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इस साल जनवरी महीने में पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समर्थित क्रिप्टोकरेंसी कंपनी वर्ल्ड लिबर्टी फाइनैंशियल की एक सहयोगी कंपनी के साथ एमओयू पर दस्तख़त किए थे.
वर्ल्ड लिबर्टी फाइनैंशियल के फ़ाउंडर अमेरिका के विशेष दूत और ट्रंप के क़रीबी सलाहकार स्टीव विटकॉफ के बेटे ज़ैक विटकॉफ हैं.
अब पाकिस्तान ने ड्रोन सौदे के लिए एक ऐसी कंपनी के साथ एमओयू पर दस्तख़्त किए हैं, जिसका उस कंपनी में विलय होना है, जिसे ट्रंप के दो बेटों का समर्थन हासिल है.
ये एमओयू ऐसे समय में हुआ है, जब पाकिस्तान अमेरिका के साथ अपने रिश्ते को बेहतर करने में लगा है. ट्रंप सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर की तारीफ़ कर चुके हैं.
पाकिस्तान स्थिति अमरिकी दूतावास ने अपने एक्स अकाउंट पर फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और पावरअस के प्रतिनिधियों के साथ मुलाक़ात की एक तस्वीर पोस्ट की है.
इस तस्वीर के साथ पोस्ट में अमेरिकी दूतावास ने लिखा है, ”एक मज़बूत अमेरिका-पाकिस्तान सुरक्षा साझेदारी हमारी साझी सुरक्षा और दक्षिण एशिया की क्षेत्रीय सुरक्षा में योगदान देती है. अमेरिकी की एक्टिंग राजदूत नताली बेकर और अमेरिका स्थित डिफेंस कंपनी पावरस के प्रतिनिधियों ने 16 सितंबर को रावलपिंडी में फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से मुलाक़ात की.”
”इस दौरान रक्षा उपकरणों की ख़रीद और उत्पादन में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई. यह बातचीत दिखाती है कि ट्रंप प्रशासन की साझेदार देशों की आत्मनिर्भरता बढ़ाने की नीति किस तरह उन्हें सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की अपनी क्षमता मज़बूत करने में मदद कर रही है.”
अमेरिकी कंपनी और पाकिस्तान के बीच क्या सौदा हुआ?
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समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ अमेरिकी ड्रोन कंपनी पावरअस ने पाकिस्तानी सेना के साथ एक एएमयू पर दस्तख़्त किए हैं. इसमें ड्रोन से जुड़ा शुरुआती ऑर्डर भी शामिल है.
कंपनी के को- फ़ाउंडर ब्रेट वेलिकोविच ने बुधवार को इस बात की जानकारी रॉयटर्स के साथ साझा की. हालांकि उन्होंने इसका ज़्यादा ब्योरा नहीं दिया.
वेलिकोविच ने इतना बताया है कि यह सौदा अनआर्म्ड एरियल सिस्टम से जुड़ा है.
पावरअस मिलिट्री इंडस्ट्री में इस्तेमाल के लिए हवाई और समुद्री ड्रोन बनाती है.
कंपनी का जल्द ही शेयर बाज़ार में लिस्टेड कंपनी ऑरियस ग्रीनवे होल्डिंग्स में विलय होना है.
इस कंपनी को ट्रंप के दो बेटों का समर्थन हासिल है. दोनों कंपनियों ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि विलय अक्टूबर की शुरुआत में पूरा हो जाएगा.
रॉयटर्स ने लिखा है कि अमेरिकी रेग्युलेटरी दस्तावेज़ों के मुताबिक़ डोनाल्ड ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप अमेरिकन वेंचर्स नाम के एक निवेश फंड के ज़रिए ऑरियस में हिस्सेदारी रखते हैं.
विलय के बाद संयुक्त कंपनी में अमेरिकन वेंचर्स की 9.9 फ़ीसदी हिस्सेदारी होगी.
हालांकि पावरअस के फ़ाउंडर और सीईओ एंड्रयू फ़ॉक्स ने उन अटकलों को ख़ारिज किया है कि कंपनी की तरक्की इसलिए हो रही है कि इससे ट्रंप के बेटे जुड़े हैं.
उन्होंने कहा कि कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट उसकी योग्यता के आधार पर मिलते हैं और ट्रंप के बेटों की “कंपनी के कारोबारी मामलों में कोई भूमिका नहीं है.”
डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के प्रवक्ता ने कहा कि वह अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी रखने वाले एक पैसिव इन्वेस्टर थे.
व्हाइट हाउस ने कहा है कि इस सौदे में हितों का कोई टकराव नहीं है.
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‘फ़ाइनैैंशियल टाइम्स’ ने इस सौदे की जानकारी देते हुए कहा है कि ट्रंप के दो बेटों के समर्थन वाली कंपनी पाकिस्तान को रक्षा तकनीक बेचने पर बातचीत कर रही है.
यह सौदा पाकिस्तान की चीन पर निर्भरता कम करने की कोशिश का हिस्सा है
फाइनैंशियल टाइम्स ने लिखा है कि पावरअस में डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप भी निवेशक हैं. पावरअस ने बुधवार को पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ एक एमओयू पर दस्तख़्त किए.
कंपनी के सह-संस्थापकों के मुताबिक़, ”समझौते के तहत पाकिस्तान में ही ज्वाइंट वेंचर शुरू कर स्थानीय स्तर पर उत्पादन की योजना के लिए हो रही है.”
इस मामले की जानकारी रखने वाले इस्लामाबाद के एक शख़्स ने ‘फ़ाइनैंशियल टाइम्स’ को बताया कि समझौते में पाकिस्तान की सेना को ड्रोन और ड्रोन इंटरसेप्टर भी बेचने का प्रावधान है.
चीन पर पाकिस्तान की बड़ी निर्भरता
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‘फ़ाइनेंशियल टाइम्स’ ने लिखा, ”पावरअस के प्रेसिडेंट और सह-संस्थापक ब्रेट वेलिकोविच ने कहा, “मुझे लगता है कि कई दशकों से अमेरिकी सरकार पाकिस्तान जैसे देशों को ड्रोन सिस्टम देने के ख़िलाफ़ रही है, जबकि चीन ने यहाँ के लोगों की मांग के मुताबिक़ लगभग हर तरह की तकनीक मुहैया कराई है.”
उन्होंने कहा, “इससे ऐसी निर्भरता पैदा हुई, जो नहीं होनी चाहिए थी. लेकिन अब हम अमेरिका की नीति में एक तरह का बदलाव देख रहे हैं. यह बदलाव सिर्फ़ पाकिस्तान तक सीमित नहीं है. अमेरिका अपने ड्रोन सिस्टम को दूसरे देशों के साथ भी ज़्यादा साझा करने की दिशा में बढ़ रहा है.”
फाइनैंशियल टाइम्स के मुताबिक़ स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट यानी सिपरी के मुताबिक़ पाकिस्तान के रक्षा आयात में क़रीब 80 फीसदी हिस्सा चीन का है.
सिपरी के आंकड़ों के मुताबिक़, पाकिस्तान दुनिया में बड़े हथियारों का पांचवां सबसे बड़ा ख़रीदार है.
पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बेहतर होते रिश्तों का फ़ायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम कराने के लिए कई महीनों तक मध्यस्थता की थी.
उन्होंने क्रिप्टोकरेंसी और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे सेक्टर में कई सौदों के ज़रिए ट्रंप और उनके क़रीबी लोगों के साथ भी रिश्ते मज़बूत किए हैं.
पावरअस के चेयरमैन और सीईओ एंड्रयू फॉक्स ने कहा, “पाकिस्तान के पास सिर्फ़ कूटनीतिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक स्तर पर भी आगे बढ़ने का मौक़ा है. वह यहां उद्योग खड़ा कर सकता है, रोजगार पैदा कर सकता है और निर्यात के अवसर तैयार कर सकता है.”
उन्होंने कहा, “हमारे लिए यह सिर्फ़ एक बार का सौदा नहीं है. यह एक लंबी अवधि रिश्ते की शुरुआत है.”
पावरअस का क़ारोबार कितना बड़ा
पावरअस की स्थापना पिछले साल ऑटोनॉमस पावर कॉर्प. के नाम से हुई थी.
कंपनी इस साल नैस्डैक में लिस्ट ऑरियस ग्रीनवे होल्डिंग्स के साथ विलय के ज़रिए शेयर बाज़ार में लिस्ट होने वाली है.
डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप इस निवेश कंपनी में भी शेयरधारक हैं.
पावरअस ने यूक्रेन से ड्रोन तकनीक का लाइसेंस लिया है. रूस के साथ युद्ध में बड़े पैमाने पर बनाए जा रहे ड्रोन यूक्रेन के युद्धक्षेत्र में अहम भूमिका निभा रहे हैं.
पावरअस ने ऐसी दूसरी ड्रोन कंपनियों का भी अधिग्रहण किया है जो कम लागत वाले ऐसे सिस्टम बनाती हैं, जो युद्ध, मानवीय आपात स्थितियों और खेती-बाड़ी के लिए भारी वजन ले जा सकता है.
कंपनी हर महीने करीब 3,000 ड्रोन इंटरसेप्टर भी बनाती है. पिछले महीने उसने अमेरिकी वायु सेना को इंटरसेप्टर सप्लाई करने के लिए 90 करोड़ डॉलर का सौदा भी किया था.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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