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ट्रंप ने माना कि ईरान के संभावित हमले के कारण चुपचाप अपना प्लेन बदला

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Source :- BBC INDIA

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 11 अगस्त 2026 को ओहायो के क्लीवलैंड में एयर फ़ोर्स वन में सवार होते हुए

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि पिछले महीने तुर्की में नेटो सम्मेलन से रवाना होते समय उन्होंने चुपचाप विमान बदल लिया था. ऐसा संभावित ख़तरे की वजह से किया गया था.

ट्रंप ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा, “मैं सीक्रेट सर्विस और सेना की बात मानता हूं. वे चाहते थे कि मैं दूसरी उड़ान और दूसरे विमान से जाऊं. मुझे वही करना था, जो उन्होंने कहा.”

यह जानकारी उन रिपोर्टों के बाद सामने आई है, जिनमें कहा गया था कि 8 जुलाई को ट्रंप टेलीविज़न कैमरों की मौजूदगी में एयर फ़ोर्स वन में सवार हुए थे. इसके बाद उन्हें एक कैटरिंग ट्रक की मदद से एक सैन्य विमान तक पहुंचाया गया था.

आख़िरी समय में विमान बदलने के इस फ़ैसले से सवाल उठे हैं कि क्या जिस विमान को दिखावे के लिए इस्तेमाल किया गया था, उसमें मौजूद लोगों को ख़तरे में छोड़ दिया गया था. हालांकि, मंगलवार को ट्रंप ने कहा कि जिस सैन्य विमान में वह बाद में सवार हुए थे, वह “ज़्यादा ख़तरे” में था.

अधिकारियों ने बीबीसी के अमेरिकी साझेदार सीबीएस न्यूज़ को बताया कि आशंका थी कि ईरान विमान पर मिसाइल से हमला कर सकता है.

विमान में सवार पत्रकारों और व्हाइट हाउस के कुछ कर्मचारियों को पता नहीं था कि संभावित ईरानी ख़तरे के जवाब में एक योजना के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को वहां से चुपचाप निकाल लिया गया था.

ट्रंप पहले कह चुके हैं कि अंकारा में हुए सम्मेलन के दौरान वह ईरान के ‘टारगेट नंबर वन’ थे.

ट्रंप ने मंगलवार को कहा, “मेरा अनुमान है कि कोई ख़तरा था. मैंने इसके बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं मांगी. मुझे बहुत सारी धमकियां मिलती हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे बहुत सारी ऐसी धमकियां मिलती हैं, जिनके बारे में आपको पता भी नहीं है.”

डोनाल्ड ट्रंप

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पिछले महीने की यह गुप्त कार्रवाई उस समय हुई, जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध ख़त्म करने के लिए चल रही बातचीत टूटने के बाद अमेरिका ने ईरान पर फिर से सैन्य हमले शुरू किए थे. इसके एक दिन बाद ट्रंप ने विमान बदला था.

ट्रंप क़तर की ओर से दिए गए नए बोइंग 747-8 विमान से तुर्की पहुंचे थे. लेकिन उन्होंने कहा था कि वह “पुराने समय की याद में” पुराने एयर फ़ोर्स वन से वापस जाएंगे.

8 जुलाई को सामने आए वीडियो में ट्रंप को अंकारा हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति के विमान में सवार होते हुए देखा गया था.

लेकिन वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, ट्रंप एयर फ़ोर्स वन से एक कैटरिंग ट्रक में चले गए. इस ट्रक को विमान के स्तर तक ऊपर उठाया गया था. ट्रक विमान के उस तरफ खड़ा था, जो उस जगह से दूसरी तरफ था, जहां से ट्रंप विमान में सवार हुए थे.

इसके बाद उन्हें चुपचाप एक छोटे C-32A सैन्य विमान में ले जाया गया. यह बोइंग 757 का बदला हुआ संस्करण है, जिसका इस्तेमाल अक्सर उपराष्ट्रपति करते हैं.

अख़बार के मुताबिक, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ भी अलग से बाहरी सीढ़ियों के ज़रिए C-32A में सवार हुए. ऐसा इसलिए किया गया ताकि यह लगे कि उड़ान सामान्य तरीके से हो रही है.

पत्रकार और व्हाइट हाउस के कुछ कर्मचारी एयर फ़ोर्स वन में सवार हुए. उन्हें कथित तौर पर खिड़कियों के पर्दे बंद रखने के लिए कहा गया. उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि राष्ट्रपति अब विमान में मौजूद नहीं हैं.

डोनाल्ड ट्रंप

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एयर फ़ोर्स वन में सवार एक पूल प्रोड्यूसर ने बताया कि उस उड़ान के दौरान एक असामान्य बात हुई. प्रेस के सदस्यों से खिड़कियों के पर्दे नीचे रखने को कहा गया था. एक फ़ोटोग्राफ़र ने थोड़ी देर के लिए एक पर्दा खोला, लेकिन उसे तुरंत बंद करने के लिए कहा गया. उसे बताया गया कि यह राष्ट्रपति की सुरक्षा करने वाली सीक्रेट सर्विस का अनुरोध है.

मंगलवार को जारी व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन की एक रिपोर्ट में प्रोड्यूसर ने यह भी बताया कि जब प्रेस के सदस्य पहुंचे, तो विमान के आगे और पीछे दो कैटरिंग ट्रक दिखाई दे रहे थे. इसके अलावा, एयरपोर्ट पर उनका वाहन काफ़िले में इतना पीछे था कि वह राष्ट्रपति को विमान में सवार होते हुए तस्वीर नहीं ले सका.

तकनीकी रूप से, “एयर फ़ोर्स वन” उस किसी भी विमान का कॉल साइन है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति सवार हों. लेकिन इस मौक़े पर C-32A विमान ने “रीच 18” कॉल साइन का इस्तेमाल किया. वहीं, पत्रकारों को ले जा रहे विमान ने “AF1” कॉल साइन का इस्तेमाल जारी रखा, ताकि पूरी योजना का दिखावा बरक़रार रहे.

इसके बाद ट्रंप अमेरिका लौटने के रास्ते में ब्रिटेन गए. वहां वो पुराने एयर फ़ोर्स वन में दोबारा सवार हुए. आरएएफ़ मिल्डेनहॉल में विमान के उतरने के बाद उन्हें उससे नीचे उतरते हुए देखा गया. यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप C-32A से पुराने एयर फ़ोर्स वन में कैसे पहुंचे.

इसके बाद राष्ट्रपति वॉशिंगटन लौटने के लिए क़तर की ओर से दिए गए नए एयर फ़ोर्स वन में सवार हुए.

इस उड़ान के दौरान ट्रंप ने विमान में मौजूद पत्रकारों से बात की. उन्होंने ईरान से पैदा होने वाले ख़तरे का ज़िक्र किया, लेकिन पहले किए गए विमान बदलने के बारे में कुछ नहीं बताया.

जब ट्रंप से पूछा गया कि तुर्की से रवाना हुए विमान में पत्रकारों को खिड़कियों के पर्दे नीचे रखने के लिए क्यों कहा गया था, तो उन्होंने उस समय कहा था, “क्योंकि शायद आप एक ख़तरनाक उड़ान में हैं. हमें जिन घटिया लोगों से निपटना पड़ता है, उनकी वजह से.”

उन्होंने कहा कि उनकी जान को “हर समय ख़तरा” रहता है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की “सूची” में वह “नंबर एक” पर हैं.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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SOURCE : BBC NEWS