Source :- LIVE HINDUSTAN
यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब आशंका है कि क्षेत्र में बढ़ता तनाव और अधिक देशों को संघर्ष में खींच सकता है। हाल के हफ्तों में सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है।
पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये अगस्त में हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का हिस्सा हैं।
करीब ढाई महीने पहले 7 अगस्त को तीन मुस्लिम देशों सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किए ने मक्का शहर में एक रक्षा समझौते पर दस्तखत किए थे, जिसे ‘मक्का डिफेंस पैक्ट’ और यहां तक कि इस्तामिक नाटो भी कहा गया। इसका मुख्य मकसद सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान के बीच त्रिपक्षीय रक्षा समझौता था। इस समझौते की सबसे खास बात नाटो के अनुच्छेद-5 (Article 5) जैसी ही है। यानी अगर इन तीनों देशों में से किसी एक पर भी कोई दूसरा देश सशस्त्र हमला करता है, तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा और बाकी के दोनों देश भी पलटवार कर सकेंगे लेकिन ईरान समर्थित हूतियों के सऊदी अरब पर हुए हमलों में इस समझौते की पोल खुल कर रह गई और ये इस्लामिक नाटो टांय-टांय फुस्स साबित हो गया।
लिहाजा, अब ईरान समर्थित हूतियों के हमले से सऊदी अरब को बचाने के लिए ये तीनों देश फिर से एकजुट हुए हैं लेकिन ये एकजुटता ईरान के खिलाफ नहीं बल्कि अपनी हेकड़ी को खत्म कर ईरान के सामने फरियाद लगाने के लिए हुई है। दरअसल, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर, सऊदी अरब के रक्षा मंत्री और तुर्किये की खुफिया एजेंसी के प्रमुख के सोमवार को तेहरान में ईरान के शीर्ष अधिकारियों के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर संयुक्त बैठक करने जा रहे हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। पाकिस्तान, सऊदी अरब और ईरान के अधिकारियों ने अलग-अलग बयानों में इस बैठक की पुष्टि की है।
बैठक की टाइमिंग बड़ी अहम
यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब आशंका है कि क्षेत्र में बढ़ता तनाव और अधिक देशों को संघर्ष में खींच सकता है। हाल के हफ्तों में सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों, तेल सुविधाओं और सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। वहीं, सऊदी अरब ने कहा है कि उसने मिसाइलों और ड्रोनों को बीच में ही रोक दिया है। पाकिस्तान सेना ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि फील्ड मार्शल मुनीर एक ”आधिकारिक दौरे” पर तेहरान जा रहे हैं, लेकिन इस यात्रा के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
मुनीर का हफ्ते भर में दूसरा तेहरान दौरा
एक हफ्ते के भीतर तेहरान की यह उनकी दूसरी यात्रा है। ऐसे संकेत भी मिल रहे हैं कि अमेरिका, ईरान के साथ एक और दौर की लड़ाई की तैयारी कर रहा है। सरकारी समाचार एजेंसी ‘इरना’ के अनुसार, इससे कुछ घंटे पहले ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उप सचिव अली बाघेरी ने कहा था कि ”पश्चिम एशिया में आंतरिक रूप से विकसित सुरक्षा की अवधारणा को लागू करने के प्रयासों के तहत सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के वरिष्ठ अधिकारी तेहरान आएंगे।”
पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये अगस्त में हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का हिस्सा हैं। इस समझौते के तहत, तीनों देशों में से किसी एक पर हमला होने को सभी देशों पर हमला माना जाएगा। यह उच्चस्तरीय बैठक पाकिस्तान के सेना प्रमुख की तेहरान यात्रा के कुछ दिन बाद हो रही है। उस दौरान उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबफ और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रजाई से मुलाकात की थी।
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