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‘जीसस से मिलना है’ कहकर 190 बच्चों को भूखा मार डाला! केन्या का धार्मिक नेता दोषी करार

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Source :- LIVE HINDUSTAN

न्यायाधीश डायना कावेद्जा मोचाचे ने फैसला सुनाते हुए कहा कि प्रॉसीक्यूशन ने साबित कर दिया है कि पादरी ने अपने 800 एकड़ के आश्रम में मौत का एक व्यवस्थित तरीका तैयार किया था।

केन्या के इतिहास के सबसे खौफनाक और हैरान कर देने वाले धार्मिक कट्टरपंथ मामले में वहां की एक अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। सोमवार को मोम्बासा की एक अदालत ने स्वयंभू पादरी पॉल मैकेन्जी और उसके 28 सहयोगियों को शाकाहोला जंगल में अंधविश्वास के नाम पर 190 बच्चों और एक वयस्क की हत्या का दोषी करार दिया है।

न्यायाधीश डायना कावेद्जा मोचाचे ने फैसला सुनाते हुए कहा कि प्रॉसीक्यूशन ने साबित कर दिया है कि पादरी ने अपने 800 एकड़ के आश्रम में “मौत का एक व्यवस्थित पदानुक्रम” तैयार किया था। इसके तहत यीशु से मिलने की चाह में अनुयायियों और मासूम बच्चों को भूखा मारकर तड़पा-तड़पा कर मार डाला गया।

कैसे होता है अंधविश्वास का नंगा नाच?

अदालत की सुनवाई में सामने आए तथ्यों के अनुसार, पादरी पॉल मैकेन्जी ने साल 2003 में ‘गुड न्यूज इंटरनेशनल चर्च’ की स्थापना की थी। उसने अपने अनुयायियों को उकसाया कि दुनिया का अंत नजदीक है और ईसा मसीह से मिलने के लिए उन्हें कठोर उपवास रखकर अपनी जान देनी होगी।

मैकेन्जी के आदेश पर सबसे पहले बच्चों को भूखा रखकर मारा गया, उसके बाद किशोरों, फिर महिलाओं और अंत में पुरुषों की बारी तय की गई थी।

जज ने कहा कि रेडिकलाइजेशन यानी कट्टरपंथ का सबसे क्रूर रूप यह था कि माताओं ने अपने ही बच्चों को खाना देने से मना कर दिया और उन्हें तिल-तिल कर मरने दिया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, कई बच्चों की मौत भुखमरी, दम घुटने, गर्दन दबाने और सिर पर गंभीर चोट लगने से हुई।

400 से ज्यादा लाशें; सामूहिक कब्रों का खौफनाक सच

यह पूरा नरसंहार अप्रैल 2023 में तब सामने आया था जब मानवाधिकार समूहों की सूचना पर पुलिस ने तटीय शहर मालिंदी के पास शाकाहोला के जंगलों में छापेमारी की।

जंगलों में सैकड़ों उथली कब्रें मिलीं, जिनमें से अब तक 429 से ज्यादा शव निकाले जा चुके हैं। एक समय में लाशों की संख्या इतनी बढ़ गई थी कि केन्या के स्थानीय शवगृहों में जगह कम पड़ गई थी।

सोमवार को आया फैसला मुख्य रूप से 190 बच्चों और 1 बच्चे के अलावा एक अन्य वयस्क की स्पष्ट हत्याओं से जुड़ा है। मैकेन्जी पर अलग से आतंकवाद और मानव वध के दर्जनों केस भी चल रहे हैं।

पीड़ितों का दर्द: “मेरे परिवार के 8 लोग चले गए…”

फैसले के बाद कोर्ट रूम में मौजूद पीड़ितों के परिजनों की आंखें नम थीं। 62 साल के फ्रैंकिस वांजे, जिन्होंने इस कल्ट में अपनी बेटी और दो पोते-पोतियों समेत परिवार के 8 सदस्यों को खो दिया, ने कहा: “मैं जानता हूं कि मेरे अपने अब कभी लौटकर नहीं आएंगे, लेकिन इतने सालों के इंतजार के बाद आखिरकार कुछ इंसाफ तो मिला है।”

वहीं पादरी मैकेन्जी के अलग रह रहे 24 साल के बेटे डैन ने भी फैसले पर राहत जताते हुए कहा कि पीड़ितों के साथ न्याय हुआ है।

6 नवंबर को सजा का ऐलान

पॉल मैकेन्जी और उसके 28 दोषियों को अदालत 6 नवंबर 2026 को सजा सुनाएगी। बचाव पक्ष के वकील लॉरेंस ओबोन्यो ने फैसले को आश्चर्यजनक बताते हुए इसके खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने की बात कही है।

इस भयावह घटनाक्रम के बाद पूरे केन्या में अनियंत्रित धार्मिक संगठनों, स्वयंभू पादरियों और अंधविश्वास फैलाने वाले कल्ट्स पर नकेल कसने के लिए नए और सख्त कानून बनाने की मांग तेजी से उठ रही है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN