लेकिन तब से वे केवल लिखित बयानों के जरिए ही अपनी बात रखते आए हैं और कभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए। मोजतबा भी उन हमलों में घायल हो गए थे। इसके बाद से वह सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे हैं। इस वजह से उनकी स्थिति और भूमिका को लेकर सवाल लगातार गंभीर होते जा रहे हैं।

पर्दे के पीछे से शासन चला रहे

ईरान को एक ऐसे युद्ध को लेकर अहम फैसले लेने हैं, जिसने पूरे मध्य पूर्व को आग की लपटों में झोंक दिया है और देश की पहले से ही कमजोर अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया है। ईरानी अधिकारियों और देश के अन्य वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि ईरान पर खामेनेई का ही नियंत्रण बना हुआ है। सुरक्षा कारणों से वे पर्दे के पीछे से शासन चला रहे हैं, जबकि वे गंभीर चोटों से उबर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने रोजमर्रा के कामकाज के व्यापक अधिकार अपने करीबी शीर्ष अधिकारियों के एक समूह को सौंप दिए हैं।

शीर्ष अधिकारियों और अंदरूनी सूत्रों का मानना ​​है कि मोजतबा खामेनेई के सामने न आने के पीछे जान से मारे जाने का डर है। उनका कहना है कि वे लगातार शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठकें करते हैं, सभी अहम रिपोर्टें लेते हैं और हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर अंतिम फैसला उन्हीं का होता है। युद्ध से पहले भी, खामेनेई अपने पिता के मुख्य सहयोगी के रूप में पर्दे के पीछे रहकर काम करना पसंद करते थे और सार्वजनिक रूप से सामने आने से बचते थे। 21 जुलाई को, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने कहा था कि सर्वोच्च नेता के साथ उनकी बातचीत “दिन-ब-दिन बढ़ रही है”, लेकिन अगस्त की शुरुआत में उन्होंने कहा कि खामेनेई से संपर्क करना “बहुत मुश्किल” है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN