Home National news hindi जमुई यौन हिंसा: नाबालिग़ लड़की के पिता ने की ये मांग, अभियुक्तों...

जमुई यौन हिंसा: नाबालिग़ लड़की के पिता ने की ये मांग, अभियुक्तों के गाँव में क्या कह रहे हैं लोग

5
0

Source :- BBC INDIA

वायरल वीडियो इसी पहाड़ के पास का है.  ये घटना 19 सितंबर की शाम हुई थी

नोट: इस कहानी के कुछ विवरण आपको विचलित कर सकते हैं.

बिहार के जमुई शहर से क़रीब 10 किलोमीटर दूर मड़वा पहाड़ के आसपास सन्नाटा है.

महंगी एसयूवी गाड़ियों पर राष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाले पत्रकार, अपनी मोटर साइकिल पर लोकल यू-ट्यूबर और कभी-कभार कुछ स्थानीय नेताओं का यहाँ आना-जाना लगा हुआ है.

मड़वा पहाड़ के इर्द गिर्द बसे लोग हर किसी को शक और उत्सुकता की मिली-जुली नज़रों से देखते हैं.

स्थानीय लोगों से जब पत्रकार पूछते हैं कि क्या हुआ था, तो लगभग हर कोई थोड़ा अनमने ढंग से जवाब देता है कि ‘मुझे कुछ नहीं मालूम’.

लेकिन सवाल पूछने और जवाब देने वाले को मालूम है कि किस घटना के बारे में बात हो रही है.

वो जानते हैं कि बात उस वीडियो की हो रही है, जिसमें युवकों के एक समूह ने मड़वा पहाड़ के पास एक नाबालिग़ लड़की के साथ यौन हिंसा और उसके नाबालिग़ दोस्त के साथ मारपीट की थी.

ये वीडियो वायरल होने के बाद भी जमुई पुलिस की कोई पेट्रोलिंग गाड़ी इलाक़े में दूर-दूर तक नहीं दिखती.

जमुई पुलिस ने इस मामले में तीन नाबालिग़ लड़कों को निरुद्ध किया है और अब तक दो अभियुक्तों हरेराम यादव और नंदन यादव की गिरफ़्तारी की है.

कुछ अन्य लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.

क्या है पूरा मामला?

 घटनास्थल जमुई और लखीसराय जिले की सीमा पर है

21 सितंबर की देर रात सोशल मीडिया पर जमुई के मड़वा पहाड़ के ठीक नीचे बनी रोड पर हुई घटना का एक वीडियो वायरल हुआ था.

वीडियो में एक नाबालिग़ लड़की के साथ कुछ युवक यौन हिंसा करते नज़र आ रहे हैं.

वीडियो में नाबालिग़ लड़की का दोस्त, जो ख़ुद भी नाबालिग़ है, वो लगातार उसे बचाने की कोशिश कर रहा है लेकिन युवक उसके साथ भी मारपीट कर रहे हैं.

जमुई के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विश्वजीत दयाल के मुताबिक़, “हमारे संज्ञान में ये वीडियो 22 सितंबर की सुबह आया. वीडियो फुटेज के आधार पर नाबालिग़ छात्रा की पहचान की गई और उसका स्टेटमेंट रिकॉर्ड किया गया. नाबालिग़ छात्रा के पिता ने आवेदन दिया, जिसके आधार पर एफ़आईआर हुई. बाद में एक एसआईटी का गठन किया गया और अभियुक्तों की गिरफ़्तारी हुई.”

पुलिस ने जो टाइमलाइन शेयर की है, उसके मुताबिक़ 19 सितंबर की शाम 6.25 बजे छात्रा अपने एक दोस्त के साथ स्कूटी पर घूमने निकली थी. तकरीबन 20 मिनट बाद जब लड़की और उसका दोस्त मड़वा पहाड़ पर फोटो खींच रहे थे, तभी सात-आठ की संख्या में स्थानीय युवक आए और उन्होंने लड़की के साथ यौन हिंसा की.

इस घटना के बाद छात्रा अपने घर गई, लेकिन उन्होंने इस घटना का ज़िक्र किसी से नहीं किया.

लड़की के पिता की मांग

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

20 सितंबर की रात लड़की ने ये बात अपने पिता को बताई.

लड़की के पिता ने बीबीसी हिन्दी से फ़ोन पर बात की.

उन्होंने बताया कि बच्ची अभी ठीक है. पिता ने कहा, “बच्ची ने डरते-डरते ये बात 20 सितंबर की रात को बताई थी. बाद में पुलिस ने स्टेटमेंट लिया और एफ़आईआर हुई.”

वो कहते हैं, “हमें सुरक्षा चाहिए उन लोगों से. हम चाहते हैं कि अपराधियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले. मेरी बच्ची काली शर्ट पहनकर गई थी. मैंने पुलिस को बताया है कि वो काले रंग की शर्ट पहनकर गई थी जिसे इन लोगों ने खींच कर खोल दिया.”

21 सितंबर को दर्ज एफ़आईआर में बीएनएस की धारा 74,76,3(5) और पॉक्सो एक्ट की धारा 8/12 लगाई गई है.

पॉक्सो एक्ट की धारा 8/12 बच्चों के ख़िलाफ़ यौन हमले से संबंधित है.

साथ ही जमुई पुलिस ने साइबर थाने में इस वीडियो को शेयर करने को लेकर 120 सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल पर एफ़आईआर की है. साथ ही पुलिस ने आम लोगों से वीडियो शेयर नहीं करने की अपील की है.

अभियुक्तों के गाँव में ग़ुस्सा

मुख्य अभियुक्त नंदन यादव के घर ताला लगा है. नंदन यादव के साथ साथ उनके पिता गनौरी यादव की भी साल 2003 में हुई हत्या के मामले में गिरफ्तारी हुई है

इस मामले में पुलिस ने तीन नाबालिग़ लड़कों को 21 सितंबर को यानी एफ़आईआर दर्ज होने के बाद निरुद्ध किया था. जबकि दो मुख्य अभियुक्तों हरेराम यादव और नंदन यादव की गिरफ़्तारी 22 सितंबर की सुबह हुई.

ये दोनों ही मड़वा पहाड़ से कुछ दूरी पर स्थित प्रतापपुर गाँव के रहने वाले हैं.

एसपी विश्वजीत दयाल के मुताबिक़, “नंदन यादव को गिरफ़्तार करने के लिए घेराबंदी की गई जिसमें उसने गोली चला दी. पुलिस ने आत्मरक्षार्थ फ़ायरिंग की जिसमें नंदन यादव को गोली लगी. नंदन यादव के पिता गनौरी यादव को भी गिरफ़्तार किया गया है. गनौरी यादव पर साल 2003 में हुई हत्या के मामले में केस दर्ज है.”

जमुई पुलिस ने बताया है कि ये दोनों ही अवैध शराब और बालू के कारोबार में लिप्त हैं. इन लोगों का अन्य आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है.

पुलिस 22 सितंबर को गिरफ़्तारी की बात कर रही है, लेकिन प्रतापपुर गाँव में नंदन और हरेराम यादव के पड़ोसी बताते हैं कि पुलिस उन्हें 21 सितंबर की रात 12 बजे के क़रीब ही उठा ले गई थी.

इस गिरफ़्तारी के बाद बीबीसी की टीम जब 23 सितंबर की सुबह इन दोनों अभियुक्तों के घर गई थी. नंदन यादव के घर पर ताला लगा था, जबकि हरेराम यादव के घर पर उनके दादा-दादी ही मिले, जिन्होंने बातचीत करने से इनकार कर दिया.

इन गिरफ़्तारियों के बाद गाँव में ख़ास तौर पर यादव टोला में बहुत नाराज़गी है.

नंदन के पड़ोसी अरविंद कुमार यादव बीबीसी से कहते हैं, “नंदन तो यहाँ रहता भी नहीं था. वो तो 10 दिन पहले अपने माता-पिता से मिलने आया था. पुलिस कह रही है कि वो शराब का व्यापार करता था लेकिन वो तो यहाँ रहता भी नहीं था. वो माँ बाप को देखने आया और यहाँ फँस गया. उसने कोई वीडियो भी नहीं बनाया था. दूसरे ने वीडियो बनाकर उसे फँसा दिया.”

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

मुख्य अभियुक्त हरेराम यादव का घर.  घर में उनके बुजुर्ग दादा दादी मौजूद है लेकिन वो बातचीत से इंकार करते है

स्थानीय निवासी समता कहती हैं, “लोगों को ये समझना चाहिए कि जो आज किसी दूसरे की लड़की के साथ हुआ, वो मेरी लड़की के साथ भी हो सकता है.”

वहीं गाँव के ही शाहिद अंसारी कहते हैं, “कोई लड़का-लड़की घूम रहे हैं उसमें दखल देने वाले हम लोग कौन होते हैं. कोई क्या पहनेगा, मैं क्या पहनूँगा ये भी तय करना किसी का अधिकार नहीं है.”

नाबालिग़ अभियुक्तों के परिजन क्या बोले?

बीबीसी ने इस मामले में निरुद्ध किए गए दो नाबालिग़ों के परिजनों से भी बात की.

इनमें से एक ने कहा, “कोई माता–पिता अपने बच्चों से नहीं कहता कि ऐसा ग़लत काम जाकर करो. मेरी भी बच्ची है. अगर उसके साथ कुछ बुरा होगा, तो मुझे भी बुरा लगेगा. मैं मज़दूरी करता हूँ और मुझे मालूम नहीं रहता कि मेरा बेटा क्या करता है. वो तो पढ़ाई करता है. पुलिस उसे पकड़ कर ले गई है. मुझे ये नहीं मालूम कि मेरे बेटे ने कोई ग़लत काम किया है या नहीं?”

वहीं एक अन्य नाबालिग़ के पिता ने बीबीसी से कहा, “मेरे बेटे ने बताया कि 19 सितंबर की शाम को पहाड़ के पास शोर मचना शुरू हुआ, तो वो वहाँ गया था. वो तो क्रिकेट खेल रहा था. 21 तारीख़ को जब वो अपना एग्जाम देकर लौट रहा था तो पुलिस उसे पकड़ ले गई. उसकी मम्मी उसे मिली है. मेरी तो मुलाक़ात भी नहीं हुई है.”

स्थानीय लोगों ने बातचीत में ये भी दावा किया कि लड़कियों और महिलाओं के साथ हिंसा की ये पहली घटना नहीं थी.

मड़वा पहाड़ स्थानीय लोगों के लिए घूमने-फिरने की जगह है.

जमुई शहर से बमुश्किल कुछ किलोमीटर दूर ये पहाड़ स्थित है, जिसके कारण जमुई शहर से भी लोग यहाँ घूमने आते हैं. पहाड़ियों से घिरे जमुई ज़िले की सीमा लखीसराय ज़िले से लगती है.

‘नातिन की पढ़ाई-लिखाई छूट गई’

शांति देवी

मड़वा पहाड़ से बमुश्किल एक किलोमीटर दूर किऊल नदी बहती है. इस नदी पर बने पुल के ज़रिए लखीसराय ज़िले की सीमा में दाखिल हुआ जा सकता है.

उनके बच्चों के स्कूल, कोचिंग सब जमुई ज़िले की सीमा में ही पड़ते हैं, जिसका रास्ता मड़वा पहाड़ के पास से होकर ही गुजरता है.

लखीसराय ज़िले में जाने पर सबसे पहली बसावट कुंदर टोला नाम की जगह है.

इस टोले के लोगों ने बीबीसी से कहा कि मड़वा पहाड़ के आसपास अपराध की घटनाएँ घटती रहती हैं और बच्चियों–महिलाओं के साथ हिंसा होना आम बात है.

इस टोले की शांति देवी बीबीसी से बताती हैं, “हमारा रास्ता ही वही है. बहू हो, बेटी हो-ये लोग सबसे सामने (इस मामले के अभियुक्त) सबके साथ छेड़खानी करते हैं और गंदी-गंदी बातें करते हैं. मेरी बहू को कुछ दिन पहले इन लोगों ने रोका था और लड़की का रास्ता मोटरसाइकिल लगाकर रोक दिया था. ये लोग हर बार ऐसा करते थे लेकिन इस बार वीडियो वायरल हो गया और इन लोगों का मामला सामने आ गया.”

दशरथ राम ने तो अपनी नातिन की पढ़ाई ही छुड़वा दी. वो बताते हैं, “वो बीए में पढ़ती थी लेकिन ये लोग रोज़ छेड़छाड़ करते थे. अब रोज़ तो कोई देखेगा नहीं. कोचिंग जाती थी जहाँ देर–सबेर हो ही जाती थी. जब ज़्यादा होने लगा, तो मैंने पढ़ाई ही छुड़वा दी.”

प्रतापपुर गाँव के पास रहने वाली एक छात्रा ने कहा, “जब हम लोग और हमारे माता-पिता सुरक्षित ही महसूस नहीं करेंगे, तो हमारे माता पिता हमें बाहर पढ़ने कैसे भेजेंगे.”

राजनीतिक बयानबाज़ी

स्थानीय यूट्यूबर सकिंदर कुमार कहते हैं कि अगर वीडियो वायरल नहीं होता तो बच्चियों के साथ हिंसा होती रहती हैं

इस घटना के सामने आने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने क़ानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को एक बार फ़िर से घेरा है.

उन्होंने कहा, “बिहार में लड़कियाँ सुरक्षित नहीं है. चाहे दिन हो या रात, चाहे स्कूल हो या सड़क हो या हॉस्टल हो, घर के अंदर हो या घर के बाहर हो.”

वहीं सत्ता पक्ष की तरफ़ से इस मामले में विवादित बयान आए हैं.

बिहार सरकार की मंत्री श्रेयसी सिंह ने एक निजी चैनल से बातचीत में कहा, “मॉरल पुलिसिंग बेहतर तरीक़े से की जा सकती थी. लेकिन जिस तरीक़े से उन्होंने छात्र और छात्रा के साथ व्यवहार किया, उसे एकदम स्वीकार नहीं किया जा सकता.”

वहीं जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने इस घटना को ‘छिटपुट’ कहा.

उन्होंने कहा, “आज कोई भी छिटपुट घटना घटती है तो सरकार उसको लेकर संवेदनशील है. लेकिन 2005 से पहले का लालू राज याद करिए कि कैसा बिहार था. कोई घर से बाहर नहीं निकलता था.”

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बीती 22 सितंबर को एक निजी कार्यक्रम में दिया बयान भी विवादित है जिसमें उन्होंने कहा था, “आजकल रील ही बन रहा है. मैं बार-बार कहता हूँ अपराधियों को कि मेरी पुलिस को चैलेंज क्यों करते हो? चैलेंज करोगे तो 24 घंटे के अंदर जवाब मिलेगा ही. आजकल रील बनाने के चक्कर में मारा जा रहा है. आज की जो घटना है आपने देखा होगा, उसने अगर रील ना बनाया होता तो पकड़ाता क्या? इसलिए रील बनाने के चक्कर में कितने लोग मारे जाएँगे?”

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट… सब एक जगह

कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.

और जानें

शॉर्ट वीडियो छोड़ें और जारी रखें

शॉर्ट वीडियो

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

  • चुटकियों में रुबिक क्यूब सॉल्व करने वाली 6 साल की बच्ची

  • 11 सितंबर, 2026 को प्रोटेस्ट करते बैंक कर्मचारी

  • ज़ोहरान ममदानी ट्रंप के सामने उनके मीडिया बैन पर बोले

  • आईआईटी बॉम्बे में एक स्टूडेंट की मौत

  • lowride cars

  • hockey world cup

  • रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास दिखा काले धुएं का गुबार

  • तेज़ रफ़्तार बीएमडब्ल्यू कार दुर्घटनाग्रस्त

  • धोनी और पांड्या

  • डूसू चुनाव: एबीवीपी ने तीन और निर्दलीय कैंडिडेट ने एक पद जीता

  • आईआईटी बॉम्बे में एक स्टूडेंट की मौत के बाद प्रदर्शन

  • मगरमच्छों वाली इस नदी में होंगे ओलंपिक के कॉम्पिटीशन

  • डोनाल्ड ट्रंप

  • क्यूआर कोड

SOURCE : BBC NEWS