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ट्रंप का ऐलान: अमेरिका का सबसे बड़ा स्टील प्लांट लगाएगा भारत का एस्सार ग्रुप

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • एस्सार ग्रुप अमेरिका में करीब 18 अरब डॉलर यानी लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये का बड़ा निवेश करने जा रहा है
  • ट्रंप ने कहा कि प्रस्तावित प्लांट में हर साल करीब 1 करोड़ टन स्टील का उत्पादन किया जाएगा
  • प्लांट में उत्पादन 2030 के आसपास शुरू होने की उम्मीद है

वाशिंगटन, D.C. में व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस से, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मेसाबी मेटालिक्स के एग्जीक्यूटिव बोर्ड के चेयरमैन रेवंत रुइया और एस्सार ग्रुप के को-फाउंडर और वाइस-चेयरमैन रवि रुइया से बात की।

भारतीय कारोबारी समूह एस्सार ग्रुप अमेरिका में करीब 18 अरब डॉलर यानी लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये का बड़ा निवेश करने जा रहा है। कंपनी की अमेरिकी इकाई मीसाबी मेटालिक्स लोवा में अमेरिका का सबसे बड़ा स्टील प्लांट बनाने की योजना पर काम करेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में इसका ऐलान किया।

एएनआई के मुताबिक ट्रंप ने कहा कि प्रस्तावित प्लांट में हर साल करीब 1 करोड़ टन स्टील का उत्पादन किया जाएगा। यह परियोजना अगले करीब 10 वर्षों में आधुनिक स्टील बनाने वाली तकनीक के साथ विकसित की जाएगी।

कौन हैं एस्सार ग्रुप के संस्थापक

बता दें एस्सार ग्रुप की स्थापना शशि और रवि रुइया ने की थी। समूह का अमेरिका में कारोबार नया नहीं है। कंपनी 2007 से Minnesota में मौजूद है। उस समय Essar ने Minnesota Steel को खरीदा था, जिसके पास 1.4 अरब टन से अधिक लौह अयस्क संसाधनों का नियंत्रण बताया गया था।

भारत में भी एस्सार ग्रुप का स्टील कारोबार बड़ा रहा है। कंपनी की हाजिरा, गुजरात में 10 मिलियन टन क्षमता वाली स्टील सुविधा रही है। समूह का तेल रिफाइनिंग कारोबार भी भारत और विदेशों तक फैला हुआ है।

खदान से लेकर स्टील तक, पूरी सप्लाई चेन अमेरिका में

इस परियोजना की खास बात यह है कि एस्सार ग्रुप स्टील बनाने के लिए जरूरी कच्चा माल भी अमेरिका में ही तैयार करेगा। कंपनी Minnesota में एक नई आयरन-ओर खदान विकसित कर रही है। ट्रंप के मुताबिक, यह अमेरिका में 50 साल से अधिक समय में पहली नई आयरन-ओर खदान होगी।

कंपनी की योजना Minnesota की खदान से निकले लौह अयस्क को Iowa के स्टील प्लांट तक पहुंचाने और वहीं स्टील बनाने की है। यानी खदान से लेकर स्टील मिल तक पूरी सप्लाई चेन अमेरिका में होगी।

6 हजार नौकरियां, 2 हजार स्थायी रोजगार

ट्रंप के मुताबिक, इस परियोजना से निर्माण के दौरान करीब 6,000 नौकरियां पैदा होंगी। प्लांट और माइनिंग ऑपरेशन शुरू होने के बाद करीब 2,000 स्थायी मैन्युफैक्चरिंग और माइनिंग नौकरियां मिलने की उम्मीद है। ट्रंप ने दावा किया कि परियोजना अमेरिकी अर्थव्यवस्था में करीब 95 अरब डॉलर का योगदान कर सकती है।

50 फीसदी स्टील टैरिफ का भी जिक्र

इस निवेश के ऐलान के दौरान अमेरिका की व्यापार नीति और विदेशी स्टील पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ का भी जिक्र हुआ। अमेरिकी वाणिज्य सचिव हावर्ड ल्यूट्निक ने कहा कि टैरिफ के बिना यह खदान और स्टील प्लांट नहीं बनता।

इसका एक बड़ा कारोबारी पहलू यह है कि अमेरिका में उत्पादन करने वाली विदेशी कंपनियों को अमेरिकी बाजार में स्टील भेजने पर लगने वाले आयात शुल्क से बचने का फायदा मिल सकता है।

2030 के आसपास शुरू हो सकता है उत्पादन

रिपोर्ट के मुताबिक, प्लांट में उत्पादन 2030 के आसपास शुरू होने की उम्मीद है। परियोजना का कुल निवेश करीब 18 अरब डॉलर बताया गया है, जबकि अमेरिकी वाणिज्य सचिव ने माइन और स्टील प्लांट के संयुक्त निवेश का आंकड़ा करीब 17.5 अरब डॉलर बताया।

इनपुट: रॉयटर्स

SOURCE : LIVE HINDUSTAN