Source :- LIVE HINDUSTAN
पनीर, चिकन या कोफ्ता किसी भी डिश को बनाते वक्त उसकी ग्रेवी कभी पतली हो जाती है तो कभी गाढ़ी। परफेक्ट रेस्टोरेंट जैसी थिकनेस और टेक्सचर पाने के लिए कुकिंग के वक्त इन टिप्स को जरूर फॉलो करें।
पनीर हो या फिर चिकन कोरमा, ग्रेवी बनाते वक्त अक्सर गड़बड़ हो जाती है। वो रेस्टोरेंट वाला परफेक्ट टेक्सचर नहीं मिल पाता है। खाना बनाते वक्त आपके साथ भी ऐसा ही होता है तो कुकिंग की ये छोटी-छोटी टिप्स को नोट कर लें। जो ग्रेवी को टेस्टी बनाने के साथ ही बिल्कुल परफेक्ट टेक्सचर में बनाकर तैयार करेगी।
जब भी किसी डिश को बनाना हो तो केवल रेसिपी को फॉलो ना करें बल्कि जितने इंग्रीडिएंट्स उसमे डाल रहें उन सब की सही टेंपरेचर पर कुकिंग पर फोकस करें। जिससे फ्लेवर के साथ ग्रेवी का टेक्सचर भी परफेक्ट हो। अगर ग्रेवी बहुत पतली, गाढ़ी या थक्केदार हो जाएगी तो खाने का एक्सपीरिएंस खराब हो जाता है। इसलिए छोटे टिप्स हमेशा ध्यान रखें।
तेल अलग होने तक पकाएं
जब भी ग्रेवी बनाने के लिए प्याज, टमाटर, दही या मसालों को तेल में भून रहे हों तो इस बात का ध्यान रखें कि मीडियम फ्लेम पर मसाले पककर जब तेल छोड़ दें तब तक कुकिंग करें। जब मसालों को पकाया जाता है तो उसमे मौजूद पानी जलता है और मसाले जितना तेल अब्जॉर्ब किए रहते हैं वो सब बाहर छोड़ देते है। मसालों के किनारों पर तेल नजर आने लगे तो मतलब कि सारे मसाले अच्छी तरह से पक चुके हैं और उनका कच्चापन खत्म हो गया है। अक्सर ग्रेवी को खराब करने की वजह मसालों का कच्चापन होता है, जिससे टेस्ट बिगड़ता है। जब मसाले पूरी तरह से पकेंगे तो इसका टेक्सचर भी अच्छा बनेगा।
प्याज वाली ग्रेवी कैसे बनाएं
जब आप प्याज से ग्रेवी बना रहे हों तो ध्यान रखना होगा कि ग्रेवी किस सब्जी के लिए बना रहे हैं। जैसे उबले प्याज की ग्रेवी में मिठास और क्रीमीनेस होता है जो ग्रेवी को लाइट टेक्सचर देता है। वहीं जब प्याज को फ्राई करके पेस्ट बनाते हैं और ग्रेवी के लिए भूनते हैं तो ये ग्रेवी गाढ़ापन, रिचनेस और क्रीमीनेस देती है। वहीं कच्चे प्याज को पीसकर बनी ग्रेवी स्पाइसी और तीखी ग्रेवी के लिए बिल्कुल परफेक्ट होती है। और ये गाढ़ी बनती है। तो प्याज की ग्रेवी बनाते वक्त इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि किस डिश के लिए ग्रेवी बन रही है।
ग्रेवी को गाढ़ा करने के लिए क्या इस्तेमाल करें
1- ग्रेवी को गाढ़ा बनाने के लिए कौन सी चीजों का इस्तेमाल करें, ये आपकी पसंद के साथ ही डिश पर भी निर्भर करता है। जैसे काजू , नट्स और क्रीम की ग्रेवी स्मूद और रिच टेस्ट देती है। इसमे मिठास होती है।
2- वहीं, बेसन से गाढ़ापन ग्रेवी में ला रहे तो ये तेज मसालों को देसी स्वाद देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। मसालों के तीखेपन को भी बैलेंस करता है।
3- जबकि दही का इस्तेमाल ग्रेवी को गाढ़ापन देने के साथ ही थोड़ा खट्टापन लाने के लिए किया जाता है। लेकिन दही की ग्रेवी बनाते वक्त सावधानी की जरूरत होती है नहीं तो पूरी ग्रेवी दही के साथ फट जाएगी और दिखने में अच्छी नहीं लगेगी। इसलिए पहले दही को अच्छी तरह से फेंटकर स्मूद बना लें और फिर गैस की फ्लेम को बंद करके डालकर तेजी से चलाएं। जिससे मसाले दही में पूरी तरह से मिक्स हो जाएं और गर्माहट पाकर दही फटें नहीं।
साबुत मसालों से मिलेगा स्वाद
जब आप ग्रेवी तैयार कर रहे हों तो मसाले की बात जरूर आएगी। पिसे हुए घर के मसाले रखने के बावजूद कुछ मसालों को ताजा ग्राइंड करके जरूर मिलाएं। साबुत मसालों को हल्का सा ड्राई रोस्ट करने के बाद ग्राइंडर जार में पीस लें। ये मसाले पूरी तरह से पाउडर कर लें और अगर हल्के से दरदरे रह गए हैं तो छन्नी से छानकर यूज करें। जिससे ग्रेवी का टेक्सचर बहुत परफेक्ट होगा और फ्रेश पिसे मसालों की महक और स्वाद भी पूरी ग्रेवी को बदल देगी।
ग्रेवी बनाने के बाद रेस्ट दें
मसालों के साथ ग्रेवी को तैयार करने के बाद उसे समय दें। जब सारे मसाले एक दूसरे में मिक्स होते हैं तो इनका फ्लेवर बढ़ता है। काफी सारी ग्रेवी तो रीहीट करने से और भी ज्यादा टेस्टी बन जाती है। टेस्टी खाने के लिए थोड़ा सब्र जरूरी है।
आखिरी में तड़का जरूर लगाएं
मसालों के साथ परफेक्ट ग्रेवी बनाने के बाद तड़का जरूर ऐड करें। जब आप खाना सर्वकरने वाले हों तो घी या तेल में लाल मिर्च, हींग, जीरा, राई, करी पत्ता या जरूरत के मुताबिक चीजों का तड़का जरूर ऐड करें। जिससे ग्रेवी का टेस्ट दोगुना हो जाए।
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