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झारखंड: आंदोलन कर रहे स्टूडेंट आज निकालेंगे विधानसभा मार्च, पुलिस ने क्या कहा

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Source :- BBC INDIA

ट्रंप और नेतन्याहू

इमेज स्रोत, Alex Wong/Getty Images

हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमेरिका से इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू पर दबाव डालने की अपील की है, ताकि ग़ज़ा पीस प्लान के अगले चरण को लागू किया जा सके.

हमास के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य बासेम नईम ने एएफ़पी से बातचीत में कहा कि अमेरिका इस समझौते का गारंटर है. ऐसे में उसे नेतन्याहू और उनकी सरकार पर पीस प्लान के रोडमैप को लागू करने के लिए दबाव बनाना चाहिए.

बासेम नईम ने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि मध्यस्थ देश और अमेरिका बिन्यामिन नेतन्याहू और उनकी सरकार पर दबाव डालेंगे, क्योंकि ये ही समझौते के गारंटर हैं.”

दरअसल, इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने ग़ज़ा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 15 पॉइंट प्लान को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है.

नेतन्याहू ने कहा है कि जब तक हमास को पूरी तरह निरस्त्र (बग़ैर हथियार के) नहीं किया जाता, तब तक ग़ज़ा से इसराइली सेना की वापसी नहीं होगी.

नेतन्याहू ने रविवार को हुई कैबिनेट बैठक में कहा, “इसराइल 15 पॉइंट डॉक्यूमेंट को ख़ारिज करता है. इसराइली सेना अपने सैनिकों और नागरिकों के लिए पैदा होने वाले ख़तरों को रोकने के लिए कार्रवाई जारी रखेगी.”

उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब ग़ज़ा में युद्धविराम को लेकर इसराइल और हमास के बीच मतभेद बने हुए हैं. दोनों पक्षों के बीच इसराइली सेना की वापसी को लेकर असहमति है.

उल्लेखनीय है कि पिछले महीने ट्रंप के बोर्ड ऑफ़ पीस ने दावा किया था कि ग़ज़ा में हमास और अन्य सशस्त्र समूहों के पूर्ण निरस्त्रीकरण को लेकर समझौता हो गया है.

हालांकि, हमास ने इस पर अलग रुख़ जाहिर किया था. संगठन का कहना था कि वह तभी हथियार छोड़ेगा, जब इसराइल अपनी सैन्य कार्रवाई रोककर ग़ज़ा से सेना वापस बुलाएगा.

SOURCE : BBC NEWS