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पुणे की युवती पर मंगेतर की हत्या करने का आरोप, साथी भी ग़िरफ़्तार, पुलिस ने क्या बताया

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Source :- BBC INDIA

केतन अग्रवाल

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पुणे पुलिस ने एक युवती को अपने मंगेतर की हत्या करने के आरोप में गिरफ़्तार किया है. उसके साथी को भी गिरफ़्तार किया गया है. आरोप है कि युवती ने अपने साथी की मदद से मंगेतर को लोहगढ़ क़िले से धक्का दे दिया.

पुलिस ने पत्रकारों को बताया कि इसके बाद युवती ने इसे हादसे का रूप देने की कोशिश की थी.

मृतक युवक का नाम केतन अग्रवाल है. पुलिस ने हत्या के आरोप में सिया गोयल और उनके साथी चेतन चौधरी को गिरफ़्तार किया है.

सिया गोयल अपने मंगेतर केतन अग्रवाल के साथ महाराष्ट्र के पुणे में स्थित लोहगढ़ घूमने गई थीं. हालांकि चेतन चौधरी के वकील राम शहाने ने दावा किया कि पुलिस के पास उनके लोहगढ़ इलाके में मौजूद होने या वहां घूमने का कोई ठोस सबूत नहीं है.

सिया ने शिकायत दी थी कि गिरने से केतन की मौत हो गई.

पुलिस ने दावा किया कि जांच में युवती के पुराने प्रेम संबंध का पता चला और फिर मामले को हत्या के रूप में दर्ज किया गया.

पुलिस ने क्या बताया

पुणे ग्रामीण के एसपी संदीप गिल

पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक (एसपी) संदीप गिल ने पत्रकारों को बताया कि शक पैदा होने के बाद पुलिस ने जांच की, जिसके दौरान दोनों अभियुक्तों ने अपराध क़बूल कर लिया.

बीबीसी मराठी ने अभियुक्तों, उनके परिवारों और उनके वक़ीलों से संपर्क करने की कोशिश की. अभी तक उनकी तरफ़ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है.

पुणे के मावल तालुका के रहने वाले केतन अग्रवाल की कुछ महीने पहले पुणे के मार्केट यार्ड इलाक़े की रहने वाली सिया गोयल से सगाई हुई थी.

दोनों की सगाई इसी साल फ़रवरी में हुई थी और शादी एक या दो महीने में होने वाली थी.

लेकिन जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि शादी तय होने से पहले ही सिया का एक अन्य युवक चेतन चौधरी के साथ प्रेम संबंध था.

सिया, चेतन के साथ रिश्ते में होने की वजह से केतन के साथ तयशुदा शादी के लिए राज़ी नहीं थी. इसलिए आरोप है कि सिया और चेतन ने शादी से बचने के लिए मिलकर केतन की हत्या करने का फ़ैसला किया.

आरोप है कि दोनों ने हत्या को हादसा दिखाने के लिए केतन को लोहगढ़ क़िले से धक्का देकर मारने की साज़िश रची.

पुलिस ने यह भी बताया है कि तीनों परिवारों के मार्केट यार्ड इलाक़े में अलग-अलग कारोबार हैं.

घटना के समय क्या हुआ था?

संदीप गिल

केतन और सिया की शादी जल्द होने वाली थी. आरोप है कि इसलिए सिया चेतन से सलाह-मशविरा के बाद 18 जून को केतन को घूमने के बहाने लोहगढ़ क़िले ले गई.

एसपी संदीप गिल के मुताबिक़, शुरुआत में सिया और केतन ही लोहगढ़ क़िले गए थे.

कुछ समय बाद चेतन भी वहां पहुंचा. पुलिस के मुताबिक़, उसने केतन को खाई में धक्का दे दिया, जिससे वह क़िले के पश्चिमी हिस्से की तरफ़ गिर गया और घायल हो गया.

इसके बाद सिया चिल्लाने लगी और वहां मौजूद सुरक्षा कर्मी मदद के लिए पहुंचे. उस समय केतन का शव क़िले के पश्चिमी हिस्से की झाड़ियों में मिला.

घटना के बाद सिया गोयल ने पुलिस को बताया, “क़िले में घूमते समय केतन का पैर फिसल गया और वह गहरी खाई में गिर गया.”

इसी वजह से पुलिस ने शुरुआत में मामले को आकस्मिक मौत के तौर पर दर्ज किया.

जब पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मौत दर्ज कर जांच के तहत बयान लेने शुरू किए, तो जांच के दौरान कुछ संदिग्ध बातें सामने आईं.

जांच के दौरान कुछ रिश्तेदारों ने पुलिस को बताया कि पिछले कुछ दिनों में केतन और सिया के बीच कई बार बहस हुई थी. इससे पुलिस को शक हुआ और उसने जांच शुरू की.

वहीं अभियुक्त चेतन चौधरी के वकील राम शहाने ने मीडिया से कहा, “पुलिस ने जांच के मद्देनज़र दोनों अभियुक्तों के लिए 7 दिनों की पुलिस हिरासत की मांग की थी. पुलिस द्वारा प्रस्तुत रिमांड के आधारों पर विचार करने के बाद अदालत ने भी 7 दिनों की पुलिस हिरासत मंजूर की है. अभियुक्त नंबर दो चेतन चौधरी के खिलाफ इस एफआईआर में कोई सीधा आरोप नहीं है. उसे सिर्फ लड़की का दोस्त होने के कारण इस मामले में शामिल किया गया है. साथ ही, पुलिस के पास चेतन चौधरी के लोहगढ़ इलाके में मौजूद होने या वहां घूमने का कोई ठोस सबूत नहीं है और इस संबंध में अदालत में कोई दस्तावेज भी पेश नहीं किए गए हैं.”

जांच में पुलिस को क्या पता चला?

अपराध

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पुलिस ने दावा किया कि जांच में सामने आया कि सिया का कुछ समय से चेतन के साथ प्रेम संबंध था. इसके बाद मामले की जांच के लिए दो विशेष जांच दल बनाए गए.

इसी बीच केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया कि सिया और चेतन ने मिलकर केतन की हत्या की साज़िश रची.

इसके बाद पुलिस ने मामले की तकनीकी जांच की. इसमें पता चला कि घटना वाले दिन चेतन चौधरी लोहगढ़ क़िले के इलाक़े में मौजूद थे.

मामला दर्ज होने के बाद स्थानीय अपराध शाखा की टीम ने चेतन चौधरी की तलाश कर हिरासत में लिया. बाद में पूछताछ के दौरान हत्या से जुड़े चौंकाने वाली बात पता चली.

पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद सिया ने इसे हादसा दिखाने की कोशिश की. सिया ने पुलिस को बताया था कि केतन का पैर फिसल गया और वह खाई में गिर गया.

हालांकि जांच से मिले तकनीकी सबूतों, घटनास्थल की परिस्थितियों और अभियुक्तों की गतिविधियों की पड़ताल के बाद पुलिस ने पूरी साज़िश का विवरण दिया.

सिया, केतन से शादी के लिए राज़ी नहीं थी. सिया और चेतन को लगने लगा था कि केतन उनके बीच बाधा हैं, इसलिए उन्होंने हत्या कर दी.

एसपी संदीप गिल ने यह भी कहा कि इस मामले के अभियुक्तों ने अपना जुर्म क़बूल कर लिया है.

केतन अग्रवाल के पिता ने क्या कहा

केतन अग्रवाल के पिता

केतन अग्रवाल के पिता ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, “उनकी फ़रवरी में सगाई हुई थी. वे 6 तारीख़ को बाली जाने वाले थे. चार लोग एक साथ बाली जा रहे थे, लेकिन सिर्फ़ केतन का पासपोर्ट चोरी हो गया. इसकी वजह से वह नहीं जा सका और उसे एयरपोर्ट से वापस लौटना पड़ा.”

उन्होंने आरोप लगाया, “चेतन चौधरी दोपहिया वाहन से लोहगढ़ क़िले पहुंचा. दोनों (चेतन चौधरी और सिया गोयल) एक साथ ऊपर गए, उन्होंने केतन अग्रवाल पर किसी चीज़ से हमला किया और फिर उसे ऊपर से नीचे फेंक दिया.”

“पुलिस ने काफ़ी मदद की और मामले को बहुत जल्दी सुलझा लिया. स्थानीय ग्रामीण एसपी संदीप सिंह गिल ने असाधारण सहयोग दिया. उन्होंने तुरंत हमें पूरी जानकारी दी और दोनों लोगों को गिरफ़्तार कर लिया.”

“चेतन चौधरी को बीती रात (22 जून) गिरफ़्तार किया गया, जबकि सिया को आज सुबह (23 जून) गिरफ़्तार किया गया. अब दोनों को अदालत में पेश किया जा रहा है. अगर वह शादी नहीं करना चाहती थी, तो वह साफ़ तौर पर मना कर सकती थी. हम तुरंत शादी रद्द कर देते.”

उन्होंने कहा, “उन्होंने इतना बड़ा क़दम उठाने का फ़ैसला क्यों किया? उनकी सोच कैसी है? उनकी सोच इतनी क्रूर है कि किसी के 26 साल के बेटे की हत्या कर दी गई. समाज को ऐसी क्रूर सोच पर ध्यान देने की ज़रूरत है. यह सोच कहां से आती है? परिवार से, परवरिश से?”

केतन अग्रवाल की मां पाखी अग्रवाल ने कहा, “आज मेरा बेटा हमसे बिछड़ गया. सिया और उसका प्रेमी इसके लिए पूरी तरह जिम्मेदार हैं. मैंने सिया को अपनी बहू माना था. उसने मुझे बहुत बड़ी धमकी दी थी. उसने झूठ बोला. अब कई बातें सामने आ रही हैं. वह दो-तीन बार हमारे घर आई थी.”

“वह तब भी हमारे घर पूजा के लिए आई थी. वह हमारी जन्मदिन की पार्टी में भी आई थी और वह दो-तीन बार डिनर पर भी घर आई थी.”

पाखी अग्रवाल ने कहा, “मैं उससे कई बार मिली, हम कई बार शॉपिंग करने भी गए. हमें कभी शक नहीं हुआ कि सिया ऐसी लड़की है. उसे मौत की सज़ा मिलनी चाहिए.”

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

SOURCE : BBC NEWS