Source :- BBC INDIA

तंज़ानिया से हरियाणा और फिर ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ तक, फ़ैज़ल की कहानी
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अफ़्रीका का तंज़ानिया भारत से क़रीब छह हज़ार किलोमीटर दूर है. लेकिन वहां बैठे एक नौजवान ने एक सपना देखा और उसे पूरा करने की ठानी.
उसने सबसे पहले भाषा सीखी और ऐसी सीखी कि सुनने वाले दंग रह जाएं. आवाज़ अच्छी थी तो भारतीय फ़िल्में देखकर गाने शुरू किए.
और फिर हुआ सपनों का सफ़र शुरू. फ़ैज़ल तंज़ानिया से भारत के हरियाणा पहुंचे और वहां से पहुंचे समय रैना के शो में और ज़िंदगी बदलनी शुरू हो गई.
हिंदी, मराठी, पंजाबी समेत कई भारतीय भाषाओं में गाने वाला ये लड़का ठेठ हरियाणवी बोलता है, मार्शल आर्ट्स जानता है और भाईचारा ऑन टॉप पर यक़ीन रखता है.
कुरुक्षेत्र को अपना घर बनाने वाले फ़ैज़ल को यहां परिवार भी मिल गया. लेकिन ये सफ़र आसान नहीं था.
इस सफ़र में शुरुआत में मुश्किलें थीं, ताने थे, नस्लवाद था, लेकिन फ़ैज़ल का फ़ोकस नहीं हिला. कुरुक्षेत्र की एक तंग गली के छोटे से मकान में बैठकर वो बड़े सपने देख रहे हैं और उन सपनों को पूरा करने की ज़िद भी उनमें है.
मुलाक़ात कीजिए इस दिलचस्प नौजवान से.
प्रज़ेंटर: विदित मेहरा और सोनाली सिंह
प्रोड्यूसर: भरत शर्मा
शूट-एडिट: सिराज अली और पार्थ
आर्टवर्क: पुनीत बरनाला और वासिफ़ ख़ान
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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