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जेपी इंफ्राटेक ने अपने अटके हुए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए अगले दो सालों में करीब ₹3,000 करोड़ निवेश करने की बनाई योजना।
जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड (Jaypee Infratech) के अटके हुए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में रहने वाले होमबायर्स के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। दिवालिया प्रक्रिया के बाद सुरक्षा ग्रुप (Suraksha Group) के कंट्रोल में आई कंपनी ने कहा है कि वह अगले दो सालों में करीब 3,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से लंबे समय से रुके आवासीय प्रोजेक्ट्स का निर्माण पूरा करने में किया जाएगा। कंपनी ने भरोसा जताया है कि सभी अटके हुए घर खरीदारों को सितंबर 2028 तक उनके फ्लैट का कब्जा दे दिया जाएगा। इसके साथ ही कंपनी ने यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) के आसपास 3 नए टाउनशिप विकसित करने की योजना भी बताई है।
लगभग 5,000 घर ग्राहकों को सौंपे गए
सुरक्षा ग्रुप (Suraksha Group) ने 4 जून 2024 को दिवालिया प्रक्रिया के बाद जेपी इंफ्राटेक (Jaypee Infratech) का कंट्रोल संभाला था। कंपनी के मुताबिक, जब उसने कारोबार की जिम्मेदारी ली थी, तब कुल 159 टावरों का निर्माण रुका हुआ था। पिछले दो सालों में इनमें से 84 टावरों में करीब 7,913 यूनिट्स का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इनमें से लगभग 5,000 घर ग्राहकों को सौंपे भी जा चुके हैं। अब करीब 3,000 यूनिट्स का कब्जा दिया जाना बाकी है। कंपनी का कहना है कि बाकी निर्माण कार्य को तय समयसीमा में पूरा करने पर उसका पूरा ध्यान है।
अब तक करीब 1,500 से 2,000 करोड़ का निवेश
कंपनी के प्रमोटर सुधीर वालिया ने बताया कि अब तक करीब 1,500 से 2,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है। अगले दो सालों में लगभग 3,000 करोड़ रुपये और लगाए जाएंगे। इस रकम का बड़ा हिस्सा अधूरे अपार्टमेंट्स के निर्माण और फिनिशिंग वर्क पर खर्च होगा। कंपनी के पास फंड जुटाने के लिए कुछ अतिरिक्त स्रोत भी हैं। प्रबंधन के अनुसार, मौजूदा ग्राहकों से करीब 1,800-2,000 करोड़ रुपये की रकम प्राप्त होनी है। इसके अलावा यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) से टोल कलेक्शन के जरिए कंपनी को हर साल करीब 500 करोड़ रुपये की आय होती है।
करीब 2,000 बिना बिके हुए यूनिट्स
द इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जेपी इंफ्राटेक (Jaypee Infratech) के पास करीब 2,000 बिना बिके हुए यूनिट्स भी हैं, जिनकी संभावित बिक्री वैल्यू लगभग 2,500 करोड़ रुपये बताई गई है। कंपनी इन संसाधनों का इस्तेमाल प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की वित्तीय क्षमता मजबूत करने में कर सकती है। सुरक्षा ग्रुप (Suraksha Group) ने अपने अंतिम resolution plan में करीब 20,000 अटके घरों को पूरा करने और परेशान होमबायर्स को उनके घर सौंपने का वादा किया था। अब कंपनी का सितंबर 2028 तक सभी लंबित निर्माण पूरे करने का लक्ष्य है।
इसके साथ ही कंपनी कारोबार के विस्तार पर भी काम कर रही है। जेपी इंफ्राटेक (Jaypee Infratech) के CEO अभिजीत गोहिल के मुताबिक Yamuna Expressway पर तीन नए टाउनशिप विकसित किए जाएंगे। इनमें दो टाउनशिप रेजिडेंशियल और एक इंडस्ट्रियल होगा। सबसे बड़ी टाउनशिप 256 एकड़ में विकसित करने की योजना है, जबकि दूसरी 124 एकड़ और तीसरी 85 एकड़ में होगी। कंपनी के अनुसार इन परियोजनाओं को चालू और अगले वित्त वर्ष के दौरान लॉन्च किया जा सकता है।
PTI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जेपी इंफ्राटेक (Jaypee Infratech) के खिलाफ CIRP (Corporate Insolvency Resolution Process) अगस्त 2017 में शुरू हुआ था। यह प्रक्रिया IDBI बैंक की अगुवाई वाले बैंकों के समूह की याचिका के बाद शुरू हुई थी। मार्च 2023 में NCLT ने सुरक्षा ग्रुप (Suraksha Group) की बोली को मंजूरी दी थी। इसके बाद NCLAT के फैसले के बाद जून 2024 में सुरक्षा ग्रुप (Suraksha Group) ने कंपनी का नियंत्रण संभाला। अपनेरिजॉल्यूशन प्लान में ग्रुप ने बैंकों को 2,500 एकड़ से अधिक जमीन और करीब 1,300 करोड़ रुपये के नॉन-कंवर्टेबल डिबेंचर (non-convertible debentures -NCD) देने का प्रस्ताव रखा था। अब 3,000 करोड़ रुपये के नए निवेश और सितंबर 2028 तक घरों का कब्जा देने की घोषणा से लंबे समय से इंतजार कर रहे हजारों होमबायर्स की उम्मीदें बढ़ गई हैं।ी
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