Home Latest news ताज़ा खबर धर्मेंद्र प्रधान: NEET पेपर लीक ने शिक्षक धोखाधड़ी को उजागर किया

धर्मेंद्र प्रधान: NEET पेपर लीक ने शिक्षक धोखाधड़ी को उजागर किया

4
0

The National Eligibility cum Entrance Test for Undergraduate (NEET UG) 2026 परीक्षा में एक गंभीर पेपर लीक स्कैंडल सामने आया, जिसके कारण मूल परीक्षा रद्द करनी पड़ी और पुनः परीक्षा प्रक्रिया लागू की गई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा प्रणाली में हुए इस उल्लंघन को स्वीकार किया और इस प्रक्रिया में ईमानदारी और विश्वास बहाल करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

**उल्लंघन की स्वीकृति**

15 मई 2026 को मंत्री प्रधान ने विवाद पर बोलते हुए कहा, “हम स्वीकार करते हैं कि भले ही हमने राधाकृष्णन कमीशन की रिपोर्ट पूरी तरह लागू की हो, फिर भी कमांड चेन में उल्लंघन हुआ।” उन्होंने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त किया कि सरकार परीक्षा प्रक्रिया में विश्वास बहाल करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।

**लीक के विवरण**

NEET UG 2026 परीक्षा प्रारंभ में 3 मई को आयोजित की गई थी। हालांकि, 7 मई को एक संभावित “गेस पेपर” और पेपर लीक की आशंका उत्पन्न हुई, जिसके बाद शिकायतें केंद्रीय जांच एजेंसियों को भेजी गईं। तीन से चार दिनों के भीतर अधिकारियों ने पुष्टि की कि प्रश्नपत्र वास्तव में लीक हुआ था। इसके परिणामस्वरूप, सरकार ने 12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला किया ताकि सभी छात्रों के लिए निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।

**जांच और गिरफ्तारियां**

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को उल्लंघन की गहन जांच और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान का कार्य दिया गया। जांच में अंदरूनी सूत्रों और बाहरी सहयोगियों की एक जटिल साजिश सामने आई। विशेष रूप से, नासिक, महाराष्ट्र के 30 वर्षीय छात्र शुभम खैरनार को CBI ने लीक हुए प्रश्नपत्र को खरीदने और उसे मुनाफे के लिए बेचने के आरोप में पकड़ा। जांचकर्ताओं ने यह भी नोट किया कि वह पहचान से बचने के लिए अपने बाल काट चुका था।

इसके अतिरिक्त, पुणे, महाराष्ट्र की वरिष्ठ वनस्पति शिक्षक मनीषा गुरुनाथ मंडहरे को भी गिरफ्तार किया गया। मंडहरे, जो 3 मई को आयोजित NEET-UG के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के पेपर सेटिंग कमेटी की सदस्य थीं, पर जीव विज्ञान के प्रश्न लीक करने का आरोप है।

**पुनः परीक्षा प्रक्रिया**

इस उल्लंघन के जवाब में, सरकार ने पुनः परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित करने की घोषणा की। पुनः परीक्षा की ईमानदारी सुनिश्चित करने के लिए, NTA ने कड़े उपाय लागू किए, जिनमें शामिल हैं:

– **विशेषज्ञ टीमें**: प्रश्नपत्र तैयार करने के लिए विशेषज्ञ टीमों का गठन, और पेपर सेटिंग प्रक्रिया के दायरे को बढ़ाया गया ताकि किसी भी लीक को रोक जा सके।

– **शिक्षकों का पृथक्करण**: पेपर सेटिंग में शामिल सभी शिक्षकों को कई दिनों के लिए पृथक रखा गया और उस अवधि के दौरान उन्हें इंटरनेट का उपयोग करने की अनुमति नहीं थी।

इन उपायों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि प्रश्नपत्र ठीक से तैयार हों और परीक्षा प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संपन्न हो।

**सरकार का रुख**

मंत्री प्रधान ने जोर देकर कहा कि NTA को समाप्त करने का सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा, “एजेंसी को खत्म करने का कोई सवाल ही नहीं है। यही एजेंसी परीक्षा आयोजित करेगी। हमें सुधारों को बेहतर बनाना होगा।” सरकार का फोकस परीक्षा प्रणाली को सुधार और बेहतर निगरानी तंत्र के माध्यम से मजबूत करने पर है।

**निष्कर्ष**

NEET UG 2026 पेपर लीक स्कैंडल ने परीक्षा व्यवस्था की गंभीर कमजोरियों को उजागर किया है। सरकार की तीव्र प्रतिक्रिया, जिसमें मूल परीक्षा का रद्द होना, गहन जांच और सुरक्षा उपायों के साथ पुनः परीक्षा की प्रक्रिया शामिल है, शिक्षा प्रणाली की ईमानदारी बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जैसे-जैसे पुनः परीक्षा नजदीक आ रही है, संबंधित सभी पक्ष ongoing जांच के परिणामों और भविष्य में उल्लंघन को रोकने के लिए लागू सुधारों की प्रभावशीलता का इंतजार कर रहे हैं।