Home BUSINESS NEWS HINDI पेट्रोल के दाम घटे, डीजल भी हुआ सस्ता…इस सरकार का बड़ा फैसला

पेट्रोल के दाम घटे, डीजल भी हुआ सस्ता…इस सरकार का बड़ा फैसला

4
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

ग्लोबल टेंशन के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इस माहौल में पाकिस्तान की सरकार ने 3 अगस्त तक के लिए पेट्रोल और डीजल के दाम घटा दिए हैं। आइए डिटेल में जान लेते हैं।

क्या है नई बढ़ोतरी?

पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमतों में क्रमशः 12 पैसे और 66 पैसे प्रति लीटर की कटौती की। कीमतों में बदलाव के बाद पेट्रोल की खुदरा कीमत ₹336.03 प्रति लीटर होगी। वहीं, हाई-स्पीड डीजल की कीमत ₹392.38 प्रति लीटर होगी। सरकार पेट्रोल पर ₹110 प्रति लीटर और डीजल पर ₹96 प्रति लीटर का टैक्स और ड्यूटी लगाती रहेगी। नई कीमतें 1 अगस्त से 3 अगस्त तक लागू रहेंगी। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए पाकिस्तान में ईंधन की कीमतें रोजाना तय की जा रही हैं। इससे पहले, सरकार मार्च की शुरुआत से ही ईंधन की कीमतों में साप्ताहिक बदलाव की घोषणा कर रही थी।

₹458.41 तक पहुंची थी पेट्रोल की कीमत

अमेरिका और ईरान की जंग के बाद मार्च के पहले हफ्ते में पेट्रोल की कीमत पाकिस्तानी करेंसी में ₹266 थी लेकिन तीन अप्रैल को बढ़कर ₹458.41 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। वहीं, डीजल की कीमत 3 अप्रैल को दर्ज किए गए ₹520.35 के उच्चतम स्तर से नीचे आ गई है। बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद इसकी कीमत ₹281 प्रति लीटर से बढ़नी शुरू हुई थी।

RLNG की कीमत में बड़ा उछाल

इस बीच, पाकिस्तान में ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी ने अगस्त के लिए रीगैसिफाइड लिक्विफाइड नेचुरल गैस (RLNG) की कीमत में रिकॉर्ड 32% की बढ़ोतरी की घोषणा की। इससे यह सुई नॉर्दर्न गैस पाइपलाइन्स लिमिटेड यानी SNGPL के लिए 25.83 डॉलर प्रति mmBtu और सुई साउथ गैस पाइपलाइन्स लिमिटेड यानी SSGCL के लिए $25.09 प्रति mmBtu हो गई है। इसका मतलब है कि खुदरा कीमत ₹7,204 प्रति mmBtu होगी। यह कीमत स्पॉट मार्केट से आयातित पांच कार्गो पर आधारित है, क्योंकि US-ईरान युद्ध के कारण कतर से कोई शिपमेंट नहीं मिल सका। RLNG की कीमतों में यह अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। यह बढ़ोतरी पिछले महीने तय की गई RLNG कीमत के अलावा है।

बता दें कि पाकिस्तान में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल राजस्व के मुख्य स्रोत हैं। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि इनकी मासिक बिक्री लगभग 7,00,000 से 8,00,000 टन होती है जबकि केरोसिन की मासिक मांग केवल 10,000 टन है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN