Home World News hindi पहली विदेश यात्रा के लिए मलेशिया जाएंगे बांग्लादेशी PM तारिक रहमान, फिर...

पहली विदेश यात्रा के लिए मलेशिया जाएंगे बांग्लादेशी PM तारिक रहमान, फिर चीन का सफर; भारत ने भी दिया है न्योता

4
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए मलेशिया जा रहे हैं। इसके बाद वह चार दिवसीय यात्रा के लिए चीन जाएंगे, जहां पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग के साथ मुलाकात होगी।

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान अपनी विदेश नीति को चुनते हुए दिख रहे हैं। आम तौर पर बांग्लादेश में प्रधानमंत्री पद पर निर्वाचित होने वाला व्यक्ति पहली विदेश यात्रा के लिए भारत या चीन का दौरा करता है। लेकिन महीनों से इस पहेली का हल खोज रहे तारिक रहमान ने अपना रास्ता चुन लिया है। बांग्लादेशी प्रधानमंत्री पहली विदेश यात्रा के लिए मलेशिया जाएंगे। फिर वहाँ से वह चार दिवसीय चीन दौरे पर जाएंगे। यहां वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग से मुलाकात करेंगे।

बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री तारिक रहमान रविवार को मलेशिया के लिए रवाना होंगे। यहाँ दो दिन तक उनके कार्यक्रम चलेंगे। इसमें दोनों देशों के बीच में व्यापार, निवेश, एनर्जी सेमीकंडक्टर को लेकर चर्चा तेज होगी। दो दिवसीय दौरे को पूरा करने के बाद रहमान चार दिवसीय चीन यात्रा पर जाएंगे। यहां पर वह विश्व आर्थिक मंच (WEF) की बैठक में हिस्सा लेंगे। इसके बाद वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग से बातचीत करेंगे।

तीस्ता नदी के प्रोजेक्ट पर हो सकता है फैसला

प्रधानमंत्री तारिक रहमान की चीन यात्रा को लेकर बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय की तरफ से भी जानकारी सामने आई है। विदेश मंत्रालय के सचिव असद आलम सियाम के मुताबिक चीन और बांग्लादेश के बीच इस यात्रा के दौरान 17 द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद हैं। इसमें तीस्ता नदी के मैनेजमेंट, ड्रेजिंग सिस्टम और तटबंध को लेकर भी चर्चा होगी। इसके अलावा बांग्लादेश के मोंगला बंदरगाह को भी विकसित करने पर बात होगी।

बता दें, शेख हसीना के समय तीस्ता नदी के मैनेजमेंट के लिए भारत सरकार और तत्कालीन बांग्लादेश सरकार में एक सहमति बन गई थी। लेकिन सत्ता परिवर्तन होने के बाद यह डील भी ठंडे बस्ते में चली गई। चूंकि तीस्ता नदी परियोजना भारत के सिलिगुड़ी कॉरिडोर के नजदीक है। ऐसे में भारत की भी इस पर नजर रहती है। अब अगर चीन इसके करीब आता है, तो यह भारत के लिए परेशानी की बात होगी।

भारत ने दिया था न्योता, लेकिन बांग्लादेश की ‘न’

शेख हसीना से मजबूत संबंधों और भारत में उनकी मौजूदगी से दोनों देशों के बीच में संबंध तनाव पूर्ण हैं। हालांकि, जब आम चुनाव में तारिक रहमान की पार्टी जीतकर आई तो प्रधानमंत्री मोदी ने कूटनीतिक पहल करते हुए सबसे पहले तारिक रहमान को बधाई दी। इसके बाद उनके शपथ ग्रहण समारोह में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और विदेश मंत्री एस जयशंकर को भी भेजा गया। यहां पर रहमान को भारत आने का न्योता भी दिया गया। लेकिन रहमान ने अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

भारत और चीन से बराबर दूरी पर रहमान?

भारत के पड़ोसी देशों में आम तौर पर यह प्रवृत्ति पाई जाती है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद कोई भी व्यक्ति पहले भारत या चीन की यात्रा करता है। इससे उस व्यक्ति का झुकाव किस तरफ रहेगा इसके संकेत मिलने लगते हैं। हालांकि, बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के दौरान भारत लगातार बेहतर स्थिति में था। अब जबकि नई सरकार बन गई है, तो स्थिति पलट गई है। हालांकि, रहमान ने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए मलेशिया को चुनकर ‘बांग्लादेश फर्स्ट’ की नीति का पालन करते हुए चीन और भारत से बराबर दूरी बनाकर रखी है। हालांकि, शेख हसीना की भारत में मौजूदगी ढाका और नई दिल्ली के रिश्तों में तल्खी का काम कर रहे हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN