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टेंशन छोड़कर सुकून से जीना है तो प्रेमानंद महाराज की ये 5 बातें पढ़ें

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Source :- LIVE HINDUSTAN

जिंदगी में परेशानी, असफलता और तनाव आना बहुत नॉर्मल बात है, लेकिन हर मुश्किल के सामने टूट जाना जरूरी नहीं। प्रेमानंद जी महाराज की ये 5 बातें मुश्किल समय में सोच बदलने और खुद को संभालने की सीख देती हैं।

जिंदगी में कुछ दिन ऐसे भी आते हैं, जब सब कुछ ठीक होते हुए भी मन परेशान रहता है। कभी किसी काम में असफलता मिलती है, कभी भविष्य की चिंता सताती है और कभी लगता है कि अब कुछ भी हमारे हिसाब से नहीं हो रहा। ऐसे समय में इंसान खुद को कमजोर समझने लगता है और छोटी-सी परेशानी भी बहुत बड़ी लगने लगती है। लेकिन अगर सोचने का तरीका थोड़ा बदला जाए, तो मुश्किल समय को संभालना आसान हो जाएगा। प्रेमानंद महाराज भी अपने विचारों में मन को मजबूत रखने, भगवान पर भरोसा करने और परेशानी के समय खुद को संभालने की बात कहते हैं। उनकी कुछ ऐसी ही बातें हैं, जिन्हें मुश्किल वक्त में याद रखना आपके लिए मददगार हो सकता है।

1. पहले मन से निकाल दें ये बात

कई बार किसी काम के शुरू होने से पहले ही हम मान लेते हैं कि यह हमारे बस की बात नहीं है। प्रेमानंद जी महाराज का मानना है कि खुद को कमजोर समझकर पहले ही हार नहीं माननी चाहिए। इंसान के अंदर बहुत कुछ करने की ताकत होती है। इसलिए किसी मुश्किल काम को देखकर खुद से यह न कहें कि आप इसे नहीं कर सकते। कोशिश शुरू करें और रास्ता निकालने पर ध्यान दें।

2. नेगेटिव सोच से दूरी

एक ही परिस्थिति में दो लोगों की सोच बिल्कुल अलग हो सकती है। कोई परेशानी के बीच भी खुद को संभाल लेता है, जबकि दूसरा उसी बात को लेकर लंबे समय तक परेशान रहता है। इसलिए अपने मन में चल रहे विचारों पर ध्यान देना जरूरी है। हर समय नेगेटिव सोचते रहने से परेशानी और बड़ी लग सकती है। मन को शांत रखने और अच्छी बातों पर ध्यान देने की कोशिश करें।

3. खुद को हमेशा दुखी बताना छोड़ दें

परेशानी के समय बार-बार अपनी तकलीफ के बारे में बात करने से कई बार हमारा ध्यान उसी परेशानी पर अटका रहता है। इसका मतलब यह नहीं कि मन की बात किसी से बिल्कुल न कहें। लेकिन हर वक्त खुद को दुखी, कमजोर या परेशान बताने से बचना चाहिए। अपने बारे में जिस तरह की बातें बार-बार कहते हैं, उनका असर आपकी सोच पर भी पड़ सकता है। इसलिए मुश्किल में भी खुद को संभालने वाली सोच रखें।

4. भगवान पर भरोसा रखें

हर चीज हमारे हिसाब से हो, यह जरूरी नहीं है। कई बार पूरी मेहनत के बाद भी मनचाहा नतीजा नहीं मिलता। ऐसे समय में खुद को असफल मान लेने के बजाय थोड़ा रुककर आगे का रास्ता देखना चाहिए। प्रेमानंद जी महाराज की सीख में भगवान पर भरोसा रखने की बात खास तौर पर आती है। अगर किसी काम में उम्मीद के अनुसार नतीजा नहीं मिला, तो यह मानकर आगे बढ़ें कि आगे आपके लिए कोई दूसरा रास्ता खुल सकता है।

5. समझ आ जाए तो उसी बात पर रोते क्यों रहें?

मुश्किल से सीख लेना और फिर आगे बढ़ जाना जिंदगी को आसान बनाता है। अगर किसी गलती या परेशानी से आपको कुछ समझ आया है, तो उसी बात को लेकर बार-बार दुखी होने का कोई फायदा नहीं। प्रेमानंद जी महाराज की इस सीख का भाव यही है कि जब समझ आ जाए, तो भ्रम और डर में पड़े रहने के बजाय आगे बढ़ना चाहिए। सफलता और असफलता दोनों को जिंदगी का हिस्सा मानेंगे, तो निराशा का असर भी कम होगा।

जिंदगी में हर दिन एक जैसा नहीं होता। कभी चीजें हमारे मन के मुताबिक होंगी और कभी नहीं होंगी। ऐसे में खुद को कमजोर मानने के बजाय अपनी सोच पर काम करना ज्यादा जरूरी है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN