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नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘डोरोथी’ का अंत हिला देगा दिमाग, इसलिए मिली है 8 की रेटिंग

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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नेटफ्लिक्स पर ट्रेंड कर रही तमिल फिल्म डोरोथी की कहानी इतनी जबरदस्त है कि आप अपनी आंखें भी नहीं झपक पाओगे। कहानी इतनी शानदार है कि IMDB पर इस फिल्म को 8 की रेटिंग मिली हुई है। 

नेफ्लिक्स पर हाल में एक तमिल फिल्म आई है जिसका नाम है ‘डोरोथी’। ये दो दोस्तों की अनोखी कहानी है जो आपको रोने पर मजबूर कर देगी। फिल्म के दो लीड एक्टर्स जिनकी दुनिया एकदम अलग है, एक के पास मां तो दूसरे का परिवार उजड़ चुका है। कहानी आखिरी तक आपको इमोशनल करती है। आप एक उम्मीद भर में इस फिल्म को अंत तक देखते हैं और जब अंत आता है तो आपको हैरान कर देता है। इस फिल्म को IMDB पर शानदार 8 की रेटिंग मिली हुई है।

दो दोस्तों की कहानी हैरान करती है

फिल्म डोरोथी की कहानी एक सीन से होती है जिसमें एक दोस्त कहता है उसने अपने बचपन के सबसे प्यारे दोस्त को जान से मार दिया है। ये सीन देखने के बाद आप सोचेंगे कि कोई अपने बेस्ट फ्रेंड के साथ ऐसा क्यों करेगा। फिर कहानी उन दोनों दोस्तों के बचपन में जाती है। कहानी शुरू होती है जब कार्थी नाम के एक लड़के को स्कूल में बुरी तरह पीटा जा रहा होता है। पूरा स्कूल ये तमाशा देख रहा होता है, तभी एक सुबू नाम के लड़के की एंट्री होती है। वो उन बच्चों से कार्थी को बचाता है और इसी दिन से दोनों अच्छे दोस्त बन जाते हैं।

सुबू की मां और बहन की हो जाती है मौत

छोटा सुबू अपने इस नए दोस्त को अपने घर ले जाता है। उसका बड़ा रईस परिवार होता है, पिता की दादागिरी और गुंडई के आगे गांव में खौफ था। लेकिन घर में सिर्फ पिता और भाई थे, मां, बहन नहीं। सुबू कार्थी को बताता है कि उसकी एक बहन हुआ करती थी जिसे एक लड़के से प्यार हो गया था। जब ये बात उसके पिता को पता चली तो उन्होंने उस लड़के को जान से मरवा दिया। ये सदमा उसकी बहन नहीं बर्दाश्त कर पाई और उसने अपनी जान दे दी। बहन के जाने के बाद उनकी मां भी गुजर गई। सुबू की इस हालत पर कार्थी को दया आ जाती है। वो रोने लगता है।

सुबू और कार्थी की दोस्ती

कार्थी अपने नए दोस्त सुबू को अपने घर ले जाता है। उसकी मां उसे अपने बेटे जैसा प्यार देती है। वो रोने लगता है, फिर कार्थी कहता है मर्द ऐसे नहीं रोते। दोनों जवान हो जाते हैं, सुबू के पिता उसे अपने गुंडई के बिजनेस में शामिल करना चाहते हैं। लेकिन उसका मन तो ऐसे कामों में लगता नहीं। सुबू के पिता को कार्थी पसंद आता है। उन्हें लगता है कि बेटे का दोस्त उनका धंधा आगे बढाने में मदद कर सकता है। कार्थी शामिल भी हो जाता है। और वो बार-बार अपने दोस्त सुबू औरतों की तरह रोने के लिए मना करता है।

डोरोथी का हो जाता है मर्डर

इसी दौरान उसके घर उसका बड़ा भाई लौट कर आता है। उसके भाई ने डोरोथी नाम की एक लड़की से शादी कर ली है। डोरोथी के घर आने से सुबू का घर पूरा लगने लगा था। वो अब अपनी भाभी के साथ घर के काम भी करवाता और दिन भर उससे बातें भी करता। ये सब कार्थी को अच्छा नहीं लगता। सुबू की दुनिया में कोई औरत आ गई थी जो उसे समझती थी, वो कैसा महसूस करता है वो अपनी भाभी को डोरोथी को सब बताता था। तभी एक दिन वो कार्थी के साथ बाहर था। उसे पता चलता है कि घर पर कुछ हंगामा हुआ है। वो घर पहुंचता है तो डोरोथी की डेड बॉडी मिलती है। उसने फांसी लगा ली थी। लेकिन जब वो अपने पिता और भाई की हालत और उनके शरीर पर निशान देखता है तो समझ जाता है कि ये आत्महत्या नहीं बल्कि मर्डर है। वो खूब रोता है। उसका एक सहारा था जो अब नहीं रहा।

सुबू बचाता है अपने दोस्त की जान

इसके बाद सुबू बदल जाता है। वो अपने बाल बढ़ा लेता है और खुद को कमरे में बंद कर लेता है। जब वो बाहर आता है तो उसका ये रूप देख सब हैरान हो जाते हैं। वो औरत बन जाता है। वो हमेशा से खुद को औरत ही महसूस करता था। लेकिन सुबू के पिता और भाई समाज के डर से उसे मारना चाहते हैं। वो भाग जाता है और कार्थी की मां से अपने इस नए अवतार में मिलता है। इसी दौरान सुबू के पिता उसके दोस्त कार्थी को ही बंदूक थमाते हैं और उसे मारने को कहते हैं। वो धमकी देते हैं कि अगर तूने सुबू को नहीं मारा तो उसकी मां को मार दिया जाएगा। कार्थी ये ऑफर स्वीकार कर लेता है और सुबू को मारने निकल पड़ता है। वो एक मंदिर में सुबू पर बंदूक तान देता है, तभी अचानक उसे एक बिच्छू का डंक लग जाता है। सुबू सबकुछ भूलकर उसे बचाता है। कार्थी को यकीन होता है कि उसका दोस्त कितना अच्छा है। वो इसे किनंर समाज के पास भागने को कहता है। और अपनी मां को बचाने के लिए एक डेड बॉडी लेता है। उसकी पहचान छुपा कर सुबू के पिता के सामने पेश कर देता है।

अंत करता है हैरान

सुबू अपनी अलग दुनिया शुरू कर चुका है। वो औरतों की तरह जीवन जीने लगा है। दूसरी तरह कार्थी है उसे हर वक्त अपने दोस्त का ख्याल आने लगा है और उसे एहसास होता है कि वो सुबू से प्यार करता है। वो फिर गुजरात के किन्नर समाज जाता है और अपने दोस्त सुबू को एक औरत बने देख हैरान होता है। इसके बाद वो अपने ही दोस्त को पत्नी के रूप में स्वीकार कर लेता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN